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Hisar News: छात्रों और पुलिस में धक्का-मुक्की, मारपीट के आरोप

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 26 Sep 2025 01:17 AM IST
सार

हिसार के गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में क्रांतिकारी छात्र संगठन ने अपनी मांगों को लेकर कुलपति को ज्ञापन सौंपने का प्रयास किया। इस दौरान छात्रों और पुलिस के बीच टकराव हुआ और छात्रों ने धरना दिया। प्रशासन ने घटना को राजनीति से प्रेरित बताया।

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There was scuffle and allegations of violence between students and police

विस्तार


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हिसार। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में वीरवार को क्रांतिकारी छात्र संगठन (केएसओ) के छात्रों ने अपनी समस्याओं के लिए कुलपति को ज्ञापन सौंपने का प्रयास किया। इस दौरान विवि प्रशासन ने बीच में पुलिस बल तैनात कर छात्रों को रोकने की कोशिश की, जिससे छात्रों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई।

वहीं विद्यार्थियों ने मारपीट के आरोप लगाए हैं। छात्र नेता हरिकेश ढांडा ने आरोप लगाया कि वे शांतिपूर्ण तरीके से सिटी गेट नंबर-3 से जुलूस निकालकर वीसी ऑफिस जा रहे थे, लेकिन बीच रास्ते पुलिस ने उन्हें रोका और हाथापाई की। उन्होंने कहा कि कई बार छात्र हितों की मांग उठाने पर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और बिना कारण निष्कासित किया गया।
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हरिकेश ने कहा कि अधिकारियों, चेयरमैन और वार्डन से समस्याओं पर चर्चा करने पर उन्हें उल्टे जवाब दिए जाते हैं और कई बार बिना कारण विश्वविद्यालय से बाहर किया गया। उनका आरोप है कि प्रशासन छात्रों की आवाज को दबाने के लिए अनुचित तरीके अपना रहा है।
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छात्रों का धरना

सभी अवरोधों के बावजूद केएसओ कार्यकर्ता कुलपति कार्यालय तक पहुंचकर ज्ञापन सौंपने में सफल रहे और वहीं धरने पर बैठ गए। छात्रों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, वे शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखेंगे।


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प्रवेश पर प्रतिबंध हटाना नहीं स्वीकार्य

विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस घटना को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा कि निष्कासित छात्र हरिकेश ढांडा को पहले ही प्रॉक्टोरियल बोर्ड के निर्णय अनुसार अनुशासनहीनता, महिला शिक्षकों और स्टाफ से दुर्व्यवहार तथा अव्यवस्थित गतिविधियों के कारण निष्कासित किया गया था। प्रशासन ने बताया कि ढांडा की सात मांगों में से छह पहले ही मान ली गई थीं, जबकि उसकी व्यक्तिगत बहाली और प्रवेश पर प्रतिबंध हटाने जैसी मांगें अस्वीकार्य हैं। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया कि परिसर की शांति और सुव्यवस्था किसी भी सूरत में प्रभावित नहीं होने दी जाएगी।
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