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Hisar News: चौक-चौराहों पर लग रहता है बेसहारा पशुओं का जमावड़ा

Sun, 26 Feb 2023 11:09 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार Updated Sun, 26 Feb 2023 11:09 PM IST
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There is a gathering of destitute animals at the square intersections
People said - the administration has declared the district on paper as cattle free
कालांवाली के खाली प्लाॅट में जमा बेसहारा पशु। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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कालांवाली। क्षेत्र में बेसहारा पशुओं की समस्या का लंबे समय से हल नहीं हो पा रहा। चौक-चौराहों पर बेसहारा पशुओं को जमावड़ा लगा रहता है। इस कारण आए दिन कोई न कोई हादसे होने से लोग घायल हो रहे हैं। लोगों के शिकायत करने के बाद भी प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा। वहीं नगरपालिका सचिव का कहना है कि एक-दो दिन में कर्मचारियों को लगाकर बेसहारा पशुओं को पकड़कर गोशाला में भेजने की तैयारी की जा रही है।
कालांवाली शहर में करीब एक हजार बेसहारा पशु घूम रहे हैं। शहर वासी महेश गर्ग, जतिन गर्ग, राहुल बांसल, हर्ष जैन, भारत भूषण गोयल, लक्की अरोड़ा, चरण दास रोष जाहिर करते हुए बताया कि प्रशासन ने कागजों में जिले को कैटल फ्री घोषित कर रखा है। शहर में बेसहारा पशुओं की समस्या जस की तस है। शहर के मुख्य बाजारों, गलियों व सड़कों पर बेसहारा पशु प्रशासन के कैटल फ्री अभियान को ठेंगा दिखाते हुए घूम रहे हैं। साथ में आमजन की जान के लिए खतरा बने हुए हैं। प्रशासन इससे कोई सबक नहीं ले रहा। उन्होंने बताया कि कुछ समय पूर्व भी हर्ष जैन की मोबाइल की दुकान के शीशे का गेट तोड़कर बेसहारा पशु अंदर घुस गए थे। उन्होंने ने बताया क वे कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को पशुओं से होने वाली परेशानियों से अवगत करवा चुके हैं, परंतु अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग कीकि वे बेसहारा पशुओं को गोशालाओं में छोड़कर शहर को कैटल फ्री बनाए और साथ में शहर की गोशालाओं में आर्थिक सहयोग करे।
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इन स्थानों पर बेसहारा पशुओं का होता है जमावड़ा
शहर की सब्जी मंडी, खुहवाला बाजार, पंजाब बस स्टैंड के पास, शहर के लगभग हर गली मोहल्ला में बेसहारा पशु विचरण करते दिखाई देते हैं।

जो सहयोग मिल रहा वह नाकाफी
शहर में तीन गोशालाएं हैं, जोकि शहर व आसपास के समाजसेवी लोगों के सहयोग से चल रही है। नंद बाबा गोसेवा संस्थान में बीमार व दुर्घटनाग्रस्त लगभग 200 पशुओं को इलाज के लिए रखा गया है। श्री महादेव नंदीशाला में लगभग 750 पशुओं को व श्री कृष्ण गोशाला में करीब 700 लावारिस पशुओं को रखा गया है। सरकार व प्रशासन की ओर से कोई सहयोग नहीं किया जा रहा। गो सेवा आयोग की ओर से तीनों गोशालाओं में केवल 50-50 हजार रुपये का आर्थिक सहयोग किया जाता है, जोकि नाकाफी है।
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वर्जन
गोशालाओं में पशुओं के लिए पर्याप्त चारे की भी कमी रहती है। चारे की कमी और क्षमता कम होने के कारण बेसहारा पशुओं को सड़क पर खुला छोड़ दिया जाता है। प्रशासन की ओर से इस तरफ ध्यान देना चाहिए। -राहुल बांसल, प्रधान, गोरक्षा दल। फोटो: 21

शहर में लगातार बेसहारा पशुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। इसके कारण हर रोज हादसे होते हैं। बेसहारा पशुओं की समस्या को हल करवाने के लिए कई बाद अधिकारियों को भी शिकायत दी गई है, लेकिन अभी तक समस्या का हल नहीं हो पाया है। - चरणदास चननी, समाजसेवी। फोटो: 22

बेसहारा पशुओं का खाली प्लॉट और कूड़े वाले प्वाइंटों पर जमावड़ा लगा रहता है। इसके कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। रात के समय रोड पर बैठे पशु दिखाई न देने के कारण हादसे भी होते रहते हैं। - संजीव कुमार, आमजन। फोटो: 23

ग्रामीण क्षेत्रों के लोग शहर में पशु को छोड़ देते हैं। इसके कारण यहां पशुओं की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है। गोशालाएं भी पूरी तरह से पशुओं से भरी हुई है। प्रशासन को इसका समाधान करना चाहिए। - पंकज महेश्वरी, प्रधान, जय गोमाता सेवा समिति फोटो: 24


वर्जन
एक दो दिन में कर्मचारियों को लगाकर बेसहारा पशुओं को पकड़कर गोशाला में भेजने की तैयारी की जा रही है। जल्द ही समस्या को हल कर दिया जाएगा। - गिरधारी लाल, नगर पालिका सचिव, कालांवाली।
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