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Hisar News: यात्री बेबस, रोडवेजकर्मियों के अनिश्चितकालीन धरने से बस सेवा रही प्रभावित
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हिसार बस स्टैंड परिसर में धरने पर बैठे रोडवेज कर्मचारी।
हिसार। टीए-डीए सहित 15 मांगों को लेकर रोडवेज कर्मचारियों ने मंगलवार से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। इससे कई रूटों पर बस सेवा प्रभावित हुई और यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी।
रोडवेज चालक और परिचालक साझा संघर्ष समिति के बैनर तले कर्मचारी सुबह 10 बजे महाप्रबंधक कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए। उन्होंने नारेबाजी करते हुए धरना शुरू किया। कर्मचारियों ने बताया कि 29 अप्रैल को हिसार डिपो की सभी यूनियनों ने एकजुट होकर सांझा संघर्ष समिति बनाई थी।
समिति ने महाप्रबंधक को 15 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा था। कर्मचारियों के अनुसार एक-दो मांगों को छोड़कर अधिकांश का समाधान नहीं हुआ। एलटीसी, मेडिकल बिल, शिक्षा भत्ता, रात्रि भत्ता और एसीपी सहित कई कर्मचारी लाभ लंबे समय से लंबित हैं। इससे कर्मचारियों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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धरना शुरू होने के बाद महाप्रबंधक राहुल मित्तल ने समिति को दोबारा बातचीत के लिए बुलाया। उन्होंने मांगों के समाधान के लिए एक माह का समय मांगा। समिति ने इसे ठुकरा दिया। कर्मचारियों ने कहा कि पहले ही पांच माह का समय दिया जा चुका है। सोमवार को भी महाप्रबंधक और कर्मचारियों के बीच बैठक हुई थी। यह वार्ता भी बेनतीजा रही थी।
समिति ने कहा कि समाधान नहीं हुआ तो बड़ा कदम उठाया जा सकता है। कर्मचारियों के धरने से जिले में 25 से ज्यादा ग्रामीण रूट प्रभावित रहे। यात्रियों को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा। धरने में संदीप जैनावास, राजकुमार, कर्मबीर मसूदपुर, अनूप श्योकद, बजरंग, जोगेंद्र माैजूद रहे।
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रोडवेज चालक और परिचालक साझा संघर्ष समिति के बैनर तले कर्मचारी सुबह 10 बजे महाप्रबंधक कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए। उन्होंने नारेबाजी करते हुए धरना शुरू किया। कर्मचारियों ने बताया कि 29 अप्रैल को हिसार डिपो की सभी यूनियनों ने एकजुट होकर सांझा संघर्ष समिति बनाई थी।
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समिति ने महाप्रबंधक को 15 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा था। कर्मचारियों के अनुसार एक-दो मांगों को छोड़कर अधिकांश का समाधान नहीं हुआ। एलटीसी, मेडिकल बिल, शिक्षा भत्ता, रात्रि भत्ता और एसीपी सहित कई कर्मचारी लाभ लंबे समय से लंबित हैं। इससे कर्मचारियों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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धरना शुरू होने के बाद महाप्रबंधक राहुल मित्तल ने समिति को दोबारा बातचीत के लिए बुलाया। उन्होंने मांगों के समाधान के लिए एक माह का समय मांगा। समिति ने इसे ठुकरा दिया। कर्मचारियों ने कहा कि पहले ही पांच माह का समय दिया जा चुका है। सोमवार को भी महाप्रबंधक और कर्मचारियों के बीच बैठक हुई थी। यह वार्ता भी बेनतीजा रही थी।
समिति ने कहा कि समाधान नहीं हुआ तो बड़ा कदम उठाया जा सकता है। कर्मचारियों के धरने से जिले में 25 से ज्यादा ग्रामीण रूट प्रभावित रहे। यात्रियों को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा। धरने में संदीप जैनावास, राजकुमार, कर्मबीर मसूदपुर, अनूप श्योकद, बजरंग, जोगेंद्र माैजूद रहे।