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तंवर भक्ति में गई उकलाना नपा चेयरमैन की कुर्सी

Tue, 03 May 2016 12:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार Updated Tue, 03 May 2016 12:11 AM IST
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तंवर भक्ति में गई उकलाना नपा चेयरमैन की कुर्सी - फोटो : bureau

आखिरकार दो माह की कशमकश के बाद उकलाना नगरपालिका के चेयरमैन समीर इंदौरा और वाइस चेयरमैन सुरेश गर्ग के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया। चेयरमैन रहे समीर इंदौरा को कांग्रेस कार्यकर्ता होना और अपनी जीत का श्रेय कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर को देना मंहगा पड़ गया।

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वहीं एसडीएम पृथ्वी सिंह ने बताया कि डीसी के निर्देश पर दो तिहाई पार्षदों के अविश्वास प्रस्ताव पर सोमवार को वोटिंग करवाई गई, जिसमें 13 में से 9 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया, जो पास हो गया। एसडीएम की घोषणा करने के साथ ही पार्षदों ने पालिका परिसर में मिठाई बांटी और एक-दूसरे को मुबारकबाद दी।
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तंवर भक्त हूं, इसलिए अभिमन्यु ने रचा षड्यंत्र : इंदौरा
विश्वास मत में पराजित हए समीर इंदौरा ने आरोप लगाया कि वह कांग्रेसी है और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर के भक्त हैं। इसलिए वित्तमंत्री अभिमन्यु और भाजपा नेता श्रीनिवास गोयल ने षड्यंत्र रचकर उसे शिकार बनाया है। समीर ने यह आरोप लगाया कि वह एक वर्ष से पालिका क्षेत्र में विकास कार्य करवाना चाह रहे थे, लेकिन कुछ भाजपा नेताओं की शह पर प्रशासन अड़ंगे डालता रहा।
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समीर इंदौरा ने अपनी जागीर बनाई : पार्षद सोनी
वहीं दूसरी ओर पार्षद महेंद्र सोनी ने कहा कि समीर इंदौरा ने नगरपालिका को अपनी निजी जागीर बना लिया था। विकास कार्यों में गोलमाल करने लगे थे और पार्षदों से दुर्व्यवहार करने लगे। हमने भाईचारे की नीति पर चेयरमैन चुना था, लेकिन उन्होंने पालिका कार्यालय को राजनीति का अड्डा बना लिया था।

उकलाना पालिका के चेयरमैन रहे समीर इंदौरा को कांग्रेस कार्यकर्ता होना और अपनी जीत का श्रेय कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर को देना मंहगा पड़ गया। चार फरवरी 2015 को समीर इंदौरा को सर्वसम्मति से चेयरमैन चुना गया था। सर्वसम्मति के लिए बनी समिति में कांग्रेस नेता रामानंद मित्तल, भाजपा नेता श्रीनिवास गोयल भी मौजूद थे।

तब समीर ने भी खुद को भाईचारे का प्रत्याशी बताया था। मगर अचानक ही कुछ दिनों बाद समीर ने तंवर को बुला लिया और खुद को कांग्रेसी चेयरमैन घोषित कर दिया। समीर को तभी से पदमुक्त करने की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। आग पर घी डालने का काम तब हुआ, जब अग्रवाल समाज द्वारा सैलजा के सम्मान में आयोजित एक समारोह की समीर इंदौरा ने आलोचना कर दी। तब से कांग्रेस के एक गुट के समर्थक भी इसके विरोध में हो गए।


मैं और अभिमन्यु घटिया राजनीति नहीं करते : श्रीनिवास
समीर इंदौरा द्वारा लगाए गए आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए श्रीनिवास ने कहा कि हम घटिया राजनीति नहीं करते। वे अपनी कार्यप्रणाली से पार्षदों का विश्वास खो चुका था। उन्हें जब चुना गया था, तब भाजपा सहित सभी दलों ने इसका समर्थन दिया था, लेकिन समीर ने अपनी कार्यप्रणाली से स्वयं को अलग-थलग कर लिया। चेयरमैन चुनना और हटाना यह निर्वाचित पार्षदों को अधिकार है। इसमें सत्तापक्ष की कोई भूमिका नहीं होती।

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