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कंपनी को मिली शामलात जमीन बदलने की मंजूरी
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अमर उजाला ब्यूरो
बादली। प्रदेश सरकार ने मॉडल इकोनोमिक टाउनशिप (एमआईटी) कंपनी को 4 गांवों की शामलात भूमि को बदलने की मंजूरी दे दी है। मंजूरी के तहत जमीन एमआईटी को दी जाएगी, जिसके बदले कंपनी जमीन एकत्रित कर पंचायतों को देगी। यह मंजूरी तीन दिन पहले एमआईटी के अधीन आने वाले 4 गांवों की 113 कैनाल जमीन के संबंध में हरियाणा केबिनेट ने दी है। रास्तों से संबंधित जमीन बदलने का मामला लंबे समय से किसानों और कंपनी के बीच चल रहा था। जमीन बेचे जाने के दौरान किसानों को तो खेेती योग्य जमीन की कीमत मिल गई, जबकि खेतों के रास्तों और धाने (सिंचाई नाले) की जमीन का किसानों को कोई लाभ नहीं मिला। ग्राम पंचायतों ने जमीन बदलने का रेजुुलेशन पास कर सरकार के पास भेजा तो मंत्रिमंडल की मंजूरी मिल गई। मंजूरी के तहत सौंधी, कुकड़ौला, दादरी तोए और मुनीमपुर की 113 कनाल जमीन का ट्रांसफर किया गया है। इसमें सौंधी गांव की 13 कैनाल, दादरी तोए की 49 कनाल, मुनीमपुर की 21 कनाल और कुकड़ौला गांव की 30 कनाल जमीन है।
ये है मामला
करीब 10 साल पहले किसानों की जमीन को एसईजेड ने खरीदा था। जमीन खरीदने पर रास्तों और नालों की शामलात जमीन भी कंपनी के पास चली गई। किसान रास्तों की जमीन पर अपना अधिकार जताते है जबकि कंपनी ने अपनी जमीन की तारबंदी कर दी। ऐसे में रास्तों और नालों की जमीन पर अधिकार को लेकर ग्रामीण और कंपनी आमने सामने रही।
कंपनी के बीच में पड़ी रास्तों, नहरों और नालों की जमीन अब किसानों के काम नहीं आ रही थी। ग्राम पंचायतों की मांग पर जमीन को पैमाइश के अनुसार बदलने की मंजूरी दी है। अब ग्रामीणों को इसके बदले में जमीन मिल जाएगी जिसका ग्रामीणों को फायदा होगा।
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ओमप्रकाश धनखड़, कृषि मंत्री।
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बादली। प्रदेश सरकार ने मॉडल इकोनोमिक टाउनशिप (एमआईटी) कंपनी को 4 गांवों की शामलात भूमि को बदलने की मंजूरी दे दी है। मंजूरी के तहत जमीन एमआईटी को दी जाएगी, जिसके बदले कंपनी जमीन एकत्रित कर पंचायतों को देगी। यह मंजूरी तीन दिन पहले एमआईटी के अधीन आने वाले 4 गांवों की 113 कैनाल जमीन के संबंध में हरियाणा केबिनेट ने दी है। रास्तों से संबंधित जमीन बदलने का मामला लंबे समय से किसानों और कंपनी के बीच चल रहा था। जमीन बेचे जाने के दौरान किसानों को तो खेेती योग्य जमीन की कीमत मिल गई, जबकि खेतों के रास्तों और धाने (सिंचाई नाले) की जमीन का किसानों को कोई लाभ नहीं मिला। ग्राम पंचायतों ने जमीन बदलने का रेजुुलेशन पास कर सरकार के पास भेजा तो मंत्रिमंडल की मंजूरी मिल गई। मंजूरी के तहत सौंधी, कुकड़ौला, दादरी तोए और मुनीमपुर की 113 कनाल जमीन का ट्रांसफर किया गया है। इसमें सौंधी गांव की 13 कैनाल, दादरी तोए की 49 कनाल, मुनीमपुर की 21 कनाल और कुकड़ौला गांव की 30 कनाल जमीन है।
ये है मामला
करीब 10 साल पहले किसानों की जमीन को एसईजेड ने खरीदा था। जमीन खरीदने पर रास्तों और नालों की शामलात जमीन भी कंपनी के पास चली गई। किसान रास्तों की जमीन पर अपना अधिकार जताते है जबकि कंपनी ने अपनी जमीन की तारबंदी कर दी। ऐसे में रास्तों और नालों की जमीन पर अधिकार को लेकर ग्रामीण और कंपनी आमने सामने रही।
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कंपनी के बीच में पड़ी रास्तों, नहरों और नालों की जमीन अब किसानों के काम नहीं आ रही थी। ग्राम पंचायतों की मांग पर जमीन को पैमाइश के अनुसार बदलने की मंजूरी दी है। अब ग्रामीणों को इसके बदले में जमीन मिल जाएगी जिसका ग्रामीणों को फायदा होगा।
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ओमप्रकाश धनखड़, कृषि मंत्री।