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जाटों ने हिसार में फोड़े पटाखे
हांसी (हिसार)
Updated Mon, 03 Mar 2014 10:05 PM IST
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केंद्र के ओबीसी कोटे में शामिल किए जाने पर जाटों ने सोमवार को यहां रामायण रेलवे ट्रैक से तंबू हटा लिए। खुशी के चलते लड्डू बांटे गए और अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक समेत तमाम नेताओं ने पटाखे फोड़े।
पत्रकारों से बातचीत में यशपाल मलिक ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से 9 राज्यों के जाटों को ओबीसी में शामिल किया गया है। पंजाब, जम्मू एवं कश्मीर, आंध्रप्रदेश तथा महाराष्ट्र के जाटों को भी ओबीसी में शामिल करवाने के लिए आंदोलन जारी रहेगा। इन राज्य के जाटों को अभी ओबीसी में शामिल नहीं किया जा सका है। मलिक ने कहा कि 4 मार्च से पंजाब के फिरोजपुर से आंदोलन खड़ा किया जाएगा। यशपाल ने साफ किया कि आरक्षण दिलाने में तमाम दलों का सहयोग रहा है।
ऐसे में तमाम लोग अपनी आस्थाओं के मुताबिक किसी भी दल के साथ जुड़ने के लिए स्वतंत्र है। किसी पार्टी विशेष का समर्थन अथवा बहिष्कार करने का कोई फतवा जारी नहीं किया गया है। आरक्षण के लिए चले आंदोलन में जान गंवाने वाले तीन युवाओं और चोटिल हुए अनेक लोगों को समाज हमेशा याद रखेगा। महिलाओं की भागीदारी को भी भुलाया नहीं जा सकता।
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6 मार्च को शहीदी दिवस के बजाय जाट विजय दिवस मनाया जाएगा। मौके पर धर्मपाल धारीवाल, सुरेश कोथ, जोगेंद्र सिंह, धारा सिंह, ओमप्रकाश, बीएस अहलावत, महेंद्र पूनिया व कई अन्य मौजूद थे।
जींद में जाटों ने मनाई दिवाली
जींद में केंद्रीय सेवाओं में आरक्षण मिलने पर जाट समुदाय के लोगों ने गांव दनौदा के ऐतिहासिक चबूतरे पर खुशी मनाई। जाट नेताओं ने लड्डू बांटकर एक-दूसरे को बधाई दी। आरक्षण की मांग को पूरा करवाने के लिए जाटों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री और उद्योग मंत्री का आभार जताया और इसे आंदोलन की जीत बताया। आरक्षण की मांग पूरा करवाने के लिए चलाए आंदोलन का मुख्य केंद्र गांव दनौदा रहा है।
सर्व जाट खाप पंचायत के बैनर तले चलाए गए आंदोलन में नरवाना में दो बार जाटों ने ट्रैक जाम किया था। प्रदेश में चले आंदोलन में तीन लोगों की जान पुलिस गोलाबारी में गई थी। रविवार रात जब केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में जाटों को आरक्षण मिलने की हरी झंडी की खबर आई तो जाट नेता फूले नहीं समाए। तुरंत सर्व जाट खाप पंचायत के प्रधान नफे सिंह नैन ने सोमवार को दनौदा के एतिहासिक चबूतरे पर जाटों की पंचायत बुलाने का ऐलान कर दिया।
सोमवार दोपहर अनेक जाट प्रतिनिधि दनौदा के एतिहासिक चबूतरे पर पहुंचे और लड्डू बांटकर खुशी का इजहार किया। नफेसिंह नैन ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सोमवार का दिन जाट समुदाय के लिए ऐतिहासिक रहा और दीवाली जैसी खुशियां लेकर आया। उन्होंने आरक्षण मिलने पर आंदोलन की जीत बताकर कांग्रेस का आभार जताया। उन्होंने कहा कि जाटों को आरक्षण मिलना उनके जीनव की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
उन्होंने आरक्षण आंदोलन में काम करने वाले सभी नेताओं और लोगों का भी धन्यवाद किया। उन्होंने संघर्ष के दौरान मारे गए तीनों लोगों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि जाटों ने अपने अस्तित्व को बचाने के लिए लंबा संघर्ष किया, जिसमें वे सफल रहे। निरंतर घटती जोत के कारण जाटों के सामने रोजगार की समस्या मुंह बाए खड़ी थी। उन्होंने एक प्रश्न के उतर में कहा कि बेशक कई जाट नेताओं के आपस में विचार नहीं मिलते थे लेकिन सबका मकसद आरक्षण पाना था।
अब खाप पंचायतें सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने के लिए मुहिम चलाएंगी। जाट आरक्षण समिति की युवा शाखा के प्रांतीय प्रधान ईश्वर सिंह नैन ने आरक्षण की मांग को पूरा करने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी, मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उद्योग मंत्री रणदीप सिंह सुरजेवाला का आभार जताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने उनकी समस्या को समझा और आरक्षण देने का रास्ता प्रशस्त किया।
उन्होंने कहा कि अब जाट बिरादरी के लोगों का फर्ज बनता है कि कांग्रेस को तीसरी बार सत्ता में लाने के लिए काम करें। हर जाट को चाहिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में कांग्रेस प्रत्याशियों को सफल बनाने के लिए प्रचार में जुट जाएं। खाप के सदस्य रघुबीर सिंह नैन ने कहा कि जाट बिरादरी के लोगों ने आरक्षण पाने के लिए जीजान से संघर्ष किया, जिसके सभी बधाई के पात्र हैं। आंदोलन में शहीद लोगों को सदैव याद रखा जाएगा। उन्होंने भविष्य में जाटों को एकता बनाकर रखने का आह्वान किया।
संघर्ष का फल मिला
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जींद जिले के प्रधान चंद्र सिंह चहल ने कहा कि आरक्षण पाने के लिए जाटों ने लंबा संघर्ष किया। समिति के प्रदेशाध्यक्ष हवा सिंह सांगवान दिन-रात आरक्षण पाने की रणनीति बनाते रहे। सांगवान ने आंदोलन को भटकने नहीं दिया। चहल ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का आभार जताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने निरंतर जाटों को आवाज को केंद्रीय नेताओं तक पहुंचाया। जब हम पहले चुनाव के बहिष्कार की बात करते थे अब कांग्रेस प्रत्याशियों की मदद करके अपने कर्तव्य को पूरा करेंगे।
पांच को होगी महापंचायत
आरक्षण के बाद जाट नेताओं ने पांच मार्च को दनौदा स्थित ऐतिहासिक चबूतरे पर महापंचायत बुलाई है। इस बैठक में जाट नेता आगे की रणनीति बनाएंगे। माना जा रहा है कि बैठक में मुख्यमंत्री को सम्मानित करने या फिर कांग्रेस पार्टी को समर्थन देने का ऐलान हो सकता है।
ओबीसी ने जताया विरोध
जाटों को आरक्षण देने के विरोध में सोमवार को ओबीसी आरक्षण बचाओ समिति के पदाधिकारियों ने प्रदर्शन कर यूपीए सरकार, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का पुतला जलाया। उन्होेंने चेतावनी दी कि इसके खिलाफ जोरदार आंदोलन चलाया जाएगा। समिति के प्रधान सुलतान सिंह धीमान व सचिव सुभाष पांचाल ने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट ने जाट समुदाय के दबाव में आकर यह फैसला लिया है।
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पत्रकारों से बातचीत में यशपाल मलिक ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से 9 राज्यों के जाटों को ओबीसी में शामिल किया गया है। पंजाब, जम्मू एवं कश्मीर, आंध्रप्रदेश तथा महाराष्ट्र के जाटों को भी ओबीसी में शामिल करवाने के लिए आंदोलन जारी रहेगा। इन राज्य के जाटों को अभी ओबीसी में शामिल नहीं किया जा सका है। मलिक ने कहा कि 4 मार्च से पंजाब के फिरोजपुर से आंदोलन खड़ा किया जाएगा। यशपाल ने साफ किया कि आरक्षण दिलाने में तमाम दलों का सहयोग रहा है।
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ऐसे में तमाम लोग अपनी आस्थाओं के मुताबिक किसी भी दल के साथ जुड़ने के लिए स्वतंत्र है। किसी पार्टी विशेष का समर्थन अथवा बहिष्कार करने का कोई फतवा जारी नहीं किया गया है। आरक्षण के लिए चले आंदोलन में जान गंवाने वाले तीन युवाओं और चोटिल हुए अनेक लोगों को समाज हमेशा याद रखेगा। महिलाओं की भागीदारी को भी भुलाया नहीं जा सकता।
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6 मार्च को शहीदी दिवस के बजाय जाट विजय दिवस मनाया जाएगा। मौके पर धर्मपाल धारीवाल, सुरेश कोथ, जोगेंद्र सिंह, धारा सिंह, ओमप्रकाश, बीएस अहलावत, महेंद्र पूनिया व कई अन्य मौजूद थे।
जींद में जाटों ने मनाई दिवाली
जींद में केंद्रीय सेवाओं में आरक्षण मिलने पर जाट समुदाय के लोगों ने गांव दनौदा के ऐतिहासिक चबूतरे पर खुशी मनाई। जाट नेताओं ने लड्डू बांटकर एक-दूसरे को बधाई दी। आरक्षण की मांग को पूरा करवाने के लिए जाटों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री और उद्योग मंत्री का आभार जताया और इसे आंदोलन की जीत बताया। आरक्षण की मांग पूरा करवाने के लिए चलाए आंदोलन का मुख्य केंद्र गांव दनौदा रहा है।
सर्व जाट खाप पंचायत के बैनर तले चलाए गए आंदोलन में नरवाना में दो बार जाटों ने ट्रैक जाम किया था। प्रदेश में चले आंदोलन में तीन लोगों की जान पुलिस गोलाबारी में गई थी। रविवार रात जब केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में जाटों को आरक्षण मिलने की हरी झंडी की खबर आई तो जाट नेता फूले नहीं समाए। तुरंत सर्व जाट खाप पंचायत के प्रधान नफे सिंह नैन ने सोमवार को दनौदा के एतिहासिक चबूतरे पर जाटों की पंचायत बुलाने का ऐलान कर दिया।
सोमवार दोपहर अनेक जाट प्रतिनिधि दनौदा के एतिहासिक चबूतरे पर पहुंचे और लड्डू बांटकर खुशी का इजहार किया। नफेसिंह नैन ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सोमवार का दिन जाट समुदाय के लिए ऐतिहासिक रहा और दीवाली जैसी खुशियां लेकर आया। उन्होंने आरक्षण मिलने पर आंदोलन की जीत बताकर कांग्रेस का आभार जताया। उन्होंने कहा कि जाटों को आरक्षण मिलना उनके जीनव की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
उन्होंने आरक्षण आंदोलन में काम करने वाले सभी नेताओं और लोगों का भी धन्यवाद किया। उन्होंने संघर्ष के दौरान मारे गए तीनों लोगों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि जाटों ने अपने अस्तित्व को बचाने के लिए लंबा संघर्ष किया, जिसमें वे सफल रहे। निरंतर घटती जोत के कारण जाटों के सामने रोजगार की समस्या मुंह बाए खड़ी थी। उन्होंने एक प्रश्न के उतर में कहा कि बेशक कई जाट नेताओं के आपस में विचार नहीं मिलते थे लेकिन सबका मकसद आरक्षण पाना था।
अब खाप पंचायतें सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने के लिए मुहिम चलाएंगी। जाट आरक्षण समिति की युवा शाखा के प्रांतीय प्रधान ईश्वर सिंह नैन ने आरक्षण की मांग को पूरा करने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी, मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उद्योग मंत्री रणदीप सिंह सुरजेवाला का आभार जताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने उनकी समस्या को समझा और आरक्षण देने का रास्ता प्रशस्त किया।
उन्होंने कहा कि अब जाट बिरादरी के लोगों का फर्ज बनता है कि कांग्रेस को तीसरी बार सत्ता में लाने के लिए काम करें। हर जाट को चाहिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में कांग्रेस प्रत्याशियों को सफल बनाने के लिए प्रचार में जुट जाएं। खाप के सदस्य रघुबीर सिंह नैन ने कहा कि जाट बिरादरी के लोगों ने आरक्षण पाने के लिए जीजान से संघर्ष किया, जिसके सभी बधाई के पात्र हैं। आंदोलन में शहीद लोगों को सदैव याद रखा जाएगा। उन्होंने भविष्य में जाटों को एकता बनाकर रखने का आह्वान किया।
संघर्ष का फल मिला
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जींद जिले के प्रधान चंद्र सिंह चहल ने कहा कि आरक्षण पाने के लिए जाटों ने लंबा संघर्ष किया। समिति के प्रदेशाध्यक्ष हवा सिंह सांगवान दिन-रात आरक्षण पाने की रणनीति बनाते रहे। सांगवान ने आंदोलन को भटकने नहीं दिया। चहल ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का आभार जताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने निरंतर जाटों को आवाज को केंद्रीय नेताओं तक पहुंचाया। जब हम पहले चुनाव के बहिष्कार की बात करते थे अब कांग्रेस प्रत्याशियों की मदद करके अपने कर्तव्य को पूरा करेंगे।
पांच को होगी महापंचायत
आरक्षण के बाद जाट नेताओं ने पांच मार्च को दनौदा स्थित ऐतिहासिक चबूतरे पर महापंचायत बुलाई है। इस बैठक में जाट नेता आगे की रणनीति बनाएंगे। माना जा रहा है कि बैठक में मुख्यमंत्री को सम्मानित करने या फिर कांग्रेस पार्टी को समर्थन देने का ऐलान हो सकता है।
ओबीसी ने जताया विरोध
जाटों को आरक्षण देने के विरोध में सोमवार को ओबीसी आरक्षण बचाओ समिति के पदाधिकारियों ने प्रदर्शन कर यूपीए सरकार, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का पुतला जलाया। उन्होेंने चेतावनी दी कि इसके खिलाफ जोरदार आंदोलन चलाया जाएगा। समिति के प्रधान सुलतान सिंह धीमान व सचिव सुभाष पांचाल ने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट ने जाट समुदाय के दबाव में आकर यह फैसला लिया है।