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ग्रामीणों के तानों से बेपरवाह घुड़सवार लाडो ने दी पीएम को सलामी

Sun, 07 Feb 2016 11:32 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला हिसार
ब्यूरो/अमर उजाला हिसार Updated Sun, 07 Feb 2016 11:32 PM IST
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The hero of the hunar

लड़कियां घुड़सवारी नहीं करती। यह खेल तो लड़के ही खेल सकते हैं...

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तुम इसमें क्या करोगी। ये खेल तुम्हारे बस का नहीं है। इसे छोड़कर दूसरा खेल खेलो...। कुछ इसी तरह के उपेक्षा भरे शब्दों से किसी का भी हौसला टूट जाए, लेकिन ग्रामीणों के इन उलाहने भरे शब्दों ने उसके अंदर जोश भरने का काम किया। बस फिर क्या था घुड़सवारी में मुकाम बनाने की ठानी और कई पदक जीतकर प्रधानमंत्री को सलामी दी।

रितु को ओवरऑल बेस्ट राइडर की ट्रॉफी से भी पुरस्कृत किया गया। घुड़सवारी प्रतियोगिता में 19 राज्यों के 2 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया था।

बात है गांव ढाणी गारन की रहने वाली रितु। चार बहनों में सबसे छोटी रितु के पिता एक किसान है। पुरुषों का खेल कहे जाने वाले घुड़सवारी में रितु ने स्वर्ण पदक जीतकर दिखा दिया कि पुरुषों के वर्चस्व वाले खेलों में महिलाएं पीछे नहीं हैं।

रितु ने हाल ही में राष्ट्रीय स्तर की घुड़सवारी प्रतियोगिता में तीन पदक जीते। रितु ने जनवरी में दिल्ली में हुई प्रतियोगिता में घुड़सवारी में स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीता। इस तरह से रितु ने गांव की पहली महिला घुड़सवार खिलाड़ी बनकर नाम रोशन किया। गांव के लोग कभी उनके इस खेल को देखकर उसे ताना देते थे।

घुड़सवारी के लिए रितु का नहीं हुआ था चयन
लुवास में बीवीएसी (बैचलर ऑफ वेटरनरी साइंस) में तृतीय वर्ष की छात्रा रितु ने कुछ करने की तमन्ना लिए एनसीसी ज्वाइन की। यहां भी उसे उपेक्षा का सामना करना पड़ा। घुड़सवारी के लिए 12 लड़कियों का चयन किया गया, लेकिन रितु को नहीं चुना गया।

किस्मत से इनमें से कुछ लड़कियों ने नाम वापस ले लिए, इससे रितु को घुड़सवारी का मौका मिला। बस वहीं से रितु की सफलता की कहानी शुरू हो गई। उसने फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। 

बहन और जीजा ने दिया साथ
रितु ढाणी गारन की एकमात्र घुड़सवार की खिलाड़ी है। साथ ही एकमात्र मेडिकल की छात्रा भी है। रितु ने बताया कि वह उसकी बड़ी बहन और जीजा ने उसका खेल और पढ़ाई में बहुत साथ दिया है। वे उसे खेल में अच्छे प्रदर्शन के लिए प्रेरित भी करते हैं।


रितु ने हासिल की ये उपलब्धि

रितु ने पहली बार जनवरी 2015 में नई दिल्ली में आयोजित एनसीसी कैंप में भाग लेते हुए घुड़सवारी में स्वर्ण और रजत पदक जीता। - सितंबर 2015 में आईटीबीपी भानु, चंडीगढ़ में आयोजित कैंप में भाग लेते हुए गोल्ड मेडल हासिल किया। जनवरी 2016 में दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के कैंप में भाग लेते हुए उसने स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक पर कब्जा जमाया। इनके अलावा कॉलेज स्तर पर भी रितु ने काफी पदक जीते हैं।

घुड़सवारी में मिला यह सम्मान

प्रथम हरियाणा आरएंडवी स्क्वाड्रन की कैडेट रितु को गोल्ड मेडल जीतने पर राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी द्वारा सम्मानित किया गया। साथ ही 16000 की नकद राशि भी उपहार स्वरूप मिली।

नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसे सम्मानित किया। इस मौके पर उसे प्रधानमंत्री को सलामी देने का मौका मिला। गौरतलब है कि विजेता खिलाड़ियों द्वारा प्रधानमंत्री को सलामी भी दी जाती है।

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