पंजाब: मोहाली के छतबीड़ चिड़ियाघर में क्यूआर कोड से खुलेगी जानवरों की जन्म कुंडली, हर बाड़े के बाहर लगाए जाएंगे
लोगों को जानवरों के बारे में जानकारी देने के लिए छतबीड़ जू प्रबंधन की ओर से पहल की गई है। जानवरों की जानकारी अब क्यूआर कोड के माध्यम से मिलेगी। सैलानियों को इसके लिए लाइनों में नहीं लगना पड़ेगा। क्यूआर कोड हर बाड़े के बाहर लगाए जाएंगे। कोरोना गाइडलाइन का भी सख्ती से पालन किया जाएगा। इसके अलावा कई अन्य प्रोजेक्ट भी तैयार किए गए हैं।
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मोहाली के छतबीड़ चिड़ियाघर में आने वाले लोगों को अब बाड़े में बंद जानवरों के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए लाइनों में लगकर इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अब स्मार्ट फोन से मात्र एक क्यूआर कोड स्कैन करते ही उनके सामने जानवर की पूरी जन्म कुंडली खुल जाएगी। इसके पीछे कोशिश यही है कि एक तो लोग आराम से जानवर के बारे में समझ पाएं। साथ ही कोरोना जैसे हालातों में सामाजिक दूरी जैसे मानकों का पालन आसानी से किया जा सके। इसके अलावा जानवरों की सुरक्षा को लेकर चिड़ियाघर प्रबंधन की ओर से पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।
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विदेश से भी आते हैं लोग
जानकारी के मुताबिक छतबीड़ चिड़ियाघर ट्राईसिटी ही नहीं, बल्कि उत्तर भारत के प्रमुख चिड़ियाघरों में शुमार है। इसे देखने के लिए पूरे देश समेत विदेश से भी सैलानी पहुंचते हैं। ऐसे में सैलानियों की सुविधा के लिए यह पूरी कोशिशें की जा रही हैं। यह प्रक्रिया काफी पहले शुरू हो गई थी, लेकिन अब क्यूआर कोड की व्यवस्था कर दी गई है। साथ ही लोग इस सुविधा को काफी पसंद भी कर रहे हैं। चिड़ियाघर में 53 से अधिक जगह पर ऐसे बोर्ड लगाए गए हैं। बाड़े के बाहर लगे बोर्ड पर अंग्रेजी और पंजाबी में जानकारी दी गई है।
कई भाषाओं का रहेगा ऑप्शन
क्यूआर कोड में कई भाषाओं का ऑप्शन रहेगा। इसके अलावा लोग जानवरों को नुकसान न पहुंचा पाएं, इस बात का भी ध्यान रखा जा रहा है। इसके लिए जानवरों के बाड़े के किनारों पर करीब सात फुट ऊंची स्टील की ग्रिल लगाई जा रही हैं। जिससे कोई भी व्यक्ति जानवरों को किसी भी तरह से नुकसान न पहुंचा सके। क्योंकि कई जगह सैलानी जानवरों को तंग करते हैं। हालांकि जू अथॉरिटी की ओर से ऐसे लोगों से निपटने के इंतजाम किए जाते हैं। लेकिन भीड़ अधिक होने पर स्थिति काफी खराब हो जाती है। ऐसे में इस चीज से लोगों को काफी फायदा होगा।
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चिड़ियाघर में सभी मुलाजिमों का हो चुका टीकाकरण
चिड़ियाघर प्रबंधन से मिली जानकारी के मुताबिक चिड़ियाघर में कोरोना गाइडलाइन का पूरा पालन किया जा रहा है। चिड़ियाघर में तैनात सभी मुलाजिमों का कोरोना टीकाकरण हो चुका है। अधिकारियों के मुताबिक शाम 4 बजे के बाद चिड़ियाघर में किसी की एंट्री नहीं होती। इसके अलावा हर सोमवार को चिड़ियाघर में छुट्टी रहती है और चिड़ियाघर में निजी वाहन, तंबाकू, हथियार, शराब और प्लास्टिक बैग लेकर जाने पर पाबंदी है।
डायनासोर पार्क समेत कई ब्लॉक हैं आकर्षण का केंद्र
छतबीड़ चिड़ियाघर प्रबंधन की ओर से लोगों के आकर्षण के लिए कुछ न कुछ नया किया जाता है। इसके मद्देनजर कुछ समय पहले यहां पर डायनासोर पार्क स्थापित किया गया था और यह प्रोजेक्ट सैलानियों के मनोरंजन के लिए काफी कामयाब रहा है। इसे एक निजी कंपनी के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसके लिए सैलानियों को अलग से टिकट लेना पड़ता है। इसमें डायनासोर के अलावा कई अच्छे सेल्फी प्वाइंट भी हैं। जोकि सैलानियों को खूब भाते हैं।
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चिड़ियाघर में केवल साइकिल और बैटरी वाले वाहनों की ही एंट्री
छतबीड़ चिड़ियाघर के अंदर लोगों के निजी वाहन ले जाने पर पूरी तरह पाबंदी है। यहां पर केवल बैटरी से चलने वाले वाहन ही चलते हैं। 6 सीटों वाली गाड़ी के लिए 500 और 12 सीट वाली के लिए 1000 रुपये तय हैं। वहीं, अगर कोई साइकिल पर जू में घूमना चाहता है, तो इसके लिए 20 रुपये की टिकट लेनी होती है। चिड़ियाघर की वेबसाइट पर जानकारी के मुताबिक जू की ओर से मुफ्त में व्हीलचेयर भी मुहैया करवाई जाती है। हालांकि जानवरों के लिए घास आदि लेकर जाने वाले वाहन अंदर तक जाते हैं। इसके अलावा वहां पर काम करने वाले मुलाजिम अपनी बाइक पर जाते हैं।