Hisar: खेदड़ थर्मल पावर प्लांट में मशीन के नीचे दबने से मजदूर की मौत, पहले भी हो चुके कई गंभीर हादसे
रविवार को कार्य के दौरान उस पर भारी भरकम मशीन का एक हिस्सा आ गिरा। नीचे दबने के कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।
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हिसार के बरवाला में खेदड़ स्थित राजीव गांधी थर्मल पावर प्लांट में रविवार शाम 4 बजे एक मजदूर पर मशीन गिर गई। गंभीर रूप से घायल मजदूर की निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। पावर प्लांट में पहले भी कई गंभीर हादसे हो चुके हैं।
जानकारी के अनुसार नारनौंद क्षेत्र के गांव राखी शाहपुर निवासी 37 वर्षीय कुलदीप वर्ष 2015 से कांट्रेक्ट के तहत थर्मल पावर प्लांट के कोल हैंडलिंग प्लांट में कार्य कर रहा था। रविवार को कार्य के दौरान उस पर भारी भरकम मशीन का एक हिस्सा आ गिरा।
नीचे दबने के कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गया। वहां काम कर रहे अन्य कर्मचारियों ने तुरंत एंबुलेंस बुलाकर जनता अस्पताल में दाखिल करवाया। हालत नाजुक देख हिसार के एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया। यहां इलाज के दौरान मौत हो गई।
थर्मल प्लांट में अब तक हुए हादसे
- वर्ष 2009 में 16 अगस्त को हुआ था। इसमें दो विदेशी इंजीनियरों सहित पांच लोगों की मौत हो गई थी। वे लोग जब कूलिंग टावर पर काम रहे थे तब लोहे की कई टन वजनी प्लेट नीचे आ गिरी थी।
- वर्ष 2011 में 27 मई को अचानक क्लिंकर गिरने से हादसा हुआ था, जिसमें 4 लोग झुलस गए। इसमें से एक कर्मचारी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था।
- 7 मई 2012 को बॉयलर के पास एक उपकरण नीचे आ गिरा, जिसके चलते पंजाब के मजदूर सुरेंद्र व एक अन्य की मौत हो गई थी।
- 28 अगस्त वर्ष 2012 में को बॉयलर के एश हैंडलिंग सिस्टम में कोयले के क्लिंकर को तोड़ने के काम में लगे प्लांट के एसडीओ व 5 अन्य कर्मचारी झुलस गए थे।
- 8 मई 2018 को भी बॉयलर के बॉटम में काम करते वक्त अचानक क्लिंकर गिरने से 6 मजदूर झुलस गए थे, जिनमें से तीन की मौत हो गई थी।