{"_id":"610ae8b28ebc3eeb4c500fe5","slug":"udita-s-relatives-reached-the-neighbors-house-if-the-match-did-not-come-on-the-tv-channel-hisar-news-hsr608058022","type":"story","status":"publish","title_hn":"टीवी चैनल पर नहीं आया मैच तो पड़ोसियों के घर पहुंचे उदिता के परिजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टीवी चैनल पर नहीं आया मैच तो पड़ोसियों के घर पहुंचे उदिता के परिजन
विज्ञापन
गांव कैमरी में मैच शुरु होने से पहले प्रार्थना करते शर्मिला की मां सतोष।
- फोटो : Hisar
हिसार। टोक्यो ओलंपिक में भारतीय महिला हॉकी टीम की सेमीफाइनल मुकाबले में हार से देशवासियों में मायूसी छाई है। लेकिन परिजनों और लोगों में अभी भी पदक की उम्मीद बरकरार है। भारतीय टीम में हिसार की दो बेटियां उदिता और शर्मिला शामिल हैं। दोनों के परिजनों का कहना है कि हार-जीत मुकाबले में चलती रहती है। मुकाबला जीतते तो सोने पर सुहागा हो जाता। मुकाबले में बेटियां अच्छा खेली। उम्मीद है कि म्हारी बेटियां मेडल लेकर ही आएंगी।
बुधवार को अर्जेंटीना के साथ खेल गए मुकाबले से पहले दोनों बेटियां के परिजनों ने उनकी जीत की कामना की। शर्मिला की मां ने मंदिर में पूजा की। वहीं उदिता के घर टीवी चैनल पर मैच नहीं आने से परिजन पड़ोसी के घर पहुंच गए। मुकाबले में 1-0 की बढ़त मिलने पर परिजन खुशी से झूम उठे। वहीं मैच के अंत तक प्रतिद्वंद्वी टीम की बढ़त से परिजन मायूस हो गए। उदिता की माता गीता देवी ने कहा कि मैच हारे हैं हिम्मत नहीं। वहीं, शर्मिला की मां संतोष देवी का कहना है कि बेटियों ने कोशिश तो पूरी की थी।
बेटियों की जीत के लिए शहरवासियों ने किए हस्ताक्षर
बेटियों को शुभकामनाएं देने के लिए अमर उजाला की ओर से हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है। जिस पर लोगों ने अपनी शुभकामनाएं लिखीं। अब कांस्य पदक के लिए भारतीय टीम मैदान में उतरेगी। भारतीय टीम की जीत के लिए प्रार्थना की जा रही है। मंदिरों में खिलाड़ी से लेकर ग्रामीण पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
विज्ञापन
पेनल्टी कार्नर ठीक ढंग से नहीं खेल पाए। डिफेंस भी कमजोर दिखा। टीम को गोल करने के कई मौके भी मिले, बावजूद नहीं कर पाए। - आजाद मलिक, सीनियर हॉकी कोच
सेमीफाइनल में टीम ने शुरू से लेकर अंत तक बेहतरीन प्रदर्शन किया है। अब भारतीय टीम कांस्य पदक के लिए दावेेदार है। - राजेंद्र सिहाग, सीनियर हॉकी कोच
विज्ञापन
बुधवार को अर्जेंटीना के साथ खेल गए मुकाबले से पहले दोनों बेटियां के परिजनों ने उनकी जीत की कामना की। शर्मिला की मां ने मंदिर में पूजा की। वहीं उदिता के घर टीवी चैनल पर मैच नहीं आने से परिजन पड़ोसी के घर पहुंच गए। मुकाबले में 1-0 की बढ़त मिलने पर परिजन खुशी से झूम उठे। वहीं मैच के अंत तक प्रतिद्वंद्वी टीम की बढ़त से परिजन मायूस हो गए। उदिता की माता गीता देवी ने कहा कि मैच हारे हैं हिम्मत नहीं। वहीं, शर्मिला की मां संतोष देवी का कहना है कि बेटियों ने कोशिश तो पूरी की थी।
विज्ञापन
बेटियों की जीत के लिए शहरवासियों ने किए हस्ताक्षर
बेटियों को शुभकामनाएं देने के लिए अमर उजाला की ओर से हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है। जिस पर लोगों ने अपनी शुभकामनाएं लिखीं। अब कांस्य पदक के लिए भारतीय टीम मैदान में उतरेगी। भारतीय टीम की जीत के लिए प्रार्थना की जा रही है। मंदिरों में खिलाड़ी से लेकर ग्रामीण पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
विज्ञापन
पेनल्टी कार्नर ठीक ढंग से नहीं खेल पाए। डिफेंस भी कमजोर दिखा। टीम को गोल करने के कई मौके भी मिले, बावजूद नहीं कर पाए। - आजाद मलिक, सीनियर हॉकी कोच
सेमीफाइनल में टीम ने शुरू से लेकर अंत तक बेहतरीन प्रदर्शन किया है। अब भारतीय टीम कांस्य पदक के लिए दावेेदार है। - राजेंद्र सिहाग, सीनियर हॉकी कोच

मैच खत्म होने से पहले ही टीवी के सामने से उठते हुए उदिता के परिजन। संवाद- फोटो : Hisar