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अब एक भी बिजली ट्रांसफार्मर जमीन पर रखा नजर नहीं आएगा
Updated Sun, 08 Oct 2017 12:55 AM IST
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औसत से कम आउटपुट वाले ट्रांसफार्मर होंगे चेंज
चरखी दादरी।
शहर के कई भागों में लंबे समय से जमीन पर ट्रांसफार्मर रखे हुए हैं। जमीन पर रखे ट्रांसफार्मरों की वजह से आए दिन करेंट लगने से हादसे हो रहे हैं। कई गौवंश की भी मौत हो चुकी है लेकिन अब शहर में अब कोई भी बिजली ट्रांसफार्मर जमीन रखा नजर नहीं आएगा। इसके अलावा सभी पुराने एवं बिना आउटपुट वाले ट्रांसफार्मरों को भी चेंज किया जाएगा। निगम ने इस योजना को डेढ़ माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
जानकारी के अनुसार शहर में इस समय साढ़े 14 हजार बिजली कनेक्शन हैं। शहर में इस समय लाल रंग के ट्रांसफार्मर 963 व पुराने ट्रांसफार्मरों की संख्या करीब 1300 है। शहर में इस समय छह से आठ घंटे के बिजली के कटों के अलावा अब लंबे फॅाल्ट भी उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बनने लगे हैं। कर्मचारियों का अधिकतर समय फाल्ट ठीक करने में ही बीत रहा है। वहीं शहर में लाल रंग के ट्रांसफार्मर मोटी केबल से कनेक्ट हैं। एक ट्रांसफार्मर से करीब 20 मकानों में बिजली आपूर्ति की जाती है। इसके अलावा शहर के 13 सौ पुराने ट्रांसफार्मरों मेें से करीब 35 प्रतिशत ट्रांसफार्मर ओवरलोड चल रहे हैं। थोड़ी-सी बारिश और तेज हवाएं चलने पर ट्रांसफार्मरों में फॉल्ट आ जाता है। एक ट्रांसफार्मर का लोड बढ़ने पर उसके साथ ही दूसरा ट्रांसफार्मर रख दिया जाता है ताकि जैसे-तैसे लोड को कम किया जा सके। एक बार फॉल्ट आ जाने पर उसे ठीक करने के लिए परमिट लेने पर आसपास की कई कालोनियों में बिजली गायब हो जाती है।
शहर में रोजाना तीन लाख यूनिट बिजली की खपत हो रही है। करीब 14 हजार बिजली उपभोक्ता हैं। पावर हाउस की क्षमता 950 एंपीयर है लेकिन लोड बढ़ जाने पर यह अक्सर 850 एंपीयर तक ही लोड उठा पाता है। लोड बढ़ने पर पावर कट लगानी पड़ती है तब जाकर सामान्य बन पाता है। शहर में लाइन लोस इस समय 20 से 30 प्रतिशत तक बना हुआ है। बाहरी कालोनियों में लाइन लोस की मात्रा ज्यादा है।
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बाक्स--खराब ट्रांसफार्मर होंगे चेंज
बिजली निगम ने अब प्लान तैयार की है। इसके तहत जहां भी कोई ट्रांसफार्मर आउटपुट नहीं दे रहा है या औसत से कम आउटपुट दे रहा है उसे चेंज किया जाएगा। शहर के विभिन्न भागों में वर्षों पुराने ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं जो औसत से काफी कम आउटपुट दे रहे हैं। इनमें बार-बार फॉल्ट भी आ रहे हैं। इनकी समय- समय पर मैंटनेंस कर जैसे-तैसे काम चलाया जाता है। कई बार तो रेवाड़ी से विशेषज्ञ बुलाने पड़ते हैं।
बाक्स--- अब जमीन पर ट्रांसफार्मर रखा नजर नहीं आएगा
निगम की प्लान के तहत शहर के विभिन्न भागों में जमीन पर रखे सभी ट्रांसफार्मरों को पोल पर लगाया जाएगा। ऐसे ट्रांसफार्मरों की सूची तैयार कर जल्द ही इनको पोल पर लगाकर समायोजन किया जाएगा। जमीन पर ट्रांसफार्मर रखे होने की वजह से सदा बिजली करेंट का खतरा बना रहता है। कई गायों की बिजली करेंट से मौत हो चुकी है।
बाक्स---डेढ़ माह में होगा सिस्टम ठीक
खराब ट्रांसफार्मर को चेंज करने व जमीन पर रखे हुए ट्रांसफार्मरों को पोल पर लगाने के लिए निगम करीब डेढ़ माह का समय लेगा। अब दीवाली पर्व को देखते हुए भी निगम सतर्क हो गया है। त्योहार पर घरों में भी बिजली की खपत बढने पर लोड बढ़ जाता है। ऐसे में ट्रांसफार्मरों को अपडेट करना निगम जरूरी मान रहा है। जहां पुराने एवं कंडम तारें लगी हैं उनको रिप्लेस किए जाने की भी प्लानिंग है। जिन भागों में लोड ज्यादा है उसे भी संतुलित किया जाएगा ताकि बार- बार ट्रिपिंग की समस्या न होने पाए।
ये हादसे हो चुके जमीन पर रखे ट्रांसफार्मरों से
केस नंबर एक- 23 अगस्त को दिल्ली बाईपास के समीप बिजली ट्रांसफार्मर के करंट से गाय की मौत हुई
केस दो- 22 अगस्त को घिकाड़ा नहर के पास बिजली करंट से गाय मरी। इसी दिन चंपापुरी कालोनी में भी करंट से गाय की मौत हुई।
केस तीन- 27 जुलाई को चिड़िया मोड़ पर बिजली ट्रांसफार्मर करेंट से गाय की मौत हुई।
--वर्जन-
जमीन पर रखे सभी ट्रांसफार्मर पोल पर लगाए जाएंगे। खराब ट्रांसफार्मरों को भी चेंज किया जाएगा।
भागीरथ ,कार्यकारी अभियंता बिजली निगम
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चरखी दादरी।
शहर के कई भागों में लंबे समय से जमीन पर ट्रांसफार्मर रखे हुए हैं। जमीन पर रखे ट्रांसफार्मरों की वजह से आए दिन करेंट लगने से हादसे हो रहे हैं। कई गौवंश की भी मौत हो चुकी है लेकिन अब शहर में अब कोई भी बिजली ट्रांसफार्मर जमीन रखा नजर नहीं आएगा। इसके अलावा सभी पुराने एवं बिना आउटपुट वाले ट्रांसफार्मरों को भी चेंज किया जाएगा। निगम ने इस योजना को डेढ़ माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
जानकारी के अनुसार शहर में इस समय साढ़े 14 हजार बिजली कनेक्शन हैं। शहर में इस समय लाल रंग के ट्रांसफार्मर 963 व पुराने ट्रांसफार्मरों की संख्या करीब 1300 है। शहर में इस समय छह से आठ घंटे के बिजली के कटों के अलावा अब लंबे फॅाल्ट भी उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बनने लगे हैं। कर्मचारियों का अधिकतर समय फाल्ट ठीक करने में ही बीत रहा है। वहीं शहर में लाल रंग के ट्रांसफार्मर मोटी केबल से कनेक्ट हैं। एक ट्रांसफार्मर से करीब 20 मकानों में बिजली आपूर्ति की जाती है। इसके अलावा शहर के 13 सौ पुराने ट्रांसफार्मरों मेें से करीब 35 प्रतिशत ट्रांसफार्मर ओवरलोड चल रहे हैं। थोड़ी-सी बारिश और तेज हवाएं चलने पर ट्रांसफार्मरों में फॉल्ट आ जाता है। एक ट्रांसफार्मर का लोड बढ़ने पर उसके साथ ही दूसरा ट्रांसफार्मर रख दिया जाता है ताकि जैसे-तैसे लोड को कम किया जा सके। एक बार फॉल्ट आ जाने पर उसे ठीक करने के लिए परमिट लेने पर आसपास की कई कालोनियों में बिजली गायब हो जाती है।
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शहर में रोजाना तीन लाख यूनिट बिजली की खपत हो रही है। करीब 14 हजार बिजली उपभोक्ता हैं। पावर हाउस की क्षमता 950 एंपीयर है लेकिन लोड बढ़ जाने पर यह अक्सर 850 एंपीयर तक ही लोड उठा पाता है। लोड बढ़ने पर पावर कट लगानी पड़ती है तब जाकर सामान्य बन पाता है। शहर में लाइन लोस इस समय 20 से 30 प्रतिशत तक बना हुआ है। बाहरी कालोनियों में लाइन लोस की मात्रा ज्यादा है।
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बाक्स--खराब ट्रांसफार्मर होंगे चेंज
बिजली निगम ने अब प्लान तैयार की है। इसके तहत जहां भी कोई ट्रांसफार्मर आउटपुट नहीं दे रहा है या औसत से कम आउटपुट दे रहा है उसे चेंज किया जाएगा। शहर के विभिन्न भागों में वर्षों पुराने ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं जो औसत से काफी कम आउटपुट दे रहे हैं। इनमें बार-बार फॉल्ट भी आ रहे हैं। इनकी समय- समय पर मैंटनेंस कर जैसे-तैसे काम चलाया जाता है। कई बार तो रेवाड़ी से विशेषज्ञ बुलाने पड़ते हैं।
बाक्स--- अब जमीन पर ट्रांसफार्मर रखा नजर नहीं आएगा
निगम की प्लान के तहत शहर के विभिन्न भागों में जमीन पर रखे सभी ट्रांसफार्मरों को पोल पर लगाया जाएगा। ऐसे ट्रांसफार्मरों की सूची तैयार कर जल्द ही इनको पोल पर लगाकर समायोजन किया जाएगा। जमीन पर ट्रांसफार्मर रखे होने की वजह से सदा बिजली करेंट का खतरा बना रहता है। कई गायों की बिजली करेंट से मौत हो चुकी है।
बाक्स---डेढ़ माह में होगा सिस्टम ठीक
खराब ट्रांसफार्मर को चेंज करने व जमीन पर रखे हुए ट्रांसफार्मरों को पोल पर लगाने के लिए निगम करीब डेढ़ माह का समय लेगा। अब दीवाली पर्व को देखते हुए भी निगम सतर्क हो गया है। त्योहार पर घरों में भी बिजली की खपत बढने पर लोड बढ़ जाता है। ऐसे में ट्रांसफार्मरों को अपडेट करना निगम जरूरी मान रहा है। जहां पुराने एवं कंडम तारें लगी हैं उनको रिप्लेस किए जाने की भी प्लानिंग है। जिन भागों में लोड ज्यादा है उसे भी संतुलित किया जाएगा ताकि बार- बार ट्रिपिंग की समस्या न होने पाए।
ये हादसे हो चुके जमीन पर रखे ट्रांसफार्मरों से
केस नंबर एक- 23 अगस्त को दिल्ली बाईपास के समीप बिजली ट्रांसफार्मर के करंट से गाय की मौत हुई
केस दो- 22 अगस्त को घिकाड़ा नहर के पास बिजली करंट से गाय मरी। इसी दिन चंपापुरी कालोनी में भी करंट से गाय की मौत हुई।
केस तीन- 27 जुलाई को चिड़िया मोड़ पर बिजली ट्रांसफार्मर करेंट से गाय की मौत हुई।
--वर्जन-
जमीन पर रखे सभी ट्रांसफार्मर पोल पर लगाए जाएंगे। खराब ट्रांसफार्मरों को भी चेंज किया जाएगा।
भागीरथ ,कार्यकारी अभियंता बिजली निगम