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मंत्री की लताड़ के ढाई घंटे बाद बस अड्डे की पिछली दीवार तोड़ने का काम शुरू
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हिसार। रोडवेज बस स्टैंड की पिछली दीवार तोड़कर ट्रायल बेस पर बसें नहीं निकालने का काम शुरू नहीं होने पर सोमवार को शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने रोडवेज आौर बीएंडआर के अधिकारियों को लताड़ लगाई। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सात साल से देख रहा हूं यह दीवार, बख्शूंगा नहीं, नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा। डॉ. कमल गुप्ता सोमवार को दोपहर साढ़े 12 बजे बस स्टैंड पर पहुंचे। यहां पहुंचने से पहले रोडवेज और बीएंडआर के अधिकारी बस स्टैंड की फाइल लेकर इंतजार कर रहे थे, लेकिन मंत्री की लताड़ के ढाई घंटे बाद करीब तीन बजे बीएंडआर की ओर से दीवार तोड़ने का काम शुरू करवा दिया।
बस स्टैंड पर निरीक्षण के दौरान सबसे पहले शहरी स्थानीय निकाय मंत्री ने बीएंडआर के एसडीओ मेवा सिंह से पूछा कि दीवार तोड़ने की परमिशन मिल चुकी है, अब दीवार कब टूटेगी। एसडीओ ने कहा कि सर, काम प्रोसेस में है। अभी चार महीने का समय लग जाएगा। इस पर मंत्री डॉ. कमल गुप्ता भड़क गए और कहा कि आपने क्या मजाक बना रखा है, शर्म आनी चाहिए। इस दौरान उन्होंने दोनों विभाग के अधिकारियों को कहा कि बस स्टैंड के पीछे से रास्ता निकालो। अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने बीएंडआर के एसडीओ मेवा सिंह और जेई सुदर्शन को कहा कि दो दिन में दीवार टूट सकती है। अभी आपको चार महीने का समय और चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि बचकर रहें, बस स्टैंड की फाइल खुलवा लूंगा। जो भी इसमें शामिल मिलेगा, वह मुझ से बचेगा नहीं। डॉ. कमल गुप्ता ने एक आलाधिकारी से फोन पर बातचीत की। उन्होंने कहा कि अब भी चार महीने का समय मांग रहे हैं। इन पर एक्शन लिया जाएगा। चाहे चीफ इंजीनियर संस्पेंड होता है तो होने दो। माफी का खजाना मेरे पास नहीं है।
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शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने बस स्टैंड पर निरीक्षण के दौरान रोडवेज महाप्रबंधक राहुल मित्तल से पूछा कि दीवार तोड़ने को लेकर मीटिंग कब हुई थी। महाप्रबंधक ने जवाब दिया कि एक फरवरी को हुई थी। करीब ढाई महीने हो गए हैं। इस पर मंत्री ने कहा कि ढाई महीने बीत चुके हैं। अब भी दीवार तोड़ने के लिए समय मांग रहे हो।
फटकार के बाद बनाई रूपरेखा
मंत्री की फटकार के बाद रोडवेज-बीएंडआर के अधिकारियों ने बैठक कर दीवार तोड़ने के लिए रूपरेखा बनाई। इस दौरान रोडवेज महाप्रबंधक राहुल मित्तल, बीएंडआर से एसडीओ मेवा सिंह, जेई सुदर्शन के अलावा रोडवेज के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। बीएंडआर की ओर से दोपहर तीन बजे दीवार तोड़ने का काम शुरू कर दिया।
50 प्रतिशत बसों का आवागमन सेक्टर-14 की तरफ से होगा
बस स्टैंड की दीवार को तोड़ने के बाद 50 प्रतिशत बसों का आवागमन सेक्टर-14 की तरफ से कर दिया जाएगा। पिछले गेट से चंडीगढ़, सिरसा, बठिंडा, भादरा साइड की ओर से जाने वाली बसें निकाली जाएंगी। 50 प्रतिशत बसों का आवागमन हिसार-सिरसा रोड पर बना रहेगा। इस अवसर पर मीडिया एडवाइजर सुरेश गोयल धूपवाला, नरेश सिंगल, रामचंद्र गुप्ता, दीनदयाल गोरखपूरिया, हर्ष अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।
गुस्से में नहीं पी जीएम की चाय
निरीक्षण करने के बाद जब मंत्री जाने के लिए गाड़ी में बैठने लगे तो रोडवेज महाप्रबंधक ने उन्हें कार्यालय में आकर चाय पीने के लिए कहा। इस पर मंत्री गुस्से में दिखे और उन्होंने कार्यालय में जाने के लिए मना कर दिया।
हमारी ओर से दोपहरबाद तीन बजे दीवार तोड़ने का काम शुरू करवा दिया गया। दीवार तोड़ने का काम पूरा होने के बाद गेट लगाया जाएगा। काम पूरा होने में चार से पांच दिन लग जाएंगे। - मेवा सिंह, एसडीओ, बीएंडआर
रोडवेज मुख्यालय से दीवार तोड़ने की अनुमति मिलने के बाद ही हमारी ओर से बीएंडआर को पत्र भेज दिया गया था। सोमवार को शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने बस स्टैंड का निरीक्षण किया था। अब दीवार तोड़ने का काम शुरू हो चुका है। - राहुल मित्तल, महाप्रबंधक, हिसार डिपो
बस स्टैंड पर एक नजर
- बस स्टैंड निर्माण 11 अगस्त 1969
- बस स्टैंड की जमीन करीब 21 एकड़
- हिसार व हांसी सब डिपो कुल बसें 225 (175 ऑनरूट)
- रोजाना यात्रियों का आवागमन 10 हजार से ज्यादा
- सीएम ने 29 दिसंबर 2014 को वैकल्पिक रास्ते का किया था एलान
- वर्ष 2015 में बस अड्डे से साउथ बाईपास तक सड़क बनाने का प्रस्ताव बना
- अप्रैल 2016 में रोड बनाने का काम शुरू हुआ
- वर्ष 2017 में 2.6 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण पूरा किया
रोडवेज साझा मोर्चा ने किया विरोध
हरियाणा रोडवेज कर्मचारी साझा मोर्चा ने बस अड्डा के कर्मशाला की दीवार तोड़कर शमशान भूमि की तरफ से रास्ता निकाले जाने को गलत बताते हुुए इसका विरोध किया है। मोर्चा का कहना है कि इससे ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात बिल्कुल नहीं मिलेगी, बल्कि दुर्घटनाएं बढ़ेंगी। किलोमीटर बढ़ने से यात्रियों पर आर्थिक बोझ पड़ेगा। जाम का मुख्य कारण ऑटो रिक्शा हैं। दीवार तोड़ना केवल राजनीतिक लाभ लेने से प्रेरित है।
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बस स्टैंड पर निरीक्षण के दौरान सबसे पहले शहरी स्थानीय निकाय मंत्री ने बीएंडआर के एसडीओ मेवा सिंह से पूछा कि दीवार तोड़ने की परमिशन मिल चुकी है, अब दीवार कब टूटेगी। एसडीओ ने कहा कि सर, काम प्रोसेस में है। अभी चार महीने का समय लग जाएगा। इस पर मंत्री डॉ. कमल गुप्ता भड़क गए और कहा कि आपने क्या मजाक बना रखा है, शर्म आनी चाहिए। इस दौरान उन्होंने दोनों विभाग के अधिकारियों को कहा कि बस स्टैंड के पीछे से रास्ता निकालो। अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
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मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने बीएंडआर के एसडीओ मेवा सिंह और जेई सुदर्शन को कहा कि दो दिन में दीवार टूट सकती है। अभी आपको चार महीने का समय और चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि बचकर रहें, बस स्टैंड की फाइल खुलवा लूंगा। जो भी इसमें शामिल मिलेगा, वह मुझ से बचेगा नहीं। डॉ. कमल गुप्ता ने एक आलाधिकारी से फोन पर बातचीत की। उन्होंने कहा कि अब भी चार महीने का समय मांग रहे हैं। इन पर एक्शन लिया जाएगा। चाहे चीफ इंजीनियर संस्पेंड होता है तो होने दो। माफी का खजाना मेरे पास नहीं है।
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शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने बस स्टैंड पर निरीक्षण के दौरान रोडवेज महाप्रबंधक राहुल मित्तल से पूछा कि दीवार तोड़ने को लेकर मीटिंग कब हुई थी। महाप्रबंधक ने जवाब दिया कि एक फरवरी को हुई थी। करीब ढाई महीने हो गए हैं। इस पर मंत्री ने कहा कि ढाई महीने बीत चुके हैं। अब भी दीवार तोड़ने के लिए समय मांग रहे हो।
फटकार के बाद बनाई रूपरेखा
मंत्री की फटकार के बाद रोडवेज-बीएंडआर के अधिकारियों ने बैठक कर दीवार तोड़ने के लिए रूपरेखा बनाई। इस दौरान रोडवेज महाप्रबंधक राहुल मित्तल, बीएंडआर से एसडीओ मेवा सिंह, जेई सुदर्शन के अलावा रोडवेज के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। बीएंडआर की ओर से दोपहर तीन बजे दीवार तोड़ने का काम शुरू कर दिया।
50 प्रतिशत बसों का आवागमन सेक्टर-14 की तरफ से होगा
बस स्टैंड की दीवार को तोड़ने के बाद 50 प्रतिशत बसों का आवागमन सेक्टर-14 की तरफ से कर दिया जाएगा। पिछले गेट से चंडीगढ़, सिरसा, बठिंडा, भादरा साइड की ओर से जाने वाली बसें निकाली जाएंगी। 50 प्रतिशत बसों का आवागमन हिसार-सिरसा रोड पर बना रहेगा। इस अवसर पर मीडिया एडवाइजर सुरेश गोयल धूपवाला, नरेश सिंगल, रामचंद्र गुप्ता, दीनदयाल गोरखपूरिया, हर्ष अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।
गुस्से में नहीं पी जीएम की चाय
निरीक्षण करने के बाद जब मंत्री जाने के लिए गाड़ी में बैठने लगे तो रोडवेज महाप्रबंधक ने उन्हें कार्यालय में आकर चाय पीने के लिए कहा। इस पर मंत्री गुस्से में दिखे और उन्होंने कार्यालय में जाने के लिए मना कर दिया।
हमारी ओर से दोपहरबाद तीन बजे दीवार तोड़ने का काम शुरू करवा दिया गया। दीवार तोड़ने का काम पूरा होने के बाद गेट लगाया जाएगा। काम पूरा होने में चार से पांच दिन लग जाएंगे। - मेवा सिंह, एसडीओ, बीएंडआर
रोडवेज मुख्यालय से दीवार तोड़ने की अनुमति मिलने के बाद ही हमारी ओर से बीएंडआर को पत्र भेज दिया गया था। सोमवार को शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने बस स्टैंड का निरीक्षण किया था। अब दीवार तोड़ने का काम शुरू हो चुका है। - राहुल मित्तल, महाप्रबंधक, हिसार डिपो
बस स्टैंड पर एक नजर
- बस स्टैंड निर्माण 11 अगस्त 1969
- बस स्टैंड की जमीन करीब 21 एकड़
- हिसार व हांसी सब डिपो कुल बसें 225 (175 ऑनरूट)
- रोजाना यात्रियों का आवागमन 10 हजार से ज्यादा
- सीएम ने 29 दिसंबर 2014 को वैकल्पिक रास्ते का किया था एलान
- वर्ष 2015 में बस अड्डे से साउथ बाईपास तक सड़क बनाने का प्रस्ताव बना
- अप्रैल 2016 में रोड बनाने का काम शुरू हुआ
- वर्ष 2017 में 2.6 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण पूरा किया
रोडवेज साझा मोर्चा ने किया विरोध
हरियाणा रोडवेज कर्मचारी साझा मोर्चा ने बस अड्डा के कर्मशाला की दीवार तोड़कर शमशान भूमि की तरफ से रास्ता निकाले जाने को गलत बताते हुुए इसका विरोध किया है। मोर्चा का कहना है कि इससे ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात बिल्कुल नहीं मिलेगी, बल्कि दुर्घटनाएं बढ़ेंगी। किलोमीटर बढ़ने से यात्रियों पर आर्थिक बोझ पड़ेगा। जाम का मुख्य कारण ऑटो रिक्शा हैं। दीवार तोड़ना केवल राजनीतिक लाभ लेने से प्रेरित है।