लुधियाना: नौकरी के लिए रोते हुए सीएम चरणजीत चन्नी से मिलने पहुंचीं पोलियोग्रस्त वेटलिफ्टर रमनदीप, पुलिस ने मिलने से रोका
पोलियोग्रस्त वेटलिफ्टर रमनदीप पंजाब के सीएम चरणजीत चन्नी से मिलने के लिए पहुंची थीं। पुलिस ने उन्हें मिलने से रोक दिया। उन्होंने कहा कि हरियाणा के खिलाड़ियों को देने के लिए सरकार के पास दो करोड़ रुपये हैं और उन्हें नौकरी तक नहीं दी जा रही। खिलाड़ी अपने साथ दो दर्जन से ज्यादा मेडल लिए हुए थीं, जिनको विभिन्न प्रतियोगिताओं में उन्होंने जीता है।
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2017 में साउथ अफ्रीका में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन करने वालीं लुधियाना की रमनदीप कौर सिर्फ एक नौकरी के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। मंगलवार को जब उन्हें पता चला कि सीएम चरणीत सिंह चन्नी लुधियाना के सर्किट हाउस पहुंच रहे हैं, तो वे अपने दो दर्जन से ज्यादा मेडल लेकर और ब्लेजर पहनकर उनसे मिलने तो पहुंच गईं, पर उनकी मुलाकात सीएम से नहीं हो सकी। रमनदीप कौर ने बताया कि वे सुबह सात बजे ही वह सर्किट हाउस के पास पहुंचीं, तो पुलिस अधिकारियों ने बाद में मिलाने का वायदा करके वहां से हटा दिया।
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नेशनल गेम्स के लिए कर चुकी हैं क्वालीफाई
आखिरकार वे सर्किट हाउस के पास एक बिल्डिंग में व्हीलचेयर पर बैठ सीएम से मिलने का इंतजार ही करती रह गईं। उन्हें वहां भी नहीं मिलने दिया गया। रमनदीप कौर रोते हुए बोलीं कि हरियाणा के खिलाड़ियों को देने के लिए दो करोड़ रुपये हैं, पर उनके लिए एक नौकरी नहीं है। वे खेल में भविष्य देख रहे युवाओं को एक ही बात कहेंगी कि इसमें अपनी जिंदगी बर्बाद न करें अन्यथा उनकी तरह हाल होगा। वे जनवरी 2022 में दिल्ली में होने जा रहे नेशनल गेम्स में क्वालीफाई कर चुकी हैं।
परिवार की आर्थिक स्थिति खराब
रमनदीप कौर ने बताया कि उनका पति टैक्सी चलाता है। परिवार में उनकी दो बेटियां हैं, अब हर कोई अंदाजा लगा सकता है कि उनकी आर्थिक स्थिति क्या है। एक बेटे को वे नौकरी के चक्कर में खो चुकी हैं। ग्रेजुएशन तक पढ़ाई की है। वे अब तक दो दर्जन के करीब मेडल जीत चुकी हैं। वर्ष 2017 में साउथ अफ्रीका में कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान गोल्ड मेडल हासिल किया था। इसके साथ ही नेशनल गेम्स में वे गोल्ड मेडलिस्ट रहीं और रिकॉर्ड होल्डर भी रहीं। नेशनल और प्रदेश स्तर के खेलों में तो उन्हें खुद नहीं पता कि उनके कितने मेडल हैं। देश की इतनी सेवा करने के बाद भी उन्हें एक नौकरी तक नहीं मिल रही है।
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पूर्व सीएम से लेकर कई नेताओं के आगे लगाई गुहार
रमनदीप कौर ने बताया कि सिर्फ एक नौकरी की तलाश में वे पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से मिलने के पता नहीं कितने चक्कर लगा चुकी हैं। उनके हाथ निराशा लगी है। खेल के प्रति उनके दिल में पैशन है, वे अपाहिज हैं, पर लाचार नहीं। नौकरी के लिए 9 अगस्त 2018 को नवजोत सिद्धू से मिली थी, पर आश्वासन के अतिरिक्त कुछ नहीं मिला। 15 अगस्त 2018 को राणा सोढ़ी से मिली, पर उनसे भी आश्वासन ही मिला।