{"_id":"6a8ca08608e0dab41e08debe","slug":"satirizing-social-anomalies-through-poetry-hisar-news-c-21-hsr1020-937699-2026-08-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: कविता के माध्यम से सामाजिक विसंगतियों पर किया कटाक्ष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: कविता के माध्यम से सामाजिक विसंगतियों पर किया कटाक्ष
विज्ञापन
टाउन पार्क हिसार में साहित्य चेतना मंच की काव्य गोष्ठी में शामिल कवि।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिसार। टाउन पार्क में साहित्य चेतना मंच की मासिक काव्य गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी का संचालन जय भगवान लाड़वाल ने किया। उन्होंने घुट-घुटकर मां मर रही, कभी न पूछा हाल, वो माता का जागरण करवाते हर साल कविता सुनाकर सामाजिक विसंगतियों पर कटाक्ष किया।
सुरेंद्र छिंदा ने जो पल गुजर गया नहीं आना फिर हट के प्यारे, अनमोल है हर पल प्यारे कविता सुनाई। लाल बहादुर शर्मा ने मेटाडोर मारुति में चढ़े, बनिया फोर व्हीलर में चढ़े, बराती फटफटी में चढ़े मुकाणिया कविता प्रस्तुत की।
मास्टर कृष्ण इंदौरा ने मेरी माटी मेरा वतन, रंग-बिरंगे फूल खुशबूदार है मेरा वतन कविता सुनाई। भीम सिंह हुड्डा ने जिंदगी में नहीं है प्यार तो कुछ भी नहीं है प्यारे, किसी से तकरार है तो बेकार है प्यारे कविता के माध्यम से प्रेम और सौहार्द का संदेश दिया।
विज्ञापन
काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता भीम सिंह हुड्डा ने की जबकि कृष्ण इंदौरा मुख्य अतिथि रहे। इस अवसर पर ऋषि सक्सेना, हरपाल सोनी, राजेंद्र गुप्ता, ध्यान सिंह शर्मा, सुभाष पूनिया, धर्म सिंह, विकास राव आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
सुरेंद्र छिंदा ने जो पल गुजर गया नहीं आना फिर हट के प्यारे, अनमोल है हर पल प्यारे कविता सुनाई। लाल बहादुर शर्मा ने मेटाडोर मारुति में चढ़े, बनिया फोर व्हीलर में चढ़े, बराती फटफटी में चढ़े मुकाणिया कविता प्रस्तुत की।
विज्ञापन
मास्टर कृष्ण इंदौरा ने मेरी माटी मेरा वतन, रंग-बिरंगे फूल खुशबूदार है मेरा वतन कविता सुनाई। भीम सिंह हुड्डा ने जिंदगी में नहीं है प्यार तो कुछ भी नहीं है प्यारे, किसी से तकरार है तो बेकार है प्यारे कविता के माध्यम से प्रेम और सौहार्द का संदेश दिया।
विज्ञापन
काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता भीम सिंह हुड्डा ने की जबकि कृष्ण इंदौरा मुख्य अतिथि रहे। इस अवसर पर ऋषि सक्सेना, हरपाल सोनी, राजेंद्र गुप्ता, ध्यान सिंह शर्मा, सुभाष पूनिया, धर्म सिंह, विकास राव आदि मौजूद रहे।