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खेदड़ प्रकरण: प्रशासन के साथ वार्ता विफल, नहीं उठाया शव, 72 घंटे का दिया अल्टीमेटम

Mon, 11 Jul 2022 01:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा) Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 11 Jul 2022 01:31 AM IST
सार

खेदड़ गांव में 13 जुलाई को महापंचायत बुलाई गई है। आज फिर बातचीत होगी। धरने पर बैठे आंदोलनकारियों ने प्रशासन को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।

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The second round of talks between the committee and the administration also failed, the agitators gave an ultimatum of 72 hours to the government
प्रशासनिक अधिकारियों से साथ बातचीत के बाद जानकारी देते कमेटी सदस्य। - फोटो : Hisar

विस्तार

हरियाणा के हिसार में राजीव गांधी खेदड़ पावर प्लांट की राख के लिए आंदोलनकारियों और पुलिस में हुए टकराव के दौरान किसान धर्मपाल की मौत के मामले में दूसरे दिन भी कमेटी और प्रशासन के बीच साढ़े तीन घंटे चली वार्ता विफल रही। सोमवार को दोबारा से प्रशासन से बातचीत होगी। धरने पर बैठे आंदोलनकारियों ने प्रशासन को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि मांगें नहीं मानी तो 13 जुलाई को होने वाली महापंचायत में बड़े आंदोलन का एलान किया जाएगा। वहीं, दूसरे दिन भी शव नहीं उठाया गया। रविवार को इनेलो विधायक अभय सिंह चौटाला धरने पर बैठे आंदोनकारियों के बीच पहुंचे।

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खेदड़ प्रकरण में बरवाला थाना पुलिस ने हत्या, हत्या प्रयास, उकसाने, षड्यंत्र रचने, मारपीट, सरकारी काम में बाधा पहुंचाने  आदि धाराओं के तहत रवि आजाद, कलीराम, शमशेर, रामनिवास, सतेंद्र, मनदीप, अमन, सुनील, अनिल बिसला, रवि आजाद और ब्रहम प्रकाश समेत 800 के खिलाफ केस दर्ज किया है। 
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रेस्ट हाउस में चली वार्ता 
रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे धरना स्थल पर बनी 15 सदस्यीय कमेटी को सरकार द्वारा गठित की गई कमेटी के साथ बातचीत के लिए बुलाया गया। कमेटी के सदस्य रेस्ट हाउस पहुंचे और करीब साढ़े तीन घंटे तक मांगों को लेकर बातचीत होती रही। कमेटी के तरफ से प्रमुखता से मांग रखी गई कि पकड़े गए युवाओं को रिहा किया जाए और उन पर दर्ज केस रद्द किया जाए। बातचीत के बाद सरकार ने गठित कमेटी ने आश्वासन दिया कि 15 दिन में केस खारिज कर दिए जाएंगे। कमेटी ने कहा कि इस बारे में हमें यकीन नहीं है। पहले कमेटी के सदस्य वकीलों से राय लेंगे।
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सोमवार को दोबारा से प्रशासन के साथ बातचीत होगी। वार्ता में जिला उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी, पुलिस अधीक्षक लोकेंद्र सिंह, जींद पुलिस अधीक्षक नरेंद्र, थर्मल प्लांट एमडी मोहम्मद शाइन के अलावा पूर्व सरपंच खेदड़ शमशेर, कलीराम, सतेंद्र सहारण, जोगीराम सिहाग, दयानंद, जोगेंद्र सिंह नैन, शमशेर नंबरदार, सुरेश कोथ, विकास सीसर, धर्मपाल बड़ाला, नरेश, रणबीर मलिक, हरिकेश, रवि आजाद और सुदेश कंडेला आदि मौजूद रहे।

सभी मुद्दे हल न होने तक नहीं करेंगे शव का अंतिम संस्कार  
खेदड़ धरना कमेटी, किसान संगठनों और खापों के प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक शमशेर पानू की अध्यक्षता में हुई। बैठक के दौरान आंदोलनकारियों ने सरकार को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया। वक्ताओं ने कहा कि सरकार तानाशाही पर उतर आई है। पुलिस टकराव के दौरान किसान धर्मपाल सहारण की मौत हुई और उनकी मौत के बाद हम पर ही केस दर्ज कर दिए। पुलिस ने चार साथियों को झूठे केस में फंसा कर जेल में डाल दिया। जब तक हमारे साथियों को बिना शर्त रिहा नहीं किया जाता, तब तक कोई समझौता नहीं होगा। हमारे सभी मुद्दे हल नहीं होने तक तक शव का अंतिम संस्कार भी नहीं करेंगे। 

आंदोलनकारियों ने कहा कि एसआईटी टीम गठित की जाए और हमारा लीगल सलाहकार उसमें शामिल किया जाए। एसआईटी टीम पर समय की पाबंदी हो। रविवार को धरने पर अभिमन्यु कौहाड़, पूर्व विधायक नरेश सेलवाल, पूर्व विधायक रामभगत शर्मा, विजय भांभू बालसमंद, सतबीर घायल, दिलबाग सिंह हुड्डा, कुलदीप रामायण टोल, संदीप चहल, डॉ. करतार सिवाच, सरदानंद राजली, राजू खेदड़, उमेद लोहान, मुकेश लोहान, रामनिवास कोथ, प्रधान रामफल सहारण, गुरनाम सहराण, हर्षदीप गिल, कैलाश मलिक, दशरथ मलिक, धोला जेवरा, राजूभगत सरसौद, सत्यवान खेदड़, सुमन हुड्डा, पानीपत बीकेयू से सोनू मालपुरिया, मुकेश घणघस आदि शामिल मौजूद रहे।

शवगृह के बाहर पुलिस तैनात
मेडिकल कॉलेज अग्रोहा के शवगृह में मृतक धर्मपाल सहारण का शव रखा हुआ है। शवगृह के बाहर काफी संख्या में पुलिस बल तैनात है। प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच कोई बातचीत न होने के कारण शव लेने से मना कर दिया। पोस्टमार्टम करवाने आए मृतक के परिजन और कमेटी के सदस्य बिना शव लिए वापस धरना स्थल पर चले गए थे। 

कई बिंदुओं पर सहमति बनी : डीसी 
आंदोलनकारियों व प्रशासनिक अधिकारियों के बीच हुई बातचीत के संदर्भ में जिला उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने बताया कि ग्रामीणों के साथ बैठक में विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई है। बातचीत बहुत ही अच्छे माहौल में हुई है। जिसमें कई बिंदूओं पर सहमति भी बनी है। उन्होंने कहा कि जिस माहौल में बातचीत हुई है, उससे प्रतीत होता है व उन्हें उम्मीद है कि मामले का जल्द ही निपटान हो जाएगा।

सरकार दिखा रही तानाशाह प्रवृति : अभय चौटाला 
धरने पर इनेलो के राष्ट्रीय महासचिव एवं ऐलनाबाद से विधायक अभय सिंह चौटाला भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी तानाशाह प्रवृति दिखा रही है। गांव के बच्चों के खिलाफ मामला दर्ज कर सरकार दहशत फैलाने का प्रयास कर रही है। चौटाला ने कहा कि जिन्होंने आंदोलनकारियों पर लाठियां बरसाई उनके खिलाफ भी मामला दर्ज होना चाहिए।

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