{"_id":"64eb8f228a338a40000b8e36","slug":"uproar-over-patients-death-in-private-hospital-hisar-news-c-21-hsr1007-206984-2023-08-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: निजी अस्पताल में मरीज की मौत पर बरपा हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: निजी अस्पताल में मरीज की मौत पर बरपा हंगामा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
हिसार। तोशाम मार्ग स्थित निजी अस्पताल में शनिवार देर रात आंत के ऑपरेशन के बाद टाइफाइड से पीड़ित मरीज सोनू (37) की मौत की हो गई। रविवार सुबह मरीज की मौत पर परिजनों ने हंगामा कर दिया। चिकित्सक और स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल के दोनों गेट बंद कर दिए। इस दौरान परिजनों ने पुलिस और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मरीज की मौत हो जाने के बाद भी स्टाफ प्लेटलेट्स मंगवाता रहा। प्रदर्शनकारी जब रोड जाम करने के लिए जाने लगे तो पुलिस ने रोक लिया। इस पर काफी देर हंगामा होता रहा। परिजनों ने शव लेने से भी इन्कार कर दिया। सूचना मिलने पर आजाद नगर थाना प्रभारी रमेश मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाया। पुलिस शव का पोस्टमार्टम करवाने के लिए नागरिक अस्पताल लेकर पहुंची, जहां से शव को मेडिकल कॉलेज अग्रोहा रेफर कर दिया। पुलिस ने चिकित्सक और स्टाफ के खिलाफ लापरवाही का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
22 अगस्त की सुबह अस्पताल में करवाया था भर्ती
आजाद नगर एरिया में रहने वाले सुरेंद्र ने बताया कि साला सोनू 12 क्वार्टर एरिया स्थित शिव कॉलोनी में रहता था। वह केनरा बैंक की ब्रांच बड़वा में क्लर्क के पद पर कार्यरत था। टाइफाइड के चलते 22 अगस्त की सुबह सोनू को शहर एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। 23 अगस्त को प्लेटलेट्स चेक की तो 28 हजार थी। उसके बाद प्लेटलेट्स चढ़ाई तो 50 हजार से अधिक हो गई। इसके बाद 26 को सीटी स्कैन करवाया तो चिकित्सक ने कहा कि पेट की आंत में इंफेक्शन फैल गया है ऐसे में ऑपरेशन करना पड़ेगा। उसी दिन शाम को ऑपरेशन करने के लिए उसे 8 बजे ले गए। करीब सवा दस बजे से आईसीयू में लाए, वहां पर ऑक्सीजन लगानी पड़ी। जब मरीज का जीजा अंदर बैठा तो स्टाफ ने बाद में आने को कहा।
विज्ञापन
मौत के बाद भी मंगवाया ब्लड और प्लेटलेट्स
सुरेंद्र ने बताया कि एक घंटे के बाद आईसीयू में जाने लगा तो स्टाफ ने अंदर जाने से रोक दिया। सुबह 5 बजकर 45 मिनट पर चिकित्सक का फोन आया और दो यूनिट प्लेटलेट्स लाने की बात कहीं। उसके बाद एक लैब में प्लेटलेट्स लेने पहुंचा। इसी दौरान दोबारा से चिकित्सक का फोन आया और कहा कि अब प्लेटलेट्स की जरूरत नहीं है। साढ़े सात बजे दोबारा स्टाफ ने फोन कर दो यूनिट ब्लड और दो यूनिट प्लेटलेट्स लाने की बात कहीं। जब आईसीयू में जाकर देखा तो सोनू की मौत हो चुकी थी।
सोनू के परिजनों के बयान पर अस्पताल के चिकित्सक और स्टाफ पर लापरवाही का केस दर्ज किया है। बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम करवाया है, जो रिपोर्ट आएगी उसके आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। - रमेश कुमार, आजाद नगर थाना प्रभारी, हिसार
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मरीज की मौत हो जाने के बाद भी स्टाफ प्लेटलेट्स मंगवाता रहा। प्रदर्शनकारी जब रोड जाम करने के लिए जाने लगे तो पुलिस ने रोक लिया। इस पर काफी देर हंगामा होता रहा। परिजनों ने शव लेने से भी इन्कार कर दिया। सूचना मिलने पर आजाद नगर थाना प्रभारी रमेश मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाया। पुलिस शव का पोस्टमार्टम करवाने के लिए नागरिक अस्पताल लेकर पहुंची, जहां से शव को मेडिकल कॉलेज अग्रोहा रेफर कर दिया। पुलिस ने चिकित्सक और स्टाफ के खिलाफ लापरवाही का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
22 अगस्त की सुबह अस्पताल में करवाया था भर्ती
आजाद नगर एरिया में रहने वाले सुरेंद्र ने बताया कि साला सोनू 12 क्वार्टर एरिया स्थित शिव कॉलोनी में रहता था। वह केनरा बैंक की ब्रांच बड़वा में क्लर्क के पद पर कार्यरत था। टाइफाइड के चलते 22 अगस्त की सुबह सोनू को शहर एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। 23 अगस्त को प्लेटलेट्स चेक की तो 28 हजार थी। उसके बाद प्लेटलेट्स चढ़ाई तो 50 हजार से अधिक हो गई। इसके बाद 26 को सीटी स्कैन करवाया तो चिकित्सक ने कहा कि पेट की आंत में इंफेक्शन फैल गया है ऐसे में ऑपरेशन करना पड़ेगा। उसी दिन शाम को ऑपरेशन करने के लिए उसे 8 बजे ले गए। करीब सवा दस बजे से आईसीयू में लाए, वहां पर ऑक्सीजन लगानी पड़ी। जब मरीज का जीजा अंदर बैठा तो स्टाफ ने बाद में आने को कहा।
विज्ञापन
मौत के बाद भी मंगवाया ब्लड और प्लेटलेट्स
सुरेंद्र ने बताया कि एक घंटे के बाद आईसीयू में जाने लगा तो स्टाफ ने अंदर जाने से रोक दिया। सुबह 5 बजकर 45 मिनट पर चिकित्सक का फोन आया और दो यूनिट प्लेटलेट्स लाने की बात कहीं। उसके बाद एक लैब में प्लेटलेट्स लेने पहुंचा। इसी दौरान दोबारा से चिकित्सक का फोन आया और कहा कि अब प्लेटलेट्स की जरूरत नहीं है। साढ़े सात बजे दोबारा स्टाफ ने फोन कर दो यूनिट ब्लड और दो यूनिट प्लेटलेट्स लाने की बात कहीं। जब आईसीयू में जाकर देखा तो सोनू की मौत हो चुकी थी।
सोनू के परिजनों के बयान पर अस्पताल के चिकित्सक और स्टाफ पर लापरवाही का केस दर्ज किया है। बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम करवाया है, जो रिपोर्ट आएगी उसके आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। - रमेश कुमार, आजाद नगर थाना प्रभारी, हिसार