फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   कार्यवाही पुस्तिका में फर्जी एंट्री करने के आरोप

कार्यवाही पुस्तिका में फर्जी एंट्री करने के आरोप

Sat, 24 Feb 2018 02:04 AM IST
Updated Sat, 24 Feb 2018 02:04 AM IST
विज्ञापन
कार्यवाही पुस्तिका में फर्जी एंट्री करने के आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

बहादुरगढ़।
नगर पार्षदों ने एक बार फिर कार्यवाही पुस्तिका में अनेक फर्जी एंट्री दर्ज किए जाने के आरोप लगाए हैं और इसके लिए प्रधान को जिम्मेदार ठहराया है। पार्षदों का कहना है कि गत आठ दिसंबर को हुई बैठक में नगर परिषद की कार्यवाही पुस्तिका में 89 प्रस्ताव गलत तरीके से पास कर दिए गए हैं। पालिका अधिनियम के तहत भुगतान का अधिकार प्रधान व कार्यकारी अधिकारी को ही है। इसके बावजूद जो काम भ्रष्टाचार के कारण जांच के दायरे में हैं, उनके भुगतान की मंजूरी भी प्रोसिडिंग बुक में चढ़ा दी गई।
शुक्रवार को जब ये पार्षद प्रेस वार्ता करने के लिए नगर परिषद ऑफिस पहुंचे तो प्रधान कार्यालय और मीटिंग हाल पर ताला लगा था। इससे पार्षदों में रोष फैल गया। इसके बावजूद बरामदे में प्रेस वार्ता हुई। पार्षद संदीप कुमार, प्रेमचंद, प्रवीण राठी, गुरदेव राठी, रमन यादव, शशि कुमार, लक्ष्मी सहवाग के पति समुंद्र सहवाग, सीमा राठी के पति वजीर राठी, रमिता चुघ के पति सुरेंद्र चुघ, रेखा दलाल के पति सोनू दलाल, मोनिका गर्ग के पति गजानंद गर्ग, राममूर्ति के पुत्र मुकेश कुमार, बिमला हुड्डा के पुत्र सोनू हुड्डा व मोनिका राठी के देवर भूपेंद्र राठी समेत 14 पार्षद/प्रतिनिधि इस मौके पर मौजूद थे। वार्ता में आरोप लगाया गया कि 8 दिसंबर 2017 को परिषद की आम बैठक में चर्चा के बिना ही 89 प्रस्ताव गलत तरीके से पास कर दिए गए। इसलिए ये सभी प्रस्ताव फर्जी हैं। अधिकांश प्रस्तावों में प्रस्तावकों के नाम का कोई जिक्र तक नहीं है। इनमें सर्वसम्मति से भुगतान की मंजूरी दिखाई गई है।
विज्ञापन

शुक्रवार को जब 14 पार्षद पत्रकारवार्ता करने नगर परिषद में पहुंचे तो प्रधान कार्यालय व मीटिंग हाल पर ताला लगा दिया गया। जिस पर ये पार्षद नाराज हो गए और एसडीएम जगनिवास व ईओ अपूर्व चौधरी से बात की। इसके बावजूद नगर परिषद के मीटिंग हाल का ताला नहीं खुला। जिस पर गुस्साए पार्षदों ने बरामदे में ही पत्रकारों से बातचीत करते हुए फर्जी प्रस्ताव दर्ज करने के आरोप लगाए। पार्षदों ने कहा कि जिला उपायुक्त झज्जर को साक्ष्यों के साथ लिखित में शिकायत देने पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

परिणामस्वरूप नगर परिषद में भ्रष्टाचार और भेदभाव में गुणात्मक वृद्धि हुई है। जो शासन-प्रशासन की किरकिरी का कारण बन रहे हैं। कोई कार्रवाई नहीं होने से जनता द्वारा चुने गए पार्षदों की भावनाएं आहत हो रही हैं और पालिका अधिनियम की अवहेलना भी हो रही है।


परिषद की ओर से सफाई
परिषद की कार्यवाही पुस्तिका में दर्ज प्रस्तावों के फर्जी होने के आरोप निराधार हैं। सभी प्रस्ताव मीटिंग में सभी पार्षदों ने एक राय से पास किए गए थे। परिषद की व्यवस्था पर सवाल उठाने वाले अपनी राजनीति चमकाने के लिए विकास में बाधा बनना चाहते हैं। मीटिंग हाल को ताला भी मैंने नहीं लगवाया। दरअसल, ईओ के ऑफिस में मरम्मत चल रही है, इसलिए यहां ईओ बैठते हैं। यहां ईओ का अस्थायी ऑफिस होने की वजह से ही किसी ने ताला लगा दिया होगा।
- शीला राठी, चेेयरपर्सन, नगर परिषद बहादुरगढ़।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed