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Hisar News: नशे की जड़ें उखाड़ने का संकल्प, भाटोल जाटान और भाटोल रांगड़ान के ग्रामीण बोले-नशा बेचने देंगे, न युवाओं को इसकी गिरफ्त में आने देंगे
Sun, 20 Sep 2026 11:07 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sun, 20 Sep 2026 11:07 PM IST
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हांसी जिले के गांव भाटोल जाटान के पंचायत भवन में बैठक करते दोनों गांव के सरपंच व अन्य ग्रामीण।
- फोटो : 1
बास। नशे के खिलाफ भाटोल जाटान और भाटोल रांगड़ान के ग्रामीणों ने हाथ मिला लिया है। दोनों गांवों के ग्रामीणों ने एकजुट होकर गांवों को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया। इसके लिए पंचायत और ग्रामीण मिलकर लगातार प्रयास करेंगे।
भाटोल जाटान के पंचायत भवन में इस संबंध में बैठक हुई। इसमें ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि गांव में किसी भी प्रकार का नशा बिकने नहीं दिया जाएगा। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएंगे। थाना बास के सब इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने भी बैठक में ग्रामीणों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने पुलिस की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।
सरपंच एसोसिएशन बास के प्रधान एवं भाटोल जाटान के सरपंच जितेंद्र बामल ने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति या परिवार की समस्या नहीं है। इसका असर पूरे समाज और आने वाली पीढ़ी पर पड़ता है। युवाओं को नशे से बचाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
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उन्होंने कहा कि गांव में नशे का कारोबार करने वालों का विरोध किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति नशा बेचने का प्रयास करता है तो ग्रामीण पुलिस को सूचना दें। युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने के लिए खेल और अन्य गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
भाटोल रांगड़ान के सरपंच देवेंद्र लांबा ने कहा कि दोनों गांवों की यह संयुक्त पहल आने वाली पीढ़ी के लिए महत्वपूर्ण कदम है। नशे के कारण कई परिवार आर्थिक और सामाजिक परेशानियों से जूझ रहे हैं। गांव में नशे का कारोबार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को नशा बेचने और युवाओं को इसकी ओर धकेलने वालों के खिलाफ एकजुट रहना होगा। पंचायत ग्रामीणों के साथ मिलकर नशे पर अंकुश लगाने के लिए लगातार प्रयास करेगी।
बास थाने के सब इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने कहा कि नशे की रोकथाम केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है। इसमें समाज की भागीदारी भी जरूरी है। ग्रामीण आसपास नशे की बिक्री या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी पुलिस को दें। इससे समय रहते कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पुलिस दोनों गांवों के ग्रामीणों को हरसंभव सहयोग देगी। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और साथियों को भी जागरूक करने का आह्वान किया।
एकजुटता बनी नशे के खिलाफ ताकत
दोनों गांवों के ग्रामीणों का कहना है कि नशे पर प्रभावी रोक के लिए सामाजिक जागरूकता और सामूहिक जिम्मेदारी जरूरी है। पंचायत और पुलिस के सहयोग से जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए सकारात्मक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।
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भाटोल जाटान के पंचायत भवन में इस संबंध में बैठक हुई। इसमें ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि गांव में किसी भी प्रकार का नशा बिकने नहीं दिया जाएगा। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएंगे। थाना बास के सब इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने भी बैठक में ग्रामीणों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने पुलिस की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।
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सरपंच एसोसिएशन बास के प्रधान एवं भाटोल जाटान के सरपंच जितेंद्र बामल ने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति या परिवार की समस्या नहीं है। इसका असर पूरे समाज और आने वाली पीढ़ी पर पड़ता है। युवाओं को नशे से बचाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
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उन्होंने कहा कि गांव में नशे का कारोबार करने वालों का विरोध किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति नशा बेचने का प्रयास करता है तो ग्रामीण पुलिस को सूचना दें। युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने के लिए खेल और अन्य गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
भाटोल रांगड़ान के सरपंच देवेंद्र लांबा ने कहा कि दोनों गांवों की यह संयुक्त पहल आने वाली पीढ़ी के लिए महत्वपूर्ण कदम है। नशे के कारण कई परिवार आर्थिक और सामाजिक परेशानियों से जूझ रहे हैं। गांव में नशे का कारोबार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को नशा बेचने और युवाओं को इसकी ओर धकेलने वालों के खिलाफ एकजुट रहना होगा। पंचायत ग्रामीणों के साथ मिलकर नशे पर अंकुश लगाने के लिए लगातार प्रयास करेगी।
बास थाने के सब इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने कहा कि नशे की रोकथाम केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है। इसमें समाज की भागीदारी भी जरूरी है। ग्रामीण आसपास नशे की बिक्री या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी पुलिस को दें। इससे समय रहते कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पुलिस दोनों गांवों के ग्रामीणों को हरसंभव सहयोग देगी। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और साथियों को भी जागरूक करने का आह्वान किया।
एकजुटता बनी नशे के खिलाफ ताकत
दोनों गांवों के ग्रामीणों का कहना है कि नशे पर प्रभावी रोक के लिए सामाजिक जागरूकता और सामूहिक जिम्मेदारी जरूरी है। पंचायत और पुलिस के सहयोग से जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए सकारात्मक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।