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नागरिक अस्पताल में दो रेडियोलॉजिस्ट और महिला चिकित्सक ने किया ज्वाइन
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हिसार। जिला नागरिक अस्पताल में दो रेडियोलॉजिस्ट एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ महिला चिकित्सक ने ज्वाइन कर लिया है। दोनों रेडियोलॉजिस्ट जल्द ही अल्ट्रासाउंड शुरू करेंगे। ज्वाइन करने के बाद महिला चिकित्सक कुछ दिन के लिए मेडिकल छुट्टी पर चली गई हैं।
करीब साढ़े तीन साल बाद गर्भवती महिलाओं और गंभीर पेट रोगियों को अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिल सकेगी। अमर उजाला ने 5 जुलाई, 24 जून और 15 अप्रैल को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। नागरिक अस्पताल में पिछले साढ़े तीन साल से अल्ट्रासाउंड की सुविधा बंद थी। अस्पताल में नई अत्याधुनिक अल्ट्रासाउंड की मशीन आई हुई है। जिसकी लागत करीब 25 लाख है। पिछले दो साल अस्पताल प्रशासन को रेडियोलॉजिस्ट नहीं मिल रहा था। अगर कोई रेडियोलॉजिस्ट आने को तैयार होता तो उसे अपनी मांग के मुताबिक सालाना पैकेज नहीं मिल रहा था। स्वास्थ्य विभाग रेडियोलॉजिस्ट को सालाना 25 लाख रुपये का पैकेज देता है। रेडियोलॉजिस्ट कम से कम 60 से 70 लाख रुपये की मांग करते है। अब चंडीगढ़ मुख्यालय से अधिकारियों ने जिला अस्पताल में दो रेडियोलॉजिस्ट दो माह के लिए डेपुटेशन पर भेजे हैं।
30 लाख रुपये खर्च करता है विभाग
स्वास्थ्य विभाग केवल गर्भवती महिलाओं के लिए एक अल्ट्रासाउंड की सुविधा निशुल्क प्रदान की है। इस योजना पर विभाग सालाना 30 लाख रुपये खर्च करता है। एक अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए गर्भवती को 1 हजार से ढ़ाई हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं।
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दो रेडियोलॉजिस्ट ने ज्वाइन कर लिया है। एक गायनी की महिला चिकित्सक ने ज्वाइन किया है। जल्द ही अल्ट्रासाउंड की सुविधा शुरू होगी। - डॉ. रत्ना भारती, सिविल सर्जन, हिसार
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करीब साढ़े तीन साल बाद गर्भवती महिलाओं और गंभीर पेट रोगियों को अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिल सकेगी। अमर उजाला ने 5 जुलाई, 24 जून और 15 अप्रैल को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। नागरिक अस्पताल में पिछले साढ़े तीन साल से अल्ट्रासाउंड की सुविधा बंद थी। अस्पताल में नई अत्याधुनिक अल्ट्रासाउंड की मशीन आई हुई है। जिसकी लागत करीब 25 लाख है। पिछले दो साल अस्पताल प्रशासन को रेडियोलॉजिस्ट नहीं मिल रहा था। अगर कोई रेडियोलॉजिस्ट आने को तैयार होता तो उसे अपनी मांग के मुताबिक सालाना पैकेज नहीं मिल रहा था। स्वास्थ्य विभाग रेडियोलॉजिस्ट को सालाना 25 लाख रुपये का पैकेज देता है। रेडियोलॉजिस्ट कम से कम 60 से 70 लाख रुपये की मांग करते है। अब चंडीगढ़ मुख्यालय से अधिकारियों ने जिला अस्पताल में दो रेडियोलॉजिस्ट दो माह के लिए डेपुटेशन पर भेजे हैं।
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30 लाख रुपये खर्च करता है विभाग
स्वास्थ्य विभाग केवल गर्भवती महिलाओं के लिए एक अल्ट्रासाउंड की सुविधा निशुल्क प्रदान की है। इस योजना पर विभाग सालाना 30 लाख रुपये खर्च करता है। एक अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए गर्भवती को 1 हजार से ढ़ाई हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं।
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दो रेडियोलॉजिस्ट ने ज्वाइन कर लिया है। एक गायनी की महिला चिकित्सक ने ज्वाइन किया है। जल्द ही अल्ट्रासाउंड की सुविधा शुरू होगी। - डॉ. रत्ना भारती, सिविल सर्जन, हिसार