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पंजाब निवेशक सम्मेलन पर सवाल: उद्योगपति बोले-साढ़े चार साल में नहीं निकला चिमनियों से धुंआ, दो माह में कैसे होगा करिश्मा
Thu, 28 Oct 2021 11:06 AM IST
प्रमोद कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, लुधियाना
अमर उजाला ब्यूरो, लुधियाना
Published by: प्रमोद कुमार
Updated Thu, 28 Oct 2021 11:06 AM IST
सार
चौथे प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन पर पंजाब की कई एसोसिएशनों ने सवाल उठा दिए हैं। इनके पदाधिकारियों ने कहा कि अगर साढ़े चार साल में पंजाब में एक लाख करोड़ का निवेश हुआ है, तो मंत्री को क्यों हटाया गया। अब दो माह सरकार के शेष बचे हैं। इनमें वह क्या कर लेगी। निवेश नहीं हुआ, कंपनियों ने मजबूरी में अपना विस्तार किया है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
चौथा प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन बुधवार को लुधियाना में समाप्त हो गया। इस सम्मलेन को लेकर जहां पंजाब सरकार अपनी पीठ थपथपा रही है, वहीं, कई एसोसिएशनों ने सरकार के फैसलों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। ऑल इंडस्ट्री एंड ट्रेड फोरम के प्रधान बदीश जिंदल साफ कहते हैं कि पंजाब सरकार दावा कर रही है कि वह चिमनियों से दोबारा धुंआ निकाल देगी। सवाल यह है कि साढ़े चार में कुछ नहीं कर पाए, तो दो माह में कौन सा करिश्मा हो जाएगा पंजाब में।
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कारोबारियों को बीच में क्यों लटकाया
पंजाब सरकार दावा कर रही है कि बीते साढ़े चार साल में एक लाख करोड़ का निवेश पंजाब में हुआ है, तो फिर उन्हें अपना पुराना मंत्री क्यों बदलना पड़ा। इस सम्मेलन में एमएसएमई को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया है। कंपनियों के विस्तार को निवेश कहा जा रहा है। बदीश जिंदल ने कहा कि सरकार ने चालीस हजार केस खत्म कर दिए, फिर आठ हजार कारोबारियों को बीच में क्यों लटका दिया। सब कुछ एक बार में साफ कर देना चाहिए था। सरकार का वायदा था कि पांच रुपये बिजली यूनिट दी जाएगी।
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मीडियम इंडस्ट्री ज्यादा दे रही चार्ज
अब मीडियम इंडस्ट्री को फिक्स चार्ज में 50 फीसदी छूट दी गई है। मीडियम इंडस्ट्री तो पहले से 11 फीसदी ज्यादा चार्ज दे रही है। कंपनी के विस्तार को पंजाब सरकार निवेश बता रही है। अगर बड़ी कंपनियां विस्तार नहीं करेंगी, तो वह प्रतियोगिता में कैसे रहेंगी। एक उदाहरण के तौर पर पंजाब पॉलिसी है कि अगर फर्नेस तीन साल में अपना विस्तार करती है, तो उसे बिजली बिल में 13
फीसदी सरचार्ज नहीं लगेगा।
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हर फर्नेस की विस्तार की मजबूरी
ऐसे में हर फर्नेस की मजबूरी है कि वह तीन साल बाद अपना विस्तार करे। एक बड़ी फर्नेस का एक माह का बिजली का बिल दो से पांच करोड़ रुपये बैठता है। अगर वह विस्तार करते हैं, तो 13 फीसदी फायदा उठा सकते हैं। ऐसे में यह तो सभी की मजबूरी है। अगर पंजाब में एक लाख करोड़ रुपये का निवेश हुआ, तो सरकार यह बताए कि देश की बेरोजगारी दर 5.3 फीसदी है, तो पंजाब की 7.7 फीसदी क्यों है।
सीआईसीयू ने किया घोषणाओं का स्वागत
चैंबर ऑफ इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल अंडरटेकिंग के प्रधान उपकार सिंह आहुजा ने इंडस्ट्री के लिए सीएम की तरफ से की गई घोषणाओं का स्वागत किया है। आहुजा ने कहा कि इंडस्ट्री की लंबे समय से वैट केसों को खत्म करने की मांग थी, इसमें चालीस हजार केसों को सरकार ने खत्म कर दिया है। वहीं, आठ हजार केसों को लेकर भी काफी राहत दी गई है।
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सरकार तुरंत लागू करे घोषणाएं
यूनाइटेड साइकिल पार्ट्स मेन्युफैक्चरर एसोसिएशन के प्रधान डीएस चावला ने सरकार की घोषणाओं का स्वागत करते इन्हें तुरंत लागू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वे सोमवार को ही सीएम से मिलकर यह सभी मांगें रखकर आए थे। लेकिन सरकार मिक्स लैंड में लगी इंडस्ट्री को राहत देना भूल गई है। इसलिए उनकी मांग है कि सरकार इस मुद्दे पर तुरंत विचार कर इस पर कुछ बड़ा फैसला ले। जब तक इस मामले पर कोई फैसला नहीं होता है, उस समय तक मिक्सलैंड में लगी इंडस्ट्री को वहां से हटाया न जाए।