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Hisar News: मंडी में सन्नाटा, किसानों का इंतजार करते दिखे कर्मी
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हिसार। प्रदेश सरकार की नई व्यवस्था के तहत किसान रात में भी अपनी फसल लेकर आ सकते हैं लेकिन बुधवार रात मंडी में सन्नाटा पसरा मिला। गेट पास काटने के लिए कर्मचारी ड्यूटी पर तैनात रहे पर कोई भी किसान गेहूं या सरसों लेकर मंडी नहीं पहुंचा। गेट पर तैनात कर्मचारी किसानों के आने का इंतजार करते रहे।
व्यवस्थाओं की पड़ताल के लिए टीम की ओर से किए निरीक्षण के दौरान केवल एक चौकीदार के भरोसे सुरक्षा व्यवस्था नजर आई। वह डंडा लेकर मंडी परिसर में घूमता मिला। किसानों और आढ़तियों की फसल को पशुओं से बचाने के लिए गोवंश को बाहर हांकने का प्रयास किया। कुछ शराबी किस्म के लोग भी रात में मंडी में दिखाई दिए।
सरसों से भरा ट्रक गोहाना मिल के लिए निकला
रात के समय मंडी से केवल एक आढ़ती का सरसों से भरा ट्रक गोहाना मिल के लिए निकला। गेट पर एंट्री करने वाले कर्मचारी कमल ने बताया कि ट्रक की गेट पास एंट्री की गई। रात के समय किसानों की फसल आने की निगरानी के लिए विशेष ड्यूटी लगाई गई है। फसल खरीद के लिए 24 घंटे व्यवस्था बनाई गई है। एक भी किसान नहीं आया है।
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आढ़ती समर्थन मूल्य से कम में 2585 रुपये में खरीद रहे है जिससे किसानों को परेशानी हो रही है। किसान को भाव ना मिलने के कारण नुकसान उठाना पड़ रहा है। रात को मंडी में फसल लेकर आने वाले किसान के लिए ठहरने की कोई व्यवस्था नहीं है।
-- सुरेश कुमार, किसान नेता ढाड।
किसान रात के समय तो क्या दिन के समय भी फसल लेकर आए तो उसे शेड के नीचे फसल रखने तक की जगह नहीं मिलती है। किसानों के लिए बनाई गई शेड के नीचे आढ़तियों की फसल रहती है। अब किसान अपनी फसल लेकर रात को कहां जाए। शेड से बाहर रखे तो बारिश के मौसम में फसल खराब होने का डर बना रहता है।
-- महेंद्र सिंह, किसान नेता ढाड।
अभी गेहूं में काफी नमी मिल रही है। सामान्य तौर पर गेहूं में 15 से 25 प्रतिशत नमी पाई जा रही है। ऐसे में सरकारी खरीद भी नहीं हो रही है। इसके लिए 14 प्रतिशत नमी की फसल खरीद का नियम है। सरकार ने गेहूं का इस बार समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल रखा है। आढ़ती इससे कम भाव पर गेहूं खरीद रहा है तो किसान नहीं दे रहे है। अब मौसम खुलने के बाद नमी खत्म होने पर ही गेहूं की खरीद संभव है।
-- - मनीरथ आढ़ती नई अनाज मंडी हिसार।
हिसार अनाज मंडी में रात के समय दो चौकीदार तैनात है। यह चौकीदार रात के समय मंडी की सुरक्षा करते हैं। साथ ही मंडी में पशुओं से फसल को बचाने के लिए स्पेशल ड्यूटी देते हैं। रात के समय अकसर गाय फसल को खा जाती है।
-- अशोक कुमार, मंडी सुपरवाइजर अनाज मंडी हिसार।
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व्यवस्थाओं की पड़ताल के लिए टीम की ओर से किए निरीक्षण के दौरान केवल एक चौकीदार के भरोसे सुरक्षा व्यवस्था नजर आई। वह डंडा लेकर मंडी परिसर में घूमता मिला। किसानों और आढ़तियों की फसल को पशुओं से बचाने के लिए गोवंश को बाहर हांकने का प्रयास किया। कुछ शराबी किस्म के लोग भी रात में मंडी में दिखाई दिए।
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सरसों से भरा ट्रक गोहाना मिल के लिए निकला
रात के समय मंडी से केवल एक आढ़ती का सरसों से भरा ट्रक गोहाना मिल के लिए निकला। गेट पर एंट्री करने वाले कर्मचारी कमल ने बताया कि ट्रक की गेट पास एंट्री की गई। रात के समय किसानों की फसल आने की निगरानी के लिए विशेष ड्यूटी लगाई गई है। फसल खरीद के लिए 24 घंटे व्यवस्था बनाई गई है। एक भी किसान नहीं आया है।
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आढ़ती समर्थन मूल्य से कम में 2585 रुपये में खरीद रहे है जिससे किसानों को परेशानी हो रही है। किसान को भाव ना मिलने के कारण नुकसान उठाना पड़ रहा है। रात को मंडी में फसल लेकर आने वाले किसान के लिए ठहरने की कोई व्यवस्था नहीं है।
किसान रात के समय तो क्या दिन के समय भी फसल लेकर आए तो उसे शेड के नीचे फसल रखने तक की जगह नहीं मिलती है। किसानों के लिए बनाई गई शेड के नीचे आढ़तियों की फसल रहती है। अब किसान अपनी फसल लेकर रात को कहां जाए। शेड से बाहर रखे तो बारिश के मौसम में फसल खराब होने का डर बना रहता है।
अभी गेहूं में काफी नमी मिल रही है। सामान्य तौर पर गेहूं में 15 से 25 प्रतिशत नमी पाई जा रही है। ऐसे में सरकारी खरीद भी नहीं हो रही है। इसके लिए 14 प्रतिशत नमी की फसल खरीद का नियम है। सरकार ने गेहूं का इस बार समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल रखा है। आढ़ती इससे कम भाव पर गेहूं खरीद रहा है तो किसान नहीं दे रहे है। अब मौसम खुलने के बाद नमी खत्म होने पर ही गेहूं की खरीद संभव है।
हिसार अनाज मंडी में रात के समय दो चौकीदार तैनात है। यह चौकीदार रात के समय मंडी की सुरक्षा करते हैं। साथ ही मंडी में पशुओं से फसल को बचाने के लिए स्पेशल ड्यूटी देते हैं। रात के समय अकसर गाय फसल को खा जाती है।