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थर्मल के गेट पर चल रहे धरने का मामला-

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 30 May 2022 10:57 PM IST
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The case of the ongoing dharna at the thermal gate-
थर्मल प्लांट के गेट पर डेरा डाले बैठे आंदोलनकारी। - फोटो : Hisar
बरवाला (हिसार)। गोशाला संघर्ष समिति के सदस्यों की राजीव गांधी थर्मल पॉवर प्लांट में घुसने की कोशिश पर सोमवार को बवाल हो गया। पुलिसकर्मियों और आंदोलनकारियों के बीच तीखी झड़प हुई। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंदोलनकारियों पर लाठियां फटकारी और आंसू गैस के गोले छोड़े। पुलिस ने नाराज लोगों पर पानी की बौछारें भी की। इससे मौके पर भगदड़ मच गई। पुलिस की धक्कामुक्की के बीच छह लोग घायल हो गए। घायलों में महिला सहित दो लोगों की हालत गंभीर बताई जाती है। आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच टकराव के हालात पैदा हो गए।
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राजीव गांधी थर्मल पावर प्लांट गोशाला संघर्ष समिति के सदस्य लगातार 42वें दिन भी अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना प्रदर्शन किया। धरनारत लोगों ने सोमवार को अपनी पूर्व घोषणा के अनुसार पहले थर्मल प्लांट के मेन गेट पर डेरा डाला। ग्रामीणों ने पंचायत के जरिये फैसला लिया कि प्लांट के गेट पर ताला जड़ा जाएगा।
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दोपहर बाद करीब तीन बजे आंदोलनकारी प्लांट के मेन गेट पर ताला जड़ने गए। इस पर मौके पर टकराव की स्थिति बन गई। ग्रामीणों व पुलिस के बीच धक्कामुक्की प्रारंभ हो गई। इस दौरान पुलिस ने आंदोलनकारियों पर लाठियां फटकारी और आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके साथ ही उन पर पानी की बौछारें की। इसमें करीब छह लोगों को चोटें आई हैं। जिन लोगों को गंभीर चोट आई, उनमें एक महिला रोशनी देवी और कर्मबीर शामिल हैं। उन्हें शहर के नागरिक अस्पताल में उपचार के लिए ले जाया गया। मामूली चोट लगने वालों का गांव में ही उपचार करवाया गया। घायलों को देख लोगों का गुस्सा पुलिस प्रशासन के खिलाफ और बढ़ गया। लोग थर्मल के गेट के ऊपर चढ़ने की कोशिश करने लगे। पुलिस प्रशासन ने उन्हें प्लांट के अंदर नहीं घुसने दिया। समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन की तरफ से 72 घंटे का समय दिया। हालांकि आंदोलनकारियों ने यह कहते हुए थर्मल प्लांट के गेट के आगे ही टेंट लगा दिया कि वे अगले 72 घंटे तक वहीं बैठकर प्रशासन के फैसले का इंतजार करेंगे। शाम करीब 6.30 बजे डीसी डॉ. प्रियंका सोनी खेदड़ प्लांट में पहुंची व संघर्ष समिति के 10 सदस्यों व 4 किसान नेताओं को बातचीत के लिये थर्मल के गेस्ट हाउस में बुलवाया। इस बीच आंदोलनकारी अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। देर रात बातचीत का दौर चलता रहा।
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यह है मामला
गोशाला संघर्ष समिति के सदस्य राख के उठान का कार्य थर्मल प्लांट के प्रबंधन से ग्रामीणों को देने की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस कार्य से गोशाला का खर्चा चलता है। गोवंश का भरण-पोषण भी होता है। प्लांट प्रबंधन ने राख उठान का कार्य किसी अन्य को सौंपकर गोशाला की व्यवस्थाओं पर कुठाराघात किया है। इस मामले में समिति के मांगों के पूरा नहीं होने तक धरना-प्रदर्शन जारी रहे।
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