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अधिकारियों ने भेजी प्रोसीडिंग, मेयर का साइन से इंकार
अमर उजाला ब्यूरो/हिसार
Updated Wed, 25 Nov 2015 02:06 AM IST
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नगर निगम की बैठक के पारित प्रस्तावों को लेकर मेयर और निगम अधिकारियों में ठन गई है।
एक तरफ नगर निगम के अधिकारियों ने सदन की 19 नवंबर को हुई बैठक में रखे गए 11 में से 10 प्रस्तावों को पारित दिखाते हुए मंगलवार को प्रोसीडिंग तैयार कर मेयर को भेजी है।
वहीं मेयर ने प्रोसीडिंग पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया है। मेयर ने इसे अधिकारियों की मनमानी बताया है वहीं अधिकारियों का कहना है कि एक प्रस्ताव को छोड़कर सभी प्रस्ताव कोरम के आधार पर पास हो गए थे।
बैठक के दिन ही हुआ था विवाद
प्रस्तावों को लेकर बैठक के दिन ही विवाद हो गया था। इसके बावजूद अधिकारियों ने इसे पारित कर दिया। नगर निगम सदन की बैठक में हंगामे के बाद अधिकतर पार्षद इसका बहिष्कार कर बाहर चले गए थे।
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पार्षदों ने केवल दो प्रस्ताव पारित करने पर सहमति बनाई थी। बाकी प्रस्ताव के लिए जल्द ही दूसरी बैठक बुलाने का फैसला लिया था।
हस्ताक्षर के नीचे कार्यवाही की रिपोर्ट लिखी
दरअसल अधिकारियों ने निगम की बैठक शुरू होते ही मीटिंग में आए पार्षदों से रजिस्टर में हस्ताक्षर कराए। इसमें अधिकतर पार्षदों ने हस्ताक्षर कर दिए।
इसके बाद अधिकारियों ने इन हस्ताक्षर के नीचे सदन की कार्यवाही रिपोर्ट लिख दी। जानकारी के अनुसार नगर निगम के अधिकारी सदन की दोबारा बैठक नहीं बुलाना चाहते इस कारण इस बैठक के सभी प्रस्ताव पारित दिखाना चाहते हैं।
बैठक के यह प्रस्ताव पारित मान लिए जाएंगे तो अधिकारी तीन महीने तक बैठक बुलाने से बच जाएंगे। मेयर शकुंतला राजलीवाला ने कहा कि इस बार अधिकारियों ने गलत तरीके से दूसरे रजिस्टर में हस्ताक्षर कराए।
इसके आधार पर प्रस्तावों को पारित नहीं दिखाया जा सकता। सदन की बैठक जल्द ही दोबारा बुलाने के लिए बात हुई थी।
क्या है नियम
सदन की बैठक बुलाने के लिए एक तिहाई पार्षद होने चाहिए। यानी कुल 20 पार्षदों में से अगर 7 पार्षद चाहें तो बैठक हो सकती है। बैठक में उपस्थित पार्षद चाहें तो प्रस्ताव पारित कर सकते हैं।
मतलब अगर सात पार्षद किसी प्रस्ताव को पारित कर देंगे तो वह पारित ही माना जाएगा।
मेयर के हस्ताक्षर बिना प्रोसीडिंग पास नहीं
सदन की बैठक की अध्यक्षता मेयर शकुंतला राजलीवाला कर रहीं थीं। सदन के चेयरमैन के हस्ताक्षर के बिना प्रोसीडिंग स्वीकृत नहीं हो सकती।
ऐसे में प्रोसीडिंग पर मेयर के हस्ताक्षर अनिवार्य हैं। मेयर चाहें तो प्रोसीडिंग में अपने स्तर पर बदलाव करा सकती हैं।
मेयर के अनुसार ये दो प्रस्ताव ही पारित
- लाहौरिया चौक से मिलगेट पुलिस चौकी तक की सड़क मार्केटिंग बोर्ड को ट्रांसफर करेंगे।
- महाराजा सूरसैन पार्क में बूस्टिंग स्टेशन के लिए 2166 गज जमीन जनस्वास्थ्य विभाग को ट्रांसफर करेंगे।
एजेंडे के इन प्रस्ताव पर विवाद
- वर्ष 2016-17 के वार्षिक बजट, लेखा शाखा के ईसीआर, अनुदान रजिस्टर, डिमांड रजिस्टर बनाना
- नगर निगम की 407 दुकानों में से 402 दुकानों का दोबारा इकरारनामा तैयार कराना
- पुरानी सब्जी मंडी की दुकानों पर वापस कब्जा लेने का प्रस्ताव
- लेखा शाखा, मेयर, डिप्टी मेयर के नवनिर्मित कक्षों में रंग रोगन, लोहे की रैक लगाने बारे
- नगर निगम की ओर से तैयार कराए गए कांप्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान को लागू करने के बारे
- जनवरी 2015 से अब तक अवैध निर्माणों को दिए नोटिस व उन पर की गई कार्यवाही की रिपोर्ट
- मधुबन पार्क में बनाए गए मछली विहार व चिड़ियाघर के रख रखाव का प्रस्ताव
- जनस्वास्थ्य विभाग या किसी अन्य काम के लिए जमीन कीमत लेकर ही ट्रांसफर की जाए
- विकास कार्य कराए जाने के बाद की अदायगी से पहले स्वास्थ्य शाखा से रिपोर्ट ली जाए
प्रस्ताव नंबर 11 को रद किया
सदन बैठक की प्रोसीडिंग में मुख्य सफाई निरीक्षक तथा सफाई निरीक्षक को वाहन भत्ता दिए जाने बारे में रखे गए प्रस्ताव को रद दिखाया गया है।
मैंने तो पहले ही कह दिया था कि एजेंडे के केवल दो प्रस्ताव को पास किया है। इसके बाद भी अधिकारियों ने प्रोसीडिंग में दस प्रस्ताव पारित किए दिखाए हैं। मैं तो इस प्रोसीडिंग पर किसी कीमत पर हस्ताक्षर नहीं करूंगी। यह तो पूरी तरह से अधिकारियों की मनमानी हो गई।
- शकुंतला राजलीवाला, मेयर, नगर निगम हिसार
सदन की बैठक में दस पार्षद उपस्थित थे। एक तिहाई पार्षद बैठक के कोरम के लिए पूरे हैं। बैठक में सभी पार्षदों ने केवल एक प्रस्ताव को छोड़कर बाकी सभी को पारित किया था। इस कारण हमने उसी आधार पर प्रोसीडिंग तैयार कर मेयर मैडम को भेजी है। वह चाहेंगी उतने ही प्रस्ताव पारित माने जाएंगे।
- वीरेंद्र कुमार, सचिव, नगर निगम
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एक तरफ नगर निगम के अधिकारियों ने सदन की 19 नवंबर को हुई बैठक में रखे गए 11 में से 10 प्रस्तावों को पारित दिखाते हुए मंगलवार को प्रोसीडिंग तैयार कर मेयर को भेजी है।
वहीं मेयर ने प्रोसीडिंग पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया है। मेयर ने इसे अधिकारियों की मनमानी बताया है वहीं अधिकारियों का कहना है कि एक प्रस्ताव को छोड़कर सभी प्रस्ताव कोरम के आधार पर पास हो गए थे।
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बैठक के दिन ही हुआ था विवाद
प्रस्तावों को लेकर बैठक के दिन ही विवाद हो गया था। इसके बावजूद अधिकारियों ने इसे पारित कर दिया। नगर निगम सदन की बैठक में हंगामे के बाद अधिकतर पार्षद इसका बहिष्कार कर बाहर चले गए थे।
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पार्षदों ने केवल दो प्रस्ताव पारित करने पर सहमति बनाई थी। बाकी प्रस्ताव के लिए जल्द ही दूसरी बैठक बुलाने का फैसला लिया था।
हस्ताक्षर के नीचे कार्यवाही की रिपोर्ट लिखी
दरअसल अधिकारियों ने निगम की बैठक शुरू होते ही मीटिंग में आए पार्षदों से रजिस्टर में हस्ताक्षर कराए। इसमें अधिकतर पार्षदों ने हस्ताक्षर कर दिए।
इसके बाद अधिकारियों ने इन हस्ताक्षर के नीचे सदन की कार्यवाही रिपोर्ट लिख दी। जानकारी के अनुसार नगर निगम के अधिकारी सदन की दोबारा बैठक नहीं बुलाना चाहते इस कारण इस बैठक के सभी प्रस्ताव पारित दिखाना चाहते हैं।
बैठक के यह प्रस्ताव पारित मान लिए जाएंगे तो अधिकारी तीन महीने तक बैठक बुलाने से बच जाएंगे। मेयर शकुंतला राजलीवाला ने कहा कि इस बार अधिकारियों ने गलत तरीके से दूसरे रजिस्टर में हस्ताक्षर कराए।
इसके आधार पर प्रस्तावों को पारित नहीं दिखाया जा सकता। सदन की बैठक जल्द ही दोबारा बुलाने के लिए बात हुई थी।
क्या है नियम
सदन की बैठक बुलाने के लिए एक तिहाई पार्षद होने चाहिए। यानी कुल 20 पार्षदों में से अगर 7 पार्षद चाहें तो बैठक हो सकती है। बैठक में उपस्थित पार्षद चाहें तो प्रस्ताव पारित कर सकते हैं।
मतलब अगर सात पार्षद किसी प्रस्ताव को पारित कर देंगे तो वह पारित ही माना जाएगा।
मेयर के हस्ताक्षर बिना प्रोसीडिंग पास नहीं
सदन की बैठक की अध्यक्षता मेयर शकुंतला राजलीवाला कर रहीं थीं। सदन के चेयरमैन के हस्ताक्षर के बिना प्रोसीडिंग स्वीकृत नहीं हो सकती।
ऐसे में प्रोसीडिंग पर मेयर के हस्ताक्षर अनिवार्य हैं। मेयर चाहें तो प्रोसीडिंग में अपने स्तर पर बदलाव करा सकती हैं।
मेयर के अनुसार ये दो प्रस्ताव ही पारित
- लाहौरिया चौक से मिलगेट पुलिस चौकी तक की सड़क मार्केटिंग बोर्ड को ट्रांसफर करेंगे।
- महाराजा सूरसैन पार्क में बूस्टिंग स्टेशन के लिए 2166 गज जमीन जनस्वास्थ्य विभाग को ट्रांसफर करेंगे।
एजेंडे के इन प्रस्ताव पर विवाद
- वर्ष 2016-17 के वार्षिक बजट, लेखा शाखा के ईसीआर, अनुदान रजिस्टर, डिमांड रजिस्टर बनाना
- नगर निगम की 407 दुकानों में से 402 दुकानों का दोबारा इकरारनामा तैयार कराना
- पुरानी सब्जी मंडी की दुकानों पर वापस कब्जा लेने का प्रस्ताव
- लेखा शाखा, मेयर, डिप्टी मेयर के नवनिर्मित कक्षों में रंग रोगन, लोहे की रैक लगाने बारे
- नगर निगम की ओर से तैयार कराए गए कांप्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान को लागू करने के बारे
- जनवरी 2015 से अब तक अवैध निर्माणों को दिए नोटिस व उन पर की गई कार्यवाही की रिपोर्ट
- मधुबन पार्क में बनाए गए मछली विहार व चिड़ियाघर के रख रखाव का प्रस्ताव
- जनस्वास्थ्य विभाग या किसी अन्य काम के लिए जमीन कीमत लेकर ही ट्रांसफर की जाए
- विकास कार्य कराए जाने के बाद की अदायगी से पहले स्वास्थ्य शाखा से रिपोर्ट ली जाए
प्रस्ताव नंबर 11 को रद किया
सदन बैठक की प्रोसीडिंग में मुख्य सफाई निरीक्षक तथा सफाई निरीक्षक को वाहन भत्ता दिए जाने बारे में रखे गए प्रस्ताव को रद दिखाया गया है।
मैंने तो पहले ही कह दिया था कि एजेंडे के केवल दो प्रस्ताव को पास किया है। इसके बाद भी अधिकारियों ने प्रोसीडिंग में दस प्रस्ताव पारित किए दिखाए हैं। मैं तो इस प्रोसीडिंग पर किसी कीमत पर हस्ताक्षर नहीं करूंगी। यह तो पूरी तरह से अधिकारियों की मनमानी हो गई।
- शकुंतला राजलीवाला, मेयर, नगर निगम हिसार
सदन की बैठक में दस पार्षद उपस्थित थे। एक तिहाई पार्षद बैठक के कोरम के लिए पूरे हैं। बैठक में सभी पार्षदों ने केवल एक प्रस्ताव को छोड़कर बाकी सभी को पारित किया था। इस कारण हमने उसी आधार पर प्रोसीडिंग तैयार कर मेयर मैडम को भेजी है। वह चाहेंगी उतने ही प्रस्ताव पारित माने जाएंगे।
- वीरेंद्र कुमार, सचिव, नगर निगम