हिसार में बड़ी वारदात: बीच बाजार चाकुओं से हमला कर युवक की हत्या, परिजनों ने लगाया इलाज न देने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि एमएलआर कटवाने के चक्कर में उपचार में देरी हुई। जिस कारण अमित ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने बताया कि अमित शादीशुदा था और उसकी तीन बेटियां हैं।
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हिसार में रविवार शाम बीच बाजार कुछ युवकों ने चाकुओं से हमला कर हत्याकांड को अंजाम दिया। जानकारी के अनुसार पटेल नगर में मिठाई की दुकान के सामने एक युवक अमित पर कुछ अन्य युवकों ने चाकू कुर्सी, डंडे, बिंडो और ईंटों से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।
भीड़ एकत्रित होते देख हमलावर मौके से फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल युवक को अस्पताल में दाखिल करवाया गया, जहां उसने कुछ देर बाद दम तोड़ दिया।
सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। वारदात के दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस को बताया कि घायल युवक को आरोपी युवक सब्जी मंडी तरफ से यहां तक पीटते लाया और उस पर कुर्सी और चाकू से भी हमला किया।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार घायल युवक पटेल नगर निवासी अमित उर्फ शिखंडी है। पुलिस ने बताया कि 31 मई को अमित ने दो अन्य युवकों पर जुनेजा क्लीनिक के नजदीक हमला कर घायल कर दिया था।
पुलिस ने बताया कि उस दौरान अमित उर्फ शिखंडी के खिलाफ सिविल लाइन थाने में केस दर्ज किया था। आज उस पक्ष ने मौका मिलते ही अमित पर हमला कर घायल कर दिया। कुछ देर बाद उपचार के दौरान अमित ने दम तोड़ दिया।
सिविल लाइन थाना में हुआ था ये मामला दर्ज
31 मई को पटेल नगर निवासी विजय ने सिविल लाइन थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 31 मई को वह अपने दोस्त पटेल नगर निवासी मिट्ठू, विकास जुनेजा क्लीनिक के पास गली में खड़ा था। उस दौरान अमित उर्फ शिखंडी, अनूप, सोनी व रजत हुड्डा ने उस पर हमला किया था।
परिजनों ने लगाया चिकित्सक पर उपचार देने में देरी का आरोप
अमित की मौत के बाद नागरिक अस्पताल में मौजूद परिजनों ने हंगामा भी किया। इस दौरान उन्होंने निजी अस्पताल के चिकित्सक पर उपचार देने में देरी का आरोप लगाया है।
परिजनों का कहना है कि जब अमित को निजी अस्पताल ले जाया गया तो निजी अस्पताल के चिकित्सक ने उपचार देने के बजाय उन्हें कहा कि पहले एमएलआर कटवाकर लाओ। इसके बाद वह अमित को स्कूटी पर बिठाकर नागरिक अस्पताल पहुंचे। उसके बाद एंबुलेंस से अमित को उसी अस्पताल ले जाया गया।
डीआईजी ने किया मौका मुआयना, सात टीमें गठित
वारदात के बाद डीआईजी बलवान सिंह राणा स्वयं वारदात स्थल पर पहुंचे और अहम साक्ष्य जुटाए। डीआईजी बलवान सिंह राणा ने बताया कि वारदात को सुलझाने के लिए सात टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों में दो डीएसपी भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी जल्द सलाखों के पीछे होंगे। उन्होंने बताया कि मृतक अमित पर अलग-अलग थानों में विभिन्न धाराओं में 17 मामले दर्ज थे। इनमें मारपीट, गैंबलिंग, हत्या के प्रयास के मामले थे। अमित हत्या के प्रयास के मामले में जमानत पर था और अवैध शराब बेचने का काम करता था।