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कई मामलों में कट सकते हैं स्वच्छता के अंक

Wed, 03 Jan 2018 01:41 AM IST
Updated Wed, 03 Jan 2018 01:41 AM IST
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कई मामलों में कट सकते हैं स्वच्छता के अंक
अमर उजाला ब्यूरो
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बहादुरगढ़।
केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय की ओर से स्वच्छ सर्वेक्षण-2018 के लिए केंद्रीय टीम वीरवार को बहादुरगढ़ आएगी। सर्वेक्षण परिणाम में शहर की रैंकिंग सुधारने के लिए नगर परिषद फिलहाल दिनरात सक्रियता से काम कर रही है। तमाम तरह के मानदंडों के आधार पर मंत्रालय ने सर्वेक्षण के कुल 4000 अंक निर्धारित किए हैं। अगर परिषद व और नगर की दूसरी संस्थाओं के स्वच्छता प्रयासों में कमियां मिलीं तो नेगेटिव मार्किंग हो सकती है और नगर की स्वच्छता रैंकिंग सुधरने के बजाय गिर सकती है।
परिषद ने झोंकी ताकत
सर्वेक्षण नियमों के मुताबिक कुल 4000 अंकों में से 1400 अंक सेवा स्तर की प्रगति, 1400 नागरिक प्रतिक्रिया और 1200 अंक प्रत्यक्ष अवलोकन के रखे गए हैं। सर्वेक्षण के परिणाम में बेहतर रैंक हासिल करने के लिए आजकल परिषद की टीम काफी जद्दोजहद कर रही है। हर रोज कर्मचारियों व अधिकारियों की मीटिंग होती है। परिषद ने अपने व ठेकेदार के दोनों स्वच्छता अमलों को काम में झोंक दिया है। जगह-जगह बने डंपिंग स्टेशनों की गति सुधारी जा रही है। कई बाजारों में रात को भी सफाई की जाती है। घर-घर से कूड़ा उठान हो रहा है। स्वच्छता संबंधी रिकार्ड को दुरुस्त किया जा रहा है। अच्छे सिटिजन फीडबैक के लिए नागरिकों को जागरूक करने के अलावा उनसे सहयोग भी मांगा जा रहा है। परिषद के सचिव मुकेश कुमार का कहना है कि पिछले साल सर्वे में बहादुरगढ़ शहर की रैंकिंग 500 में से 353 थी। लेकिन इस बार 4041 शहरों में सर्वे हो रहा है और हम तीनों मापदंडों पर खरा उतरने की कोशिश कर रहे हैं।
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नेगेटिव मार्किंग भी
केंद्र सरकार के शहरी विकास मंत्रालय द्वारा सर्वेक्षण के लिए जारी मानदंडों के मुताबिक, यदि चयनित नमूनों की स्वतंत्र पुष्टि के दौरान प्रगति स्तर की पुष्टि नहीं होती है तो नेगेटिव मार्किंग भी की जाएगी। परिषद के उन चार जोन के 10 परिवारों का नमूना लिया जाएगा जहां कचरे का स्रोत पर ही पृथक्कीकरण किया जा रहा है। यदि तीन या इससे अधिक परिवारों का स्रोत पृथक्कीकरण संबंधी उत्तर नहीं में हुआ तो अंक काट लिए जाएंगे। परिषद क्षेत्र के उन व्यावसायिक क्षेत्रों के 9 दुकानदारों का नमूना लिया जाएगा जहां हर रोज झाड़ू लगती है। यदि दो या इससे अधिक दुकानदारों का उत्तर नहीं में हुआ तो भी अंक कट जाएंगे।
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ओडीएफ की होगी जांच
नगर परिषद शहर को गत सितंबर माह में खुले में शौच मुक्त घोषित कर चुकी है। इसलिए सर्वे टीम खुले में शौच मुक्ति का जायजा लेने के लिए पांच वार्ड देख सकती है। एक या इससे अधिक वार्डों में खुले में शौच की स्थिति मिली तो केंद्रीय टीम 36 अंक काट लेगी। स्कूलों में सक्रिय स्वच्छता समितियां होंगी तो परिषद को लाभ मिलेगा। अन्यथा दो अंक कटेंगे।
पंजीकृत होने चाहिए टैंक खाली करने वाले
आकलनकर्ता द्वारा टैंक खाली करने वाले आपरेटरों की सूची में से किन्हीं चार ऑपरेटरों की पुष्टि के लिए चयन किया जाएगा कि वे पंजीकृत हैं या नहीं और वे इकट्ठे किए गए अपशिष्ट को किस संयंत्र में खाली करते हैं। एक या इससे अधिक आपरेटर का कोई भी उत्तर नहीं में आने पर 14 अंक कट जाएंगे।
शौचालय में जरूर हो जलापूर्ति कनेक्शन
उन व्यक्तिगत शौचालयों का भी निरीक्षण किया जाएगा, जिनके परिषद ने जलापूर्ति कनेक्शन युक्त होने का दावा किया है। टीम इस सूची में से किन्हीं नौ शौचालयों का निरीक्षण करेगी। अगर दो या इससे अधिक शौचालयों में जलापूर्ति कनेक्शन नहीं मिले तो 11 अंक काट लिए जाएंगे। टैंक खाली करने वाले आपरेटर पंजीकृत न होने पर भी अंक काटे जाएंगे। सार्वजनिक शौचालयों की संख्या और इनकी स्थिति भी देखी जाएगी। नालियां बजबजाती मिलीं तो सर्वेक्षण में परिषद को धक्का लग सकता है।
सबके लिए हैं पेट्रोल पंप के शौचालय
सरकार के नियम के अनुसार आम जनता हरेक पेट्रोल पंप के शौचालय की सुविधा का भी इस्तेमाल कर सकती है। जनता को इस बात की जानकारी देने के लिए हरेक पेट्रोल पंप पर सूचना पट लगाना जरूरी है। टीम इनका भी निरीक्षण कर सकती है। अगर बोर्ड नहीं मिले तो छह अंक काट लिए जाएंगे। लैंडफिल पर कमियां मिलने पर 20 अंक कटेंगे। लैंडफिल पर उपलब्ध जैविक कचरे की मात्रा परिषद द्वारा बताई गई मात्रा से अधिक मिली तो 13 अंक कटेंगे। डंप साइट अथवा दस्तावेजों में किसी प्रकार की कमी मिली तो 17 अंक काट लिए जाएंगे। इस तरह सर्वेक्षण में शहर की रैकिंग सुधारना परिषद के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। सफलता मिली तो अमृत योजना के तहत परिषद को स्वच्छता और विकास के लिए अधिक पैसा मिलेगा।

जनता करे सहयोग
हम शहर को साफ सुथरा बनाने का संकल्प लेकर काम कर रहे हैं। नगर निवासी हमारे साथ मिलकर चलेंगे तो शहर चमकता रहेगा। हरेक परिवार को अपने घर में और दुकानदारों को अपनी दुकान में कूड़ादान रखना चाहिए। बाजारों में लोगों को इधर-उधर कूड़ा नहीं फेंकना चाहिए। सार्वजनिक स्थान पर कूड़ा पड़ा हो तो स्वच्छता एप पर मौके की फोटो अपलोड करें, तुरंत सफाई की जाएगी। हमें विश्वास है कि केंद्रीय स्वच्छ सर्वेक्षण-2018 में शहर की रैंकिंग में काफी सुधार आएगा।
-शीला राठी, अध्यक्ष, नगर परिषद बहादुरगढ़।
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