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कटाई के बाद फसलों का बिजली की लाइनों के पास न करें भंडारण : डीसी
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झज्जर। उपायुक्त संजय जून ने रबी सीजन की फसलों की कटाई के दौरान आगजनी की बढ़ती घटनाओं को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को सजग रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए किसानों से भी सतर्कता बरतने का आह्वान किया हैं। उन्होंने यह बात सोमवार को लघु सचिवालय स्थित कांफ्रेंस हॉल में अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।डीसी संजय जून ने कहा कि किसान कटाई के बाद अपनी फसलों का भंडारण बिजली की लाइन के आसपास न करें साथ ही खेत-खलिहान में धूम्रपान भी न करें। कंबाइन से कटाई के दौरान बिजली की लाइनों का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि फसल कटाई का सीजन चल रहा है और यह देखने में आया है कि किसान गेहूं या अन्य फसल की कंबाइन मशीन से कटाई उपरांत खेतों में फसल अवशेषों को जला रहे हैं। खुली व नियंत्रित आगजनी से पास के खेतों में खड़ी फसल में आगजनी की संभावना बनी रहती है, फसल अवशेषों की आग से निकलने वाले जहरीले धुएं से कई गंभीर बीमारियां पैदा होती है, आग की तपिश से जमीन की उर्वरा शक्ति कम होती है, वातावरण में ऑक्सीजन की कमी होती है, जिससे वायु प्रदूषण बढ़ता है। अवशेष जलाने की घटनाओं की निगरानी के लिए जिला, उपमंडल व ग्राम स्तर पर समितियां गठित की गई है। यह समितियां अवशेष जलाने वाली घटनाओं पर निगरानी रखने के साथ-साथ किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के प्रति जागरूक भी करेंगी। इस अवसर पर एडीसी सुशील सारवान, एसडीएम बेरी डा. राहुल नरवाल, एसडीएम बहादुरगढ़ तरुण पावरिया, एसडीएम झज्जर शिखा, डीडीपीओ हरि सिंह श्योराण, तहसीलदार बेरी सुदेश मेहरा, बीडीपीओ बेरी राजपाल चहल, बीडीपीओ बादली रामकरण शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
अवशेष जलाने पर धारा 144 लागू
उपायुक्त संजय जून ने कहा कि फसल अवशेष जलाने पर जिले की राजस्व सीमा में पहले से ही द कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसिजर 1973 की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। निगरानी समितियों को निरंतर निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। इस संदर्भ में एनजीटी द्वारा जारी आदेशों की भी निगरानी समितियों द्वारा पालना करवाई जाएगी। जिलाधीश ने कहा कि संबंधित विभागों को भी इस दिशा में निर्देश दिए गए हैं कि किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के तरीकों के बारे में निरंतर जागरूक करें।
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अवशेष जलाने पर धारा 144 लागू
उपायुक्त संजय जून ने कहा कि फसल अवशेष जलाने पर जिले की राजस्व सीमा में पहले से ही द कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसिजर 1973 की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। निगरानी समितियों को निरंतर निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। इस संदर्भ में एनजीटी द्वारा जारी आदेशों की भी निगरानी समितियों द्वारा पालना करवाई जाएगी। जिलाधीश ने कहा कि संबंधित विभागों को भी इस दिशा में निर्देश दिए गए हैं कि किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के तरीकों के बारे में निरंतर जागरूक करें।
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