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परिवार पहचान पत्र: विभाग ने पोर्टल पर दिए नए ऑप्शन; लावारिस बच्चों के भी बनेंगे सर्टिफिकेट, नियम व शर्तें लागू

Thu, 28 Sep 2023 02:13 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संजय वर्मा, भिवानी (हरियाणा)
संजय वर्मा, भिवानी (हरियाणा) Updated Thu, 28 Sep 2023 02:13 PM IST
सार

मानव सूचना संसाधन विभाग ने परिवार पहचान पत्र पोर्टल पर नए ऑप्शन दिए हैं। बाल सेवा आश्रम में रहने वाले लावारिस बच्चों के लिए भी परिवार पहचान पत्र पोर्टल पर ऑप्शन शुरू किए गए हैं। इसी तरह एकाकी व्यक्ति के लिए भी पोर्टल पर अलग से फैमिली आईडी का ऑप्शन दिया है।

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Parivar Pehchan Patra, Department gives options on portal, Certificates will be made for abandoned children
लघु सचिवालय स्थित मानव सूचना संसाधन विभाग में परिवार पहचान पत्र में त्रुटि ठीक करवाने पहुंची महिलाएं - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जिनका परिवार नहीं है, अब उन्हें भी परिवार पहचान पत्र की पहचान मिल सकेगी। अब एकाकी व्यक्ति और बाल सेवा आश्रम में रह रहे लावारिस बच्चों के भी परिवार पहचान पत्र बनाए जाएंगे। इसके लिए मानव संसाधन सूचना विभाग ने परिवार पहचान पत्र हरियाणा के पोर्टल पर ऑप्शन दिया है। इसमें लावारिस बच्चे का नाम और आधार कार्ड के अलावा एक फोन नंबर दर्ज किए जाने के बाद उसकी फैमिली आईडी बन जाएगी। वहीं एकाकी व्यक्ति के लिए अलग से बिजली मीटर और मकान होना जरूरी होगा। इसकी फैमिली आईडी बनाने से पहले उसकी फिजिकल वेरिफिकेशन भी होगी।

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बाल सेवा आश्रम में सात लड़के और 15 लड़कियां रह रही
भिवानी के तोशाम रोड बाल सेवा आश्रम में इस समय सात लड़के और 15 लड़कियां रह रही हैं। इसी तरह बाल सेवा आश्रम में 18 साल से कम उम्र के लावारिस बच्चों को यहां रखा जाता है। सीडब्ल्यूसी के माध्यम से स्टेट क्राइम ब्रांच की ओर से रेस्क्यू किए बच्चों व किसी अपराध से पीड़ित बच्चा भी यहां आता है। इसी के साथ भिवानी में अपना घर भी हैं, जहां पर लावारिस पुरुष और महिलाओं को रखा जाता है। ज्यादातर लावारिस मंदबुद्धि या फिर किसी बुरी परिस्थिति के शिकार होने से पीड़ित होते हैं।
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अपनाघर में इस समय 110 पुरुष और 52 महिलाएं हैं। इनका कोई परिवार नहीं होने की वजह से परिवार पहचान पत्र भी नहीं बन पाए हैं। ऐसे बच्चों और एकाकी लोगों के लिए मानव सूचना संसाधन विभाग ने परिवार पहचान पत्र पोर्टल पर नए ऑप्शन दिए हैं। इनमें किसी भी लावारिस बच्चे की फैमिली आईडी बनाने के लिए उसका नाम और उसका आधार नंबर अनिवार्य होगा। उसके परिवार मुखिया के तौर पर किसी का मोबाइल नंबर भी दर्ज कराया जा सकेगा।
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इसी तरह एकाकी व्यक्ति के लिए भी पोर्टल पर अलग से फैमिली आईडी का ऑप्शन दिया है। जिसमें उसके परिवार के तौर पर सिर्फ वह अकेला मुखिया और सदस्य भी वही होगा। ऐसे व्यक्ति द्वारा अपनी अलग से फैमिली आईडी की सरल केंद्र पर रिक्वेस्ट डालने के बाद मानव सूचना संसाधन विभाग की एक टीम उसकी फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए मौके पर पहुंचेगी। टीम यह भी जांचेगी कि वह व्यक्ति वास्तव में किसी के साथ नहीं रहता है और अलग से उसका घर और बिजली मीटर भी लगा हुआ है। जिसके बाद ही उसकी फैमिली आईडी बनेगी। 


अधिकारी के अनुसार
बाल सेवा आश्रम में रहने वाले लावारिस बच्चों के लिए भी परिवार पहचान पत्र पोर्टल पर ऑप्शन शुरू किए गए हैं। इसके बाद भिवानी में 15 लावारिस बच्चों की फैमिली आईडी भी स्पेशल केस के तौर पर बनाई गई है। इसी तरह एकाकी व्यक्ति की फैमिली आईडी भी बनाई जा रही है, मगर उससे पहले उसकी फिजिकल वेरिफिकेशन कराई जाएगी। परिवार पहचान पत्र पर लगातार पोर्टल में ऑप्शन अपडेट किए जा रहे हैं। इसके अनुसार ही परिवार पहचान पत्र बनाए जा रहे हैं। -खुशवंत सिंह, जिला प्रबंधक, मानव सूचना संसाधन विभाग भिवानी।

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