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Hisar News: बैंक मैनेजर को एनडीपीएस केस में फंसाने पर तत्कालीन सीआईए इंचार्ज समेत 11 को अदालत ने किया तलब, 16 जुलाई को सुनवाई

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 16 Jun 2026 12:57 AM IST
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The court summoned 11 people, including the then CIA in-charge, for implicating the bank manager in an NDPS case; hearing on July 16.
हिसार। पंजाब के सुनाम निवासी एवं सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, पानीपत में वरिष्ठ प्रबंधक रमनजीत सिंह को कथित रूप से एनडीपीएस मामले में झूठा फंसाने के प्रकरण में हिसार की अदालत ने हांसी के तत्कालीन सीआईए इंचार्ज इंस्पेक्टर कप्तान सिंह समेत 11 आरोपियों को समन जारी किए हैं। अदालत ने प्रथम दृष्टया पर्याप्त साक्ष्य मानते हुए सभी आरोपियों को 16 जुलाई को तलब किया है।
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तलब किए गए आरोपियों में आशीष उर्फ आशु, बीरसेन, चेतन, तत्कालीन एएसआई वीरेंद्र सिंह, इंस्पेक्टर कप्तान सिंह, एसआई भूप सिंह, ईएचसी सुनील, तत्कालीन एएसआई सत्यवान, कांस्टेबल संदीप, एएसआई धर्मवीर सिंह और कांस्टेबल जयबीर सिंह शामिल हैं। इनके खिलाफ गलत तरीके से बंधक बनाने, अपहरण, नुकसान पहुंचाने, धमकी देने और आपराधिक साजिश रचने से संबंधित धाराओं में मुकदमा चलाया जाएगा।
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शिकायत के अनुसार 16 दिसंबर 2017 को हिसार के रेड स्क्वेयर मार्केट में रमनजीत सिंह की कार की टक्कर आशीष उर्फ आशु की गाड़ी से हो गई थी। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि 18 दिसंबर को नई कार खरीदने हिसार आए रमनजीत सिंह को जीत धर्मकांटा के पास जबरन गाड़ी से उतारकर बोलेरो में बैठाया गया और सीआईए स्टाफ ले जाकर मारपीट की गई। शिकायत में नकदी छीनने का भी आरोप लगाया गया है।
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रमनजीत सिंह का दावा है कि बाद में उनकी गाड़ी से 80 ग्राम अफीम बरामद दिखाकर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया था। हालांकि 15 दिसंबर 2022 को अदालत ने उन्हें इस मामले में बरी कर दिया था।

शिकायतकर्ता के अनुसार घटना के दौरान उनका एक मोबाइल फोन चालू रह गया था जिससे परिचितों को जानकारी मिली और पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। इसके बाद प्रसारित वायरलेस संदेश को मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य माना गया। इसी आधार पर अदालत ने आरोपियों के खिलाफ सुनवाई आगे बढ़ाने का आदेश दिया है।
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