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हांसी के छोरे ने मॉस्को में गाड़ा कामयाबी का झंडा
सर्वेश कुकरा/अमर उजाला हांसी
Updated Sun, 30 Aug 2015 10:49 PM IST
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हांसी के एक किशोर ने पहली ही बार में विदेशी धरती पर भारत का परचम लहरा दिया। रूस के मॉस्को में वर्ल्ड जूनियर ग्रेपलिंग चैंपियनशिप में रजत पदक हासिल कर अंतरराष्ट्रीय पटल पर देश का नाम रोशन करने वाले आशीष के हुनर का हर कोई लोहा मान रहा है। छोटे शहर में रहते हुए बड़ी उपलब्धि हासिल कर उसने दूसरे उभरते खिलाड़ियों को भी एक रास्ता दिखाया है।
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अशीष ने उस शहर से निकल कर ये मुकाम हासिल किया है जिस शहर में अधिकांश लोग ग्रेपलिंग नाम के इस खेल से वाकिफ तक नहीं है। आशीष दलाल ने अमर उजाला से बातचीत करते हुए कहा कि उसने डेढ़ साल तक जूडो की ट्रेनिंग ली थी, लेकिन ग्रेपलिंग की प्रोफेशनल ट्रेनिंग सिर्फ दो महीने ही ले सका था।
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ग्रेपलिंग के स्पेशल कोच नहीं मिलने के बावजूद उसने अथक मेहनत की। अधिकांश ट्रेनिंग उसने हिसार के महाबीर स्टेडियम में ही हासिल की। इससे पहले आशीष की उपलब्धियों की बात करें तो उसने डिस्ट्रिक्ट में स्वर्ण तथा स्टेट में रजत पदक हासिल किया था।
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15 साल की उम्र में बड़ी उपब्लिध हासिल करने के लिए आशीष का संघर्ष कम नहीं है। वह इन दिनों अपने अगले मुकाम को हासिल करने के लिए 8 से 10 घंटे की प्रैक्टिस कर रहा है।
सरकार रही उदासीन, परिजनों ने दिया साथ
आशीष बताता है कि उसकी इस उड़ान में उसके परिजनों ने पूरा साथ दिया। मॉस्को में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में हिस्सा लेने के लिए सरकार की तरफ से कोई मदद नहीं मिली। हालांकि आशीष भारत की तरफ से खेलने के लिए गया था, बावजूद इसके यात्रा का करीब डेढ़ लाख रुपयेे का खर्च उसके पिता आईजी स्टाफ में बतौर आईएएस वीरेंद्र उर्फ लीला तथा परिवार ने ही वहन किया।
यहीं नही स्कूल के कोच भी विद आउट पे पर उसके साथ मॉस्को गए थे। ये बात और है कि पदक हासिल करने के बाद स्कूल ने उन छुट्टियों का पैसा नहीं काटा। आशीष ने बताया कि इसी प्रतियोगिता में कुछ प्रतिभागी बिहार से भी गए थे लेकिन उनका खर्च वहां की राज्य सरकार ने उठाया था। उसे उम्मीद है कि जापान दौरे के दौरान सरकार उसका खर्च उठाएगी।
अगला मिशन जापान एशियन चैंपियनशिप
आशीष दलाल का अगला मिशन जापान में होने वाली एशियन चैंपियनशिप है। ये प्रतियोगिता दिसंबर में आयोजित होगी। आशीष मॉस्को में रजत पदक हासिल करने के साथ ही इसके लिए क्वालीफाई कर चुका है।
क्या है ग्रेपलिंग
ग्रेपलिंग जूडो तथा कुश्ती का मिश्रण है। इसमें इन दोनों खेलों के दांव पेंच इस्तेमाल होते है। हार जीत का फैसला होल्ड तथा नंबर के आधार पर होता है।