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प्राचार्य ने ही कर डाला घोटाला
बाढड़ा (भिवानी)/ब्यूरो।
Updated Sun, 01 Dec 2013 10:05 PM IST
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हरियाणा में चरखी दादरी के कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में मिट्टी समतल करवाने में गोलमाल सामने आया है।
बताया जा रहा है कि कागजी खानापूर्ति कर लगभग बीस हजार रुपये का हेरफेर करने वाले प्राचार्य ट्रैक्टर की बजाए बुलेरो गाड़ी के नाम पर पैसे निकलवा गए।
आरटीआई में उनके इस कारनामे की पोल खुल गई। आरटीआई कार्यकर्ता के मामला उजागर करने पर प्राचार्य मामले को रफादफा करने में जुट गए।
जानकारी के अनुसार राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चरखी दादरी शहर में आरटीआई कार्यकर्ता अनिल जाखड़ व राकेश चांदवास ने मिट्टी को समतल करने के लिए दिए गए बीस हजार रुपये के गोलामाल को उजागर किया है।
आरटीआई से पता चला है कि विद्यालय के प्राचार्य ने वर्ष 2010 में विद्यालय में मिट्टी का भराव करवाकर विकास नामक युवक को बीस हजार रुपये का भुगतान किया था।
प्राचार्य ने एचआर-61- 2519 नंबर संख्या के जिस ट्रैक्टर से भरत करवाने की रसीद तैयार करवाई है वह असल में कोई ट्रैक्टर पंजीकृत ही नहीं है और आरटीआई के बाद जिला परिवहन कार्यालय ने उस नंबर की एक बोलेरो गाड़ी पाई है।
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आरटीआई कार्यकर्ता ने जब इस बारे में वाहन पंजीकरण केंद्र से संपर्क किया तो सारे मामले का भंडाफोड़ हो गया।
आरटीआई कार्यकर्ता अनिल जाखड़ व बाढड़ा पंचायत समिति सदस्य राकेश चांदवास ने कहा कि वे इस मसले पर सभी प्रमाण जुटा चुके हैं।
जल्द ही प्रदेश लोकायुक्त के न्यायालय में मामले की जांच के लिए अपील की जाएगी।
वहीं राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चरखी दादरी के प्राचार्य बलबीर सिंह नेहरा का कहना है कि मामला काफी पुराना है इसलिए उनके ध्यान में नहीं है।
मामले में जवाबदेही ट्रैक्टर चालक की होती है। उन्होंने ऐसा कुछ गलत नहीं किया है। खंड शिक्षा अधिकारी जयप्रकाश सभ्रवाल ने बताया कि उनके पास मामले की कोई जानकारी नहीं है।
आरटीआई कार्यकर्ता उनको शिकायत देंगे तो वे मामले की तह तक जा पाएंगे।
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बताया जा रहा है कि कागजी खानापूर्ति कर लगभग बीस हजार रुपये का हेरफेर करने वाले प्राचार्य ट्रैक्टर की बजाए बुलेरो गाड़ी के नाम पर पैसे निकलवा गए।
आरटीआई में उनके इस कारनामे की पोल खुल गई। आरटीआई कार्यकर्ता के मामला उजागर करने पर प्राचार्य मामले को रफादफा करने में जुट गए।
जानकारी के अनुसार राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चरखी दादरी शहर में आरटीआई कार्यकर्ता अनिल जाखड़ व राकेश चांदवास ने मिट्टी को समतल करने के लिए दिए गए बीस हजार रुपये के गोलामाल को उजागर किया है।
आरटीआई से पता चला है कि विद्यालय के प्राचार्य ने वर्ष 2010 में विद्यालय में मिट्टी का भराव करवाकर विकास नामक युवक को बीस हजार रुपये का भुगतान किया था।
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प्राचार्य ने एचआर-61- 2519 नंबर संख्या के जिस ट्रैक्टर से भरत करवाने की रसीद तैयार करवाई है वह असल में कोई ट्रैक्टर पंजीकृत ही नहीं है और आरटीआई के बाद जिला परिवहन कार्यालय ने उस नंबर की एक बोलेरो गाड़ी पाई है।
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आरटीआई कार्यकर्ता ने जब इस बारे में वाहन पंजीकरण केंद्र से संपर्क किया तो सारे मामले का भंडाफोड़ हो गया।
आरटीआई कार्यकर्ता अनिल जाखड़ व बाढड़ा पंचायत समिति सदस्य राकेश चांदवास ने कहा कि वे इस मसले पर सभी प्रमाण जुटा चुके हैं।
जल्द ही प्रदेश लोकायुक्त के न्यायालय में मामले की जांच के लिए अपील की जाएगी।
वहीं राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चरखी दादरी के प्राचार्य बलबीर सिंह नेहरा का कहना है कि मामला काफी पुराना है इसलिए उनके ध्यान में नहीं है।
मामले में जवाबदेही ट्रैक्टर चालक की होती है। उन्होंने ऐसा कुछ गलत नहीं किया है। खंड शिक्षा अधिकारी जयप्रकाश सभ्रवाल ने बताया कि उनके पास मामले की कोई जानकारी नहीं है।
आरटीआई कार्यकर्ता उनको शिकायत देंगे तो वे मामले की तह तक जा पाएंगे।