एलान: बास नगर पालिका को फिर बनाया जाएगा पंचायत, शहरी निकाय मंत्री ने खत्म करवाया ग्रामीणों का धरना
वर्ष 2018 में बास को नगर पालिका का दर्जा दिया गया था। बाद में ग्रामीणों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। इसको लेकर लोगों ने ज्ञापन भी सौंपे। 28 फरवरी से ग्रामीण बास नगर पालिका पर ताला लगाकर धरने पर बैठे हुए थे।
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शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने बास नगर पालिका को फिर से पंचायत बनाने का एलान किया है। उनके साथ पूर्व वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु, जजपा विधायक रामकुमार गौतम भी मौजूद रहे। इसके बाद बास नगर पालिका के बाहर धरना दे रहे ग्रामीणों ने धरने को खत्म करने का एलान किया है।
वर्ष 2018 में बास को नगर पालिका का दर्जा दिया गया था। बाद में ग्रामीणों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। इसको लेकर लोगों ने ज्ञापन भी सौंपे। 28 फरवरी से ग्रामीण बास नगर पालिका पर ताला लगाकर धरने पर बैठे हुए थे। मंगलवार को शहरी निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता, पूर्व वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु, नारनौंद से जजपा विधायक रामकुमार गौतम धरना स्थल पर पहुंचे। डॉ. कमल गुप्ता ने कहा कि बास नगर पालिका को जन भावनाओं के अनुसार फिर से पंचायत बनाया जा रहा है। डॉ. कमल गुप्ता, कैप्टन अभिमन्यु ने आमरण अनशन पर बैठे इंद्र मोर को जूस पिलाकर उनका अनशन खत्म कराया। मंत्री के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर दिया।
विधायक रामकुमार गौतम बोले-कैप्टन यो सौचेगा यो कूंहीं मरैगा...कैप्टन ने कहा- मेरी प्रार्थना दादा गौतम 100 साल जिएं
नारनौंद से जजपा विधायक रामकुमार गौतम ने बास में आयोजित जनसभा में पूर्व वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु के सामने ही कहा कि कैप्टन यो सौचेगा यो कूंहीं मरैगा। मेरे दोनों फेफड़े खराब हैं। इस पर कैप्टन अभिमन्यु ने उनसे माइक लेकर कहा कि मैं प्रभु से प्रार्थना करूंगा कि हमारे दादा 100 साल जिएं।
प्रदेश के शहरी निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता, पूर्व वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु, नारनौंद से जजपा विधायक रामकुमार गौतम बास नगर पालिका को फिर से ग्राम पंचायत बनाए जाने की मांग को लेकर चल रहे धरने पर पहुंचे थे। यहां विधायक रामकुमार गौतम ने बास नगर पालिका बनाए जाने के फैसले के लिए कैप्टन अभिमन्यु के फैसले की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह अच्छा फैसला था लेकिन जब सब लोगों के विचार देखे तो मुझे लगा कि अपने विचार नहीं थोपने चाहिए। बास के लोगों के विचार ही लागू होने चाहिए। मैंने धरने को समर्थन दिया। विधानसभा में भी यहां के लोगों की आवाज उठाई। सीएम के सामने भी दो बार यह मुद्दा रखा था। शहरी निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता के समक्ष यह प्रस्ताव रखा।
उन्होंने कहा कि कैप्टन पूरे हरियाणा के सर्वमान्य नेता हैं। ताकतवर इंसान हैं। हम तो प्रवासी हैं, बाइचांस बन गए। मैं तो कहीं का भी नहीं। ना यहां का ना वहां का। मेरी भी लोगों ने खूब मुखालफत की। कैप्टन अभिमन्यु की भी मुखालफत की। काफी लोग मुझे गाली देते हैं। पानी पी पी कर कोसते हैं। कहते हैं यो तो बनने लायक नहीं था। एमएलए तो वो होता है जो जीतने के बाद बनाने वालों को भला कर सके। मैं क्या भला कर सकता हूं भाई। उन लोगों को पता था कि कैप्टन मरेगा तो रामकुमार गौतम मारेगा। इसलिए मोहरा बनाया गया। मेरा क्या फायदा था। एमएलए बन गया लांडा बूचा, पावर लैस। एमएलए की दो ही ड्यूटी है या तो सरकार में हिस्सेदारी करे या सरकार का जमकर विरोध करो। मैं तो किसी कर्म का नहीं। जब तक जिऊंगा आपके साथ हूं। मेरा स्वास्थ्य खराब है इस कारण आपके साथ नहीं बैठ सकता। कैप्टन सोचेगा कि यो कूंही मरेगा। इतना सुनने के बाद कैप्टन अभिमन्यु उनके पास पहुंच गए, उनसे माइक लेकर बोले मैं प्रार्थना करूंगा कि हमारे दादा गौतम 100 साल जिएं।