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Hisar News: एन्हांसमेंट राशि की गलफांस निकले तो मिले सेक्टरवासियों को राहत की सांस

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 31 Mar 2025 12:27 AM IST
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When the noose of enhancement amount was removed, the residents of the sector got a sigh of relief
हिसार। सेक्टरवासियों के लिए एन्हांसमेंट राशि गले की फांस बन कर रह गई है। मामला सुलझ जाए तो इन्हें बड़ी राहत मिलेगी। कई सेक्टरों के लोगों ने एन्हांसमेंट के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटा रखा है। वहीं, सेक्टरवासी सरकार की विवादों से समाधान योजना में भी ज्यादा रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इस योजना को समाप्त होने में डेढ़ माह बचा है और आधे लोगों ने भी इसका लाभ नहीं उठाया है।
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शहर के पुराने सेक्टरों पर समय-समय पर एन्हांसमेंट लागू किया गया। इसे लेकर अक्सर सेक्टरवासियों व शहरी विकास प्राधिकरण (एचसवीपी) में टकराव भी होता रहा है। इसके लिए सरकार बीते साल 15 नवंबर को विवादों से समाधान योजना लेकर आई। इसके जरिए अब तक 491 में से 66 विवादों का ही समाधान हो सका है। करीब 9.81 करोड़ रुपये एचएसवीपी के खातों में आए हैं। योजना की अंतिम तिथि 15 मई है।
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दो साल पहले सेक्टरवासियों को थमाए थे नोटिस
वर्ष 2023 में एचएसवीपी ने शहर के 6 सेक्टरों में एन्हांसमेंट राशि के नोटिस देने की तैयारी की थी। इसके तहत सेक्टरवासियों से करीब 150 करोड़ रुपये की एन्हांसमेंट राशि ली जानी थी। एचएसवीपी ने नोटिस देने की शुरुआत सेक्टर 4 पार्ट टू से की, लेकिन इसी बीच एचएसवीपी ने एन्हांसमेंट राशि पीपीएम पोर्टल पर अपडेट करने का फैसला किया और नोटिस देने की प्रक्रिया रोक दी। वहीं, सेक्टरवासी इसके खिलाफ कोर्ट में चले गए।
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सेक्टरवासियों से ये वसूली जानी थी एन्हांसमेंट
सेक्टर इन्हांसमेंट राशि (प्रति स्क्वेयर मीटर)

4 पार्ट टू 2689.76 रुपये

15 ए 733.48 रुपये

9 व 11 8.89 रुपये

1 व 4 90.52 रुपये

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यह कहना है सेक्टरवासियों का
- हमारे सेक्टर पर 616 रुपये प्रति वर्ग गज के हिसाब से इन्हांसमेंट लगाई हुई है, जबकि सुप्रीम कोर्ट का आॅर्डर है कि 100 रुपये प्रति वर्ग गज से ज्यादा इन्हांसमेंट नहीं लिया जा सकता। दोबारा से गणना की जाए तो हमारी एन्हांसमेंट बनती ही नहीं है। एचएसवीपी कोई नोटिस थमाता है तो कोर्ट में जाएंगे। - योगराज गर्ग, प्रधान, रेजिडेंट्स डेमोक्रेटिक वेलफेयर एसोसिएशन, सेक्टर 15
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सेक्टरवासियों को 90.52 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से इन्हांसमेंट के नोटिस दिए थे। हालांकि एक बार इसे हटा दिया गया था। मगर फिर से लगा दी गई। सच्चाई यह है कि सेक्टरवासियों ने तो इन्हांसमेंट की अतिरिक्त राशि दी हुई है और वह राशि उन्हें लौटाई नहीं गई। इस मामले को लेकर सेक्टरवासी निचली अदालत में केस जीत चुके हैं। - सलाउदीन कागदाना, महासचिव, आरडब्ल्यूए, सेक्टर 1-4

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हमारे सेक्टर पर 2689.76 रुपये प्रति वर्ग मीटर की इन्हांसमेंट लगाई हुई है। सेक्टरवासियों ने इसे हाईकोर्ट में चैलेंज किया है। कोर्ट ने आदेश दिया था कि इस राशि की दोबारा गणना की जाए। मगर एचएसवीपी ने नहीं की। अब अवमानना की याचिका लगाई हुई है। - जगविंद्र बामल, प्रधान, सेक्टर 4 पार्ट टू वेलफेयर एसोसिएशन
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सेक्टरवासियों से 191.89 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से एन्हांसमेंट राशि ली जानी थी, लेकिन एचएसवीपी ने 8 गुना ज्यादा की वसूली की। वर्ष 2018 में एचएसवीपी ने प्लाॅटधारकों पर करीब 4615 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से एन्हांसमेंट डाल दी, जो कि फर्जी तरीके से बनाई गई थी। हमारी मांग है कि एन्हांसमेंट राशि की पुनर्गणना की जाए। - एडवोकेट अनिल जलंधरा, पदाधिकारी, जनकल्याण एसोसिएशन, सेक्टर 16-17

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सरकार एन्हांसमेंट के मामलों का समाधान करना चाहती है। तभी विवादों से समाधान स्कीम लेकर आई। अभी इस योजना का डेढ माह बाकी है। जो मामले में कोर्ट में विचाराधीन है, कोर्ट का फैसला आने के बाद ही उन पर विचार किया जाएगा।
आंचल भास्कर, संपदा अधिकारी, एचएसवीपी
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