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Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   The name was deleted from the list even after having a dilapidated house.

जर्जर मकान होने के बाद भी लिस्ट से काट दिया नाम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 07 Aug 2022 11:39 PM IST
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The name was deleted from the list even after having a dilapidated house.
सरोज। - फोटो : Hisar
अग्रोहा। प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ न मिलने वाले अग्रोहा ब्लॉक के ग्रामीण जर्जर मकानों में रहने को मजबूर हैं। बारिश मेें इन मकानों के गिरने का डर सताता है। संवाददाता ने अग्रोहा खंड के किराड़ा गांव के ग्रामीणों से प्रधानमंत्री आवास योजना की हकीकत जानी।
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ग्रामीणों ने अपना दर्द सुनाते हुए कहा कि लिस्ट में नाम आने के बावजूद उनके खातों में एक भी किस्त नहीं जमा हो पाई है। योजना का लाभ उठाने के लिए ये गरीब लोग सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट-काट कर थक चुके हैं। दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। ग्रामीण खंड अधिकारी सहित आला अधिकारियों तक भी चक्कर लगा चुके हैं।
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लोगों ने बताया कि अधिकारियों ने हमारे मकानों का सर्वे किया था। उनके मकानों की छत कच्ची है मकान की हालात जर्जर होने के बाद भी उनका लिस्ट से नाम काट दिया गया। उनका कहना है कि उनकी फरियाद सुनने वाला कोई नहीं मिला। बारिश के मौसम में उनको भय सता रहा है कि कही मकान न गिर जाए। जब भी बारिश आने की संभावना होती है तो पूरी रात बिना सोये ही रात गुजारनी पड़ रही है।
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मेरा मकान गली से नीचा है। मामूली सी बारिश होते ही पूरे मकान में पानी भर जाता है। मकान जर्जर हालात में है। इससे पूरी रात जाग कर काटनी पड़ती है कि कहीं मकान न गिर जाए। मैंने मकान पक्का बनाने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना का आवेदन किया था सर्वे के दौरान मेरा नाम काट दिया गया है। हमारी मांग है कि सर्वे दोबारा करवाई जाए ताकि योजना का लाभ मिल सके।
- सरोज देवी, किराड़ा
मेरा मकान जर्जर हालात में है। मैं दिव्यांग हूं। पति मजदूरी कर परिवार का मुश्किल से पेट भरता है। प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन किया लेकिन नाम नहीं आया। दो बार सीएम विंडो लगाई। मेरी मांग है कि जल्द से जल्द रुपये दिए जाएं, ताकि हमें पक्का मकान बना सकें।
- मीरा, किराड़ा
मैंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनाने के लिए आवेदन किया था। घर की छत कच्ची है व जर्जर हालात मैं है। अधिकारी आकर सर्वे कर ले गए और लिस्ट में नाम आया, लेकिन रुपये अभी तक नहीं मिले।
- तुलसा देवी, किराड़ा
हमारा मकान जर्जर हालत में है। छत कच्ची होने के कारण थोड़ी सी बारिश में टपकने लगती है। पिछले साल आवास योजना के तहत गांव में सर्वे हुआ था। लिस्ट में हमारा नाम भी आ गया था, लेकिन एक साल से अधिक समय होने के बावजूद भी पैसे नहीं आए हैं।

- रिंकू, किराड़ा
मैंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनाने के लिए एक किस्त मिल गई। इससे मैंने छत तक मकान बना लिया। उसके बाद अधिकारी आकर मकान की सर्वे करके ले गए थे और कहा था कि जल्दी आपके खाते में दूसरी किस्त आ जाएगी। लेकिन दूसरी किस्त के बगैर अभी तक मकान अधूरा पड़ा है।
- मौसमी, किराड़ा

मीरा।

मीरा।- फोटो : Hisar

तुलसी।

तुलसी।- फोटो : Hisar

रिंकु।

रिंकु।- फोटो : Hisar

मौसमी।

मौसमी।- फोटो : Hisar

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