{"_id":"5a6647284f1c1b805a8b589b","slug":"101516652328-jhajjar-bahadurgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब बंक नहीं मार पाएंगे चीता राइड्र्स, बाइकों पर लगेगा जीपीएस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब बंक नहीं मार पाएंगे चीता राइड्र्स, बाइकों पर लगेगा जीपीएस
Updated Tue, 23 Jan 2018 01:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
सुस्त पड़ चुके चीता राइडर्स को चुस्त करने के लिए पुलिस विभाग ने योजना बना ली है। शहर की सुरक्षा के लिए तैनात किए गए इन राइडर्स की बाइकों पर अब जीपीएस लगाए जाएंगे। फिलहाल जीपीएस का टेस्ट रन चल रहा है। कुछ ही दिनों में इन्हें बाइकों पर लगाया जाएगा। जीपीएस लगने के बाद चीता राइडर्स ड्यूटी से बंक नहीं मार पाएंगे।
16 अगस्त को हुई थी तैनाती
दरअसल, क्षेत्र में छीना-झपटी की वारदातें बढ़ गई थी। इन घटनाओं पर रोक लगाने एवं सुरक्षा के मद्देनजर 16 अगस्त को शहर में 25 चीता राइडर्स की तैनाती की गई थी। खुद पुलिस अधीक्षक बी सतीश बालन ने रेस्ट हाउस से हरी झंडी दिखाकर इन्हें जनसेवा के लिए रवाना किया था। इनकी तैनाती का असर भी हुआ और बाजारों में छेड़छाड़ व छीना झपटी जैसी घटनाएं बेहद कम हो गई। मगर अब ये राइडर्स सुस्त पड़ चुके हैं। लापरवाही की शिकायतें मिलने पर अधिकारियों द्वारा एकाध बार इन्हें दंडित भी किया जा चुका है।
जीपीएस से कसेगा शिकंजा
शुरुआत में बहादुरगढ़ में 25 चीता राइडर्स थे। बाद में दो दादरी भेज दिए गए और दो स्पेशल टास्क फोर्स को दे दिए गए। अब बहादुरगढ़ में केवल 21 राइडर्स रह गए हैं। इन राइडर्स पर शिकंजा कसने के लिए अब पुलिस ने योजना बना ली है। जिला पुलिस की ओर से चीता राइडर्स की बाइकों पर जीपीएस लगाए जाएंगे। पुलिस की गाड़ियों की तरह इन बाइकों को भी जीपीएस के जरिये ट्रैक किया जाएगा ताकि राइडर्स की सही लोकेशन का पता चलता रहे। पुलिस विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, कई बार कुछ राइडर्स राइडिंग के बजाय कहीं जाकर बैठ जाते हैं। इस ढिलाई की वजह से व्यवस्था नहीं बन पा रही। यदि बाइक पर जीपीएस लगा होगा तो खुद ही राइडर मुस्तैद रहेगा। इससे आमजन और पुलिस दोनों को लाभ होगा।
विज्ञापन
जीपीएस का टेस्ट रन
फिलहाल तो बार-बार राइडर्स से ही लोकेशन पूछी जाती है। मगर जीपीएस लगने के बाद खुद ही उसकी लोकेशन ट्रैक की जा सकेगी। दिल्ली में भी राइडर्स की बाइकों पर जीपीएस हैं। उसी तर्ज पर बहादुरगढ़ में भी यह प्रयास किया जा रहा है। अभी दो कंपनियों के जीपीएस मंगवाए गए हैं जिनक ा टेस्ट रन किया जा चुका है। अब एक कंपनी के और जीपीएस का टेस्ट रन होगा। जिस कंपनी के बेहतर होंगे वही जीपीएस बाइकों पर लगवाए जाएंगे।
-लोकेंद्र सिंह, एएसपी बहादुरगढ़
अब बंक नहीं मार पाएंगे चीता राइडर्स, बाइकों पर लगेगा जीपीएस
-राइडर्स पर नकेल कसने के लिए पुलिस विभाग ने बनाई योजना
विज्ञापन
बहादुरगढ़।
सुस्त पड़ चुके चीता राइडर्स को चुस्त करने के लिए पुलिस विभाग ने योजना बना ली है। शहर की सुरक्षा के लिए तैनात किए गए इन राइडर्स की बाइकों पर अब जीपीएस लगाए जाएंगे। फिलहाल जीपीएस का टेस्ट रन चल रहा है। कुछ ही दिनों में इन्हें बाइकों पर लगाया जाएगा। जीपीएस लगने के बाद चीता राइडर्स ड्यूटी से बंक नहीं मार पाएंगे।
16 अगस्त को हुई थी तैनाती
दरअसल, क्षेत्र में छीना-झपटी की वारदातें बढ़ गई थी। इन घटनाओं पर रोक लगाने एवं सुरक्षा के मद्देनजर 16 अगस्त को शहर में 25 चीता राइडर्स की तैनाती की गई थी। खुद पुलिस अधीक्षक बी सतीश बालन ने रेस्ट हाउस से हरी झंडी दिखाकर इन्हें जनसेवा के लिए रवाना किया था। इनकी तैनाती का असर भी हुआ और बाजारों में छेड़छाड़ व छीना झपटी जैसी घटनाएं बेहद कम हो गई। मगर अब ये राइडर्स सुस्त पड़ चुके हैं। लापरवाही की शिकायतें मिलने पर अधिकारियों द्वारा एकाध बार इन्हें दंडित भी किया जा चुका है।
विज्ञापन
जीपीएस से कसेगा शिकंजा
शुरुआत में बहादुरगढ़ में 25 चीता राइडर्स थे। बाद में दो दादरी भेज दिए गए और दो स्पेशल टास्क फोर्स को दे दिए गए। अब बहादुरगढ़ में केवल 21 राइडर्स रह गए हैं। इन राइडर्स पर शिकंजा कसने के लिए अब पुलिस ने योजना बना ली है। जिला पुलिस की ओर से चीता राइडर्स की बाइकों पर जीपीएस लगाए जाएंगे। पुलिस की गाड़ियों की तरह इन बाइकों को भी जीपीएस के जरिये ट्रैक किया जाएगा ताकि राइडर्स की सही लोकेशन का पता चलता रहे। पुलिस विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, कई बार कुछ राइडर्स राइडिंग के बजाय कहीं जाकर बैठ जाते हैं। इस ढिलाई की वजह से व्यवस्था नहीं बन पा रही। यदि बाइक पर जीपीएस लगा होगा तो खुद ही राइडर मुस्तैद रहेगा। इससे आमजन और पुलिस दोनों को लाभ होगा।
विज्ञापन
जीपीएस का टेस्ट रन
फिलहाल तो बार-बार राइडर्स से ही लोकेशन पूछी जाती है। मगर जीपीएस लगने के बाद खुद ही उसकी लोकेशन ट्रैक की जा सकेगी। दिल्ली में भी राइडर्स की बाइकों पर जीपीएस हैं। उसी तर्ज पर बहादुरगढ़ में भी यह प्रयास किया जा रहा है। अभी दो कंपनियों के जीपीएस मंगवाए गए हैं जिनक ा टेस्ट रन किया जा चुका है। अब एक कंपनी के और जीपीएस का टेस्ट रन होगा। जिस कंपनी के बेहतर होंगे वही जीपीएस बाइकों पर लगवाए जाएंगे।
-लोकेंद्र सिंह, एएसपी बहादुरगढ़
अब बंक नहीं मार पाएंगे चीता राइडर्स, बाइकों पर लगेगा जीपीएस
-राइडर्स पर नकेल कसने के लिए पुलिस विभाग ने बनाई योजना