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कैंसर के उपचार में अदरक की उपयोगिता पर शोध के जीजेयू को मिली परियोजना

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 20 May 2022 12:18 AM IST
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Teachers will explore the usefulness of ginger in the treatment of cancer
हिसार। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के बायो एंड नेनो टेक्नोलॉजी विभाग के शिक्षक कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज में अदरक की उपयोगिता तलाशेंगे।
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केंद्र के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने डब्ल्यूओएस-बी स्कीम के तहत जीजेयू के बायो एंड नेनो टेक्नोलॉजी विभाग को ‘डेवलेपमेंट ऑफ नेनो-फॉर्मूलेशंस फ्रॉम नोवेल एंटीकैंसर मेटोबोलाइटस फ्रॉम जिंजर’ विषय पर एक शोध परियोजना दी गई है। इस परियोजना को तीन साल में पूरा किया जाना है। परियोजना के लिए 32.81 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। कुलपति प्रो. बलदेव राज कांबोज ने बताया कि इस योजना के तहत विश्वविद्यालय के बायो एंड नेनो टेक्नोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. विनोद छोकर के मार्गदर्शन में डॉ. श्वेता मेहरोत्रा को महिला वैज्ञानिक के रूप में नियुक्त किया गया है।
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परियोजना का मुख्य उद्देश्य बायो एंड नेनो-तकनीकी दृष्टिकोण के माध्यम से अदरक के चिकित्सीय मूल्यों को बढ़ाना है। अदरक का औषधीय उपयोग का 2500 साल पुराना एक लंबा इतिहास है। अदरक का उपयोग पारंपरिक रूप से दुनिया के विभिन्न हिस्सों में विभिन्न मानव बीमारियों के लिए, पाचन में सहायता और पेट खराब, दस्त, सर्दी, खांसी और मतली के इलाज के लिए किया जाता रहा है।
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परियोजना के संरक्षक प्रो. विनोद छोकर ने बताया कि अदरक आमतौर पर इस्तेमाल की जाने वाली जड़ी-बूटी है, जिसमें कैंसररोधी गुणों वाले जिंजरोल, शोगोल, पैराडोल जैसे औषधीय रूप से बायोएक्टिव यौगिक होते हैं। इसके साथ बड़ी समस्या जिंजरोल और शोगोल की खराब पानी में घुलनशीलता और मौखिक जैविक उपलब्धता है, जो अदरक के सक्रिय एवं प्रचुर मात्रा में घटक हैं। इसलिए इसके चिकित्सीय अनुप्रयोगों को प्रतिबंधित करते हैं। अदरक के महत्वपूर्ण कैंसर विरोधी गुणों को ध्यान में रखते हुए इस शोध परियोजना को जैव-संगत एंटीकैंसर कारक के रूप में अदरक राइजोम से अदरक-आधारित नैनोकणों के निर्माण, लक्षण वर्णन और फार्माकोकाइनेटिक्स के लिए डिजाइन किया गया है। विकसित नैनो फॉर्मूलेशन के खाद्य लोजेंज या कैंडी तैयार कर उनकी मार्केटिंग की जाएगी। प्रो. विनोद छोकर ने बताया कि यह शोध कैंसर के इलाज में नई अंतर्दृष्टि प्रदान करेगा। अनुसंधान का मुख्य उद्देश्य रसोई के फाइटोकेमिकल्स को शक्तिशाली एंटीकैंसर कारकों के रूप में और चिकित्सीय उद्देश्यों के लिए लोकप्रिय बनाना है।
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