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Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   Two days left for the new GST slab rates to come into effect, traders are preparing, but confusion still persists.

Hisar News: नई जीएसटी स्लैब रेट लागू होने में दो दिन बचे, व्यापारी तैयारी में जुटे, अभी भी असमंजस बरकरार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 20 Sep 2025 01:25 AM IST
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Two days left for the new GST slab rates to come into effect, traders are preparing, but confusion still persists.
हिसार। नई जीएसटी स्लैब रेट लागू होने में अब दो ही दिन बचे हैं। इसे लेकर व्यापारी व उद्योगपति तैयारियों में जुटे हुए हैं ताकि 22 सितंबर को उन्हें व्यापार करने में कोई दिक्कत न आए। हालांकि अभी भी जीएसटी के नए स्लैब रेट को लेकर व्यापारियों व उद्योगपतियों में असमंजस बना हुआ है।
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केंद्र सरकार ने कई वस्तुओं पर जीएसटी रेट घटा दिया है। कई तरह की शिक्षण सामग्री पर जीएसटी 12 प्रतिशत से शून्य और 5 से शून्य कर दिया गया है। ऑटोमोबाइल सेक्टर में कई श्रेणी की गाड़ियों पर जीएसटी 28 से 18 प्रतिशत, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पर 28 से 18 प्रतिशत और स्वास्थ्य व जीवन बीमा पर जीएसटी 18 प्रतिशत से शून्य कर दिया गया है।
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स्टॉक कर कर रहे मूल्यांकन
जिन व्यापारियों के उत्पादों पर जीएसटी रेट में बदलाव होने जा रहा है, वह अपने स्टॉक के मूल्यांकन में जुटे हुए हैं ताकि नए जीएसटी रेट लागू होने के बाद उन्हें किसी तरह की परेशानी न आए। इसके अलावा वे अपने साॅफ्टवेयर में भी बदलाव करवा रहे हैं ताकि 22 सितंबर से नई जीएसटी के हिसाब से बिल बनाए जा सकें। इस कारण से सीए पर काम का बोझ बढ़ गया है। उनके ग्राहक जल्द से जल्द अपना काम करवाने के लिए दबाव बना रहे हैं। इस कारण से उन्हें दिन में 12-12 घंटे भी काम करना पड़ रहा है।
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व्यापारियों में अभी भी असमंजस
नए जीएसटी रेट को लेकर अभी व्यापारियों में असमंजस बना हुआ है। खासकर रिटेल व्यापारी इस सिस्टम को समझ ही नहीं पा रहे हैं। उनका कहना है कि हमारे पास अभी पुराने प्रिंट रेट का माल उपलब्ध है। जब तक पैंकिंग पर नए रेट प्रिंट होकर नहीं आते, तब तक वह उस वस्तु को किस रेट में बेचे। इस बारे में अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। इसके अलावा अभी तक व्यापारियों को इस बात की भी पूरी जानकारी नहीं है कि आखिर किन किन वस्तुओं पर जीएसटी कम किया गया है।

नया जीएसटी रेट सिस्टम समझ में नहीं आ रहा है। काफी वस्तुओं पर अभी कंपनी के पुराने प्रिंट रेंट ही छपे हुए हैं। कंपनी की तरफ से भी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि उन्हें यह उत्पाद किस रेट में बेचना है।
- मनोज छाबड़ा, दुकानदार।
जीएसटी का नया सिस्टम लागू हो रहा है तो इस कारण से काम का बोझ पहले बढ़ गया है। दो दिन और काम का बोझ रहेगा, उसके बाद सिम्टम रूटीन में चलने लगेगा।
- पवन मित्तल, सीए।
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