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Hisar News: अरुणाचल प्रदेश में खांडा खेड़ी का लाल बलिदान
Sun, 02 Nov 2025 01:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sun, 02 Nov 2025 01:32 AM IST
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नारनौंद क्षेत्र के गांव खांडा खेड़ी निवासी शहीद पवन सिंधु (फाइल फोटो)।
- फोटो : नारनौंद क्षेत्र के गांव खांडा खेड़ी निवासी शहीद पवन सिंधु (फाइल फोटो)।
बास (हिसार)। नारनौंद क्षेत्र के गांव खांडा खेड़ी निवासी पवन सिंधु अरुणाचल प्रदेश में गश्त के दौरान पहाड़ी से गिरने से देश के लिए बलिदान हो गए। पवन 13 राजपुताना राइफल में तैनात थे। इन दिनों वह अरुणाचल प्रदेश में चीन सीमा के पास बड़ा रूपक क्षेत्र में तैनात थे। उनकी यूनिट को ऊंची पहाड़ी पर 13 दिनों की गश्त के लिए भेजा गया था। गश्त का आखिरी दिन शुक्रवार को था।
इसी दौरान वह पहाड़ी के किनारे खड़े थे कि तभी पैर फिसलने से गहराई में जा गिरे। साथी जवानों ने मशक्कत के बाद उन्हें निकाला लेकिन सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण उन्होंने दम तोड़ दिया।
सेनाधिकारियों के अनुसार शनिवार को शव का पोस्टमार्टम करवाया गया। रविवार दोपहर तक उनका पार्थिव शरीर दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचेगा। वहां से सेना की टीम पूरे राजकीय सम्मान के साथ पार्थिव शरीर गांव खांडा खेड़ी लेकर पहुंचेगी। दोपहर बाद गांव में उनका अंतिम संस्कार सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा। वहीं गांव में शहीद के घर पर लोगों का तांता लगा है। हर कोई वीर सपूत की शहादत पर गर्व कर रहा है।
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वर्ष 2003 में सेना में भर्ती हुए थे पवन
पवन ने वर्ष 2003 में सेना में भर्ती होकर देश सेवा शुरू की थी। वर्ष 2006 में उनकी शादी झमोला निवासी रितु से हुई थी। उनके दो बेटे 17 वर्षीय सौम्य और 16 वर्षीय विनय हैं, जो फिलहाल जींद जिले में स्थित जुलाना क्षेत्र के एक निजी स्कूल में 11वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहे हैं।
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इसी दौरान वह पहाड़ी के किनारे खड़े थे कि तभी पैर फिसलने से गहराई में जा गिरे। साथी जवानों ने मशक्कत के बाद उन्हें निकाला लेकिन सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण उन्होंने दम तोड़ दिया।
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सेनाधिकारियों के अनुसार शनिवार को शव का पोस्टमार्टम करवाया गया। रविवार दोपहर तक उनका पार्थिव शरीर दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचेगा। वहां से सेना की टीम पूरे राजकीय सम्मान के साथ पार्थिव शरीर गांव खांडा खेड़ी लेकर पहुंचेगी। दोपहर बाद गांव में उनका अंतिम संस्कार सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा। वहीं गांव में शहीद के घर पर लोगों का तांता लगा है। हर कोई वीर सपूत की शहादत पर गर्व कर रहा है।
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वर्ष 2003 में सेना में भर्ती हुए थे पवन
पवन ने वर्ष 2003 में सेना में भर्ती होकर देश सेवा शुरू की थी। वर्ष 2006 में उनकी शादी झमोला निवासी रितु से हुई थी। उनके दो बेटे 17 वर्षीय सौम्य और 16 वर्षीय विनय हैं, जो फिलहाल जींद जिले में स्थित जुलाना क्षेत्र के एक निजी स्कूल में 11वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहे हैं।