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Hisar News: पांच मंजिला बनेगा टीबी अस्पताल का नया भवन, 50 बेड की सीसीयू भी होगी
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टीबी अस्पताल के लिए तैयार भवन मैप ड्राइंग ।
हिसार। लोक निर्माण विभाग ने कंडम घोषित पुराने टीबी अस्पताल की जगह पांच मंजिला अत्याधुनिक अस्पताल परिसर बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। 100 बेड के नए टीबी अस्पताल की ड्राइंग तैयार कर ली गई है। इसी परिसर में 50 बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) भी बनाई जाएगी।
संरक्षित स्मारक गुजरी महल के 100 से 300 मीटर के नो-कंस्ट्रक्शन जोन को लेकर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की आपत्ति के संबंध में स्वास्थ्य विभाग और पीडब्ल्यूडी ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। मुख्य साइट 300 मीटर के नो-कंस्ट्रक्शन जोन से बाहर है। भविष्य में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए एएसआई के पोर्टल पर एनओसी के लिए आवेदन किया गया है।
नए परिसर में टीबी मरीजों के लिए विशेष आइसोलेशन और उपचार वार्ड होगा। पांच मंजिला कॉम्प्लेक्स में स्टिल्ट पार्किंग और आधुनिक वास्तुकला का समावेश होगा। 100 बेड की क्षमता वाले अस्पताल में टीबी और फेफड़ों से संबंधित बीमारियों के मरीजों के उपचार की सुविधा होगी।
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45 साल पुराना है टीबी अस्पताल
जिले में नागरिक अस्पताल की स्थापना करीब 68 साल पहले हुई थी जिसके बाद टीबी अस्पताल बनाया गया। यह अस्पताल करीब 45 साल से संचालित है। दिसंबर 2018 में जिला प्रशासन ने इसके दो मंजिला भवन को जर्जर घोषित कर दिया था। पहले यहां 75 बेड थे, लेकिन भवन की जर्जर स्थिति को देखते हुए इनकी संख्या घटाकर 12 कर दी गई। वर्तमान में 12 बेड की व्यवस्था रोगी कल्याण समिति के भवन में की गई है। नए भवन में 100 बेड, छह बेड का एचडीयू, लैब, एक्सरे रूम, मेडिकल स्टोर, फार्मेसी ब्लॉक, ओपीडी शाखा, वेटिंग एरिया, पार्किंग स्थल, एसएमओ के लिए एक कमरा, एमओ के लिए चार कमरे, सी ग्रुप कर्मचारियों के लिए आठ और डी ग्रुप कर्मचारियों के लिए छह कमरे तथा पंजीकरण काउंटर होगा। अस्पताल का नक्शा पहले अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके आधार पर एस्टीमेट तैयार होगा। एस्टीमेट मंजूर होने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी और टेंडर अलॉट होने पर भवन निर्माण शुरू किया जाएगा।
50 बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट स्थापित की जाएगी
क्रिटिकल केयर यूनिट गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए वेंटिलेटर और हाईटेक लाइफ सपोर्ट सिस्टम से सुसज्जित होगी। परिसर में अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक सेंटर भी बनाया जाएगा। इसमें सीटी स्कैन, ऑटोमेटेड लैब और माइक्रोबायोलॉजी समेत विभिन्न स्वास्थ्य जांच सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी।
मंत्री और विधायक कर रहे लगातार प्रयास
प्रदेश के पीडब्ल्यूडी मंत्री रणबीर गंगवा और हिसार की विधायक सावित्री जिंदल 100 बेड के टीबी अस्पताल और 50 बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट के निर्माण के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। यह मामला पिछले महीने हुई दिशा कमेटी की बैठक में भी उठाया गया था। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने जल्द टेंडर प्रक्रिया पूरी करने का भरोसा दिलाया था।
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पीडब्ल्यूडी बीएंडआर की ओर से तैयार कराए गए टीबी अस्पताल के नए भवन के नक्शे में फेरबदल किया गया है। पहले नक्शे में बेसमेंट और छह मंजिल का प्रावधान था। यहां भूजल स्तर काफी ऊपर होने के कारण बेसमेंट के निर्माण के लिए मौजूदा लेवल से करीब ढाई मीटर नीचे तक जाना पड़ता। इससे निर्माण में बाधा आने के साथ बेसमेंट का निर्माण व्यावहारिक नहीं रहता। अब बेसमेंट को हटा दिया गया है।
- संदीप बाना, मरीन इंजीनियर एवं तकनीकी सलाहकार, डी-कंजेशन कमेटी।
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संरक्षित स्मारक गुजरी महल के 100 से 300 मीटर के नो-कंस्ट्रक्शन जोन को लेकर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की आपत्ति के संबंध में स्वास्थ्य विभाग और पीडब्ल्यूडी ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। मुख्य साइट 300 मीटर के नो-कंस्ट्रक्शन जोन से बाहर है। भविष्य में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए एएसआई के पोर्टल पर एनओसी के लिए आवेदन किया गया है।
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नए परिसर में टीबी मरीजों के लिए विशेष आइसोलेशन और उपचार वार्ड होगा। पांच मंजिला कॉम्प्लेक्स में स्टिल्ट पार्किंग और आधुनिक वास्तुकला का समावेश होगा। 100 बेड की क्षमता वाले अस्पताल में टीबी और फेफड़ों से संबंधित बीमारियों के मरीजों के उपचार की सुविधा होगी।
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45 साल पुराना है टीबी अस्पताल
जिले में नागरिक अस्पताल की स्थापना करीब 68 साल पहले हुई थी जिसके बाद टीबी अस्पताल बनाया गया। यह अस्पताल करीब 45 साल से संचालित है। दिसंबर 2018 में जिला प्रशासन ने इसके दो मंजिला भवन को जर्जर घोषित कर दिया था। पहले यहां 75 बेड थे, लेकिन भवन की जर्जर स्थिति को देखते हुए इनकी संख्या घटाकर 12 कर दी गई। वर्तमान में 12 बेड की व्यवस्था रोगी कल्याण समिति के भवन में की गई है। नए भवन में 100 बेड, छह बेड का एचडीयू, लैब, एक्सरे रूम, मेडिकल स्टोर, फार्मेसी ब्लॉक, ओपीडी शाखा, वेटिंग एरिया, पार्किंग स्थल, एसएमओ के लिए एक कमरा, एमओ के लिए चार कमरे, सी ग्रुप कर्मचारियों के लिए आठ और डी ग्रुप कर्मचारियों के लिए छह कमरे तथा पंजीकरण काउंटर होगा। अस्पताल का नक्शा पहले अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके आधार पर एस्टीमेट तैयार होगा। एस्टीमेट मंजूर होने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी और टेंडर अलॉट होने पर भवन निर्माण शुरू किया जाएगा।
50 बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट स्थापित की जाएगी
क्रिटिकल केयर यूनिट गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए वेंटिलेटर और हाईटेक लाइफ सपोर्ट सिस्टम से सुसज्जित होगी। परिसर में अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक सेंटर भी बनाया जाएगा। इसमें सीटी स्कैन, ऑटोमेटेड लैब और माइक्रोबायोलॉजी समेत विभिन्न स्वास्थ्य जांच सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी।
मंत्री और विधायक कर रहे लगातार प्रयास
प्रदेश के पीडब्ल्यूडी मंत्री रणबीर गंगवा और हिसार की विधायक सावित्री जिंदल 100 बेड के टीबी अस्पताल और 50 बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट के निर्माण के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। यह मामला पिछले महीने हुई दिशा कमेटी की बैठक में भी उठाया गया था। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने जल्द टेंडर प्रक्रिया पूरी करने का भरोसा दिलाया था।
पीडब्ल्यूडी बीएंडआर की ओर से तैयार कराए गए टीबी अस्पताल के नए भवन के नक्शे में फेरबदल किया गया है। पहले नक्शे में बेसमेंट और छह मंजिल का प्रावधान था। यहां भूजल स्तर काफी ऊपर होने के कारण बेसमेंट के निर्माण के लिए मौजूदा लेवल से करीब ढाई मीटर नीचे तक जाना पड़ता। इससे निर्माण में बाधा आने के साथ बेसमेंट का निर्माण व्यावहारिक नहीं रहता। अब बेसमेंट को हटा दिया गया है।
- संदीप बाना, मरीन इंजीनियर एवं तकनीकी सलाहकार, डी-कंजेशन कमेटी।