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21 का इंतजार नहीं, आज से ही मय्यड़ ट्रैक पर पड़ाव
अमर उजाला हिसार/ब्यूरो
Updated Wed, 17 Feb 2016 01:46 AM IST
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प्रदेश भर में फैले जाट आरक्षण के बाद अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने 21 फरवरी की रैली से पहले ब़ुधवार को 17 फरवरी से ही आंदोलन शुरू करने का एलान कर दिया है।
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बुधवार को ही रेलवे ट्रैक के साथ पड़ाव डाल देंगे। मय्यड़ ट्रैक पर पहुंचने के लिए मंगलवार को समिति के सदस्यों ने दर्जनभर गांवों में जनसंपर्क किया।
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की प्रदेशस्तरीय बैठक मंगलवार को गांव मय्यड़ में राष्ट्रीय महासचिव महेंद्र सिंह पूनिया की अध्यक्षता में हुई।
बैठक में समिति ने 21 फरवरी की रैली को लेकर विमर्श किया गया। जाट नेताओं ने कहा कि जाटों में फूट होने को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है।
यह पूरी तरह से गलत है। जाटों में किसी प्रकार की फूट नहीं है। आरक्षण के लिए प्रदेश के सभी जाट एकजुट हैं। आरक्षण को लेकर लड़ाई एक होकर लड़ रहे हैं।
इस कारण समिति अब 21 फरवरी तक इंतजार नहीं करेगी। जाट आरक्षण की लड़ाई में बुधवार 17 फरवरी से ही मय्यड़ रेलवे ट्रैक के साथ पड़ाव डालने का फैसला लिया।
बैठक में समिति के प्रदेश प्रवक्ता रामभगत मलिक, सतबीर पूनिया, कृष्ण किरमारा, दलीप सहारण, देवी प्रसन्न दहिया, चंद्र मोर, रमेश छबरवाल, मांगेराम मय्यड़, शेर सिंह रतेरा, दिलबाग देपल, राजकुमार श्योराण सहित समिति के अनेक पदाधिकारी मौजूद थे।
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सरकार की नीयत समझ चुका समाज
समिति के सदस्यों ने कहा कि सरकार ने कमेटी गठित करने के नाम पर जाट आरक्षण को लेकर जाट समाज को गुमराह करने का प्रयास किया है। जाट समाज सरकार की नीयत को समझ चुका है।
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अब यह समाज सरकार के झांसे में आने वाला नहीं है। यदि जाट समाज को आरक्षण देने को लेकर प्रदेश सरकार की नीयत सही है तो इसको लेकर विधानसभा के 17 फरवरी से शुरू होने वाले सत्र में इसको लेकर प्रस्ताव रखे।
जाट समाज को आरक्षण देने का काम करे। जाट समाज अभी तक पूर्ण रूप से शांति के साथ अपनी मांग को लेकर आवाज उठा रहा है। सरकार ने जाटों की उपेक्षा करने का काम किया, जिसके चलते अब जाट समाज को मजबूरन आंदोलन करना पड़ रहा है।
गांवों में जनसंपर्क करने पहुंची समिति
समिति के सदस्यों ने 17 से मय्यड़ में रेलवे ट्रैक के साथ पड़ाव डालने के लिए मंगलवार को कई गांवों में जनसंपर्क किया। लोगों को पड़ाव में पहुंचने का आह्वान किया। समिति की ओर से बुधवार को दोपहर 11 बजे से मय्यड़ ट्रैक पर पहुंचने का निवेदन किया है।
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय महासचिव महेंद्र पूनिया ने कहा कि 12 फरवरी से शुरू हुए आंदोलन में हमने 13 को ही समर्थन दे दिया था। 14 को हम पूरी ताकत के साथ पहुंचने को तैयार थे। इससे पहले ही हमारे साथ धोखा हुआ। अब रोहतक, झज्जर, सोनीपत सहित कई जिलों में आंदोलन चल रहा है। इस कारण हिसार में भी आंदोलन 17 से ही शुरू करने का फैसला लिया।
- महेंद्र पूनिया, राष्ट्रीय महासचिव, अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति