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Hisar News: वंचित रहे बच्चों वह महिलाओं को चिह्नित करके लगाया जाएगा टीका

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 12 Mar 2024 11:37 PM IST
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Vaccination will be done by identifying deprived children and women.
हांसी। नागरिक अस्पताल में मंगलवार को आंगनबाड़ी वर्कर व आशा वर्कर को टीकाकरण से संबंधित ट्रेनिंग दी गई। ट्रेनिंग के दौरान आशा वर्कर व आंगनबाड़ी वर्कर को उपमंडल में टीकाकरण से वंचित रहे बच्चों को टीका लगाने सहित उनको मोटिवेट करने के लिए प्रशिक्षण दिया गया है। इसके साथ ही उनको टीकाकरण से वंचित रहे बच्चों की छंटनी करने के लिए, बच्चों को स्वास्थ्य केंद्र तक लाने के लिए, उनको टीकाकरण का महत्व भी समझाया गया।
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ट्रेनिंग के दौरान आशा वर्कर व आंगनबाड़ी वर्कर को संबंधित परिवार से बातचीत करके उनको समझाने की भी जानकारी दी गई। स्वास्थ्य विभाग के डॉ. सुदेश ने बताया कि इस ट्रेनिंग के दौरान आशा वर्कर व आंगनबाड़ी वर्कर को हर प्रकार के टीकाकरण के बारे में जानकारी दी गई है।
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नियमित टीकाकरण जरूरी
गर्भवती महिला व शिशु के संपूर्ण सुरक्षा के लिए नियमित टीकाकरण जरूरी है। गर्भवती महिला व प्रसव के बाद बच्चों के नियमित टीकाकरण से उसमें रोग प्रतिरोधात्मक क्षमता को मजबूती मिलती है। सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर सप्ताह में दो दिन व बुधवार और शुक्रवार को नियमित टीकाकरण किया जाता है। गर्भावस्था के शुरुआती दौर में ही टेटनस का टीका लगाना अनिवार्य होता है। अमूमन पूरे गर्भकाल के दौरान टेटनस का दो टीका जरूरी होता है।
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गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण जरूरी
सुरक्षित व सामान्य प्रसव को बढ़ावा देने के लिहाज से नियमित टीकाकरण अनिवार्य है। टीकाकरण की प्रक्रिया बेहद आसान व सुलभ है। जन्म के तुरंत बाद बच्चों को ओरल पोलियो, हेपेटाइटिस बी व बीसीजी टीका लगाया जाता है। डेढ़ माह के उपरांत ओरल पोलियो, पेंटावेलेंट, एफआईपीवी, पीसीवी, रोटा का टीका लगाया जाता है।

टीकाकरण में देरी बच्चों में हो सकता है बीमारी में खतरा
माता-पिता को चाहिए कि वे अपने बच्चों को शेड्यूल के अनुसार टीका लगवाएं। टीकाकरण में अधिक देरी होने से बच्चों को उन गंभीर बीमारियों का खतरा होता है जिन्हें वैक्सीन द्वारा रोका जा सकता है। यदि बच्चे वैक्सीन की खुराक लेने से चूक जाते हैं, तो माता-पिता को अपने बच्चों के डॉक्टर से शेड्यूल को पूरा करने के बारे में बात करनी चाहिए। कोई एक खुराक छूटने पर बच्चों को शुरुआत से इंजेक्शन की शृंखला फिर से आरंभ करने की आवश्यकता नहीं होती है।




डॉ. सुदेश ने बताया कि टीकाकरण को लेकर नागरिक अस्पताल में प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया है। ताकि आंगनबाड़ी वर्कर व आशा वर्कर को जागरूक किया जाए। ताकि टीकाकरण के बारे में महिलाओं को जागरूक किया जा सके।
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