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शिक्षा : स्कूलों में 10वीं से 12वीं के बच्चों को दिए टैबलेट होंगे अपडेट, नहीं कर सकेंगे दुरुपयोग
Thu, 03 Oct 2024 03:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Thu, 03 Oct 2024 03:08 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
हांसी। राजकीय स्कूलों में 10वीं से 12वीं के विद्यार्थी डिजिटलाइजेशन से पढ़ाई कर सकें, इसलिए शिक्षा विभाग ने टैबलेट दिए हैं। खंड के सरकारी स्कूलों में करीब 6 हजार के लगभग विद्यार्थी टैबलेट प्रयोग कर रहे हैं। 10वीं से 12वीं तक के विद्यार्थी टैबलेट का प्रयोग केवल पढ़ाई के लिए करें, इसका गलत इस्तेमाल न करें। इसको लेकर विभाग की ओर से एमडीएम (मोबाइल डिवाइस मैनेजमेंट एप) सॉफ्टवेयर को अपडेट किया जाएगा।
शिक्षा विभाग ने बीते वर्ष भी इसे अपडेट किया था, लेकिन अब लेटेस्ट वर्जन के साथ अपडेट किया जा रहा है। विभाग के पास शिकायतें पहुंच रही हैं कि टैबलेट का दुरुपयोग हो रहा है। सॉफ्टवेयर को बाजार से क्रैक कराया जा रहा है। कुछ बच्चे टैबलेट में प्रतिबंधित एप इंस्टॉल कर रहे हैं। सरकार की ओर से रोजाना दो जीबी डाटा दिया जाता है। कई स्कूलों से शिकायत आ रही थी कि विद्यार्थी टैब पर काम की बजाए सोशल साइट चला रहे हैं। ऐसे में शिक्षा विभाग की ओर से एमडीएम (मोबाइल डिवाइस मैनेजमेंट एप) का अपडेट वर्जन डाउनलोड कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि अब नए सत्र से विद्यार्थियों को दिए टैब में एमडीएम का अपडेट सॉफ्टवेयर इंस्टॉल कराया जाएगा।
मॉनिटरिंग के बाद निकाल लिया हल
नए सत्र में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को टैबलेट दिए गए। शिक्षा विभाग ने दावा किया था कि सभी टैबलेट को मोबाइल डिवाइस मैनेजमेंट से कनेक्ट किया है। कोई भी विद्यार्थी अवसर और वन स्टूडेंट एप के अलावा अगर अन्य कोई एप का प्रयोग करता है तो इसकी सूचना विभाग को मिल जाएगी। यानी विभाग ने टेबलेट की मॉनिटरिंग करने की बात कहीं थी। इसके बावजूद विद्यार्थियों ने इसका तोड़ निकाल लिया है। विद्यार्थी इसके लिए 300 से 400 रुपये खर्च कर बाजार में टैबलेट का लॉक तोड़कर इनका प्रयोग गेम खेलने और अन्य सोशल मीडिया के लिए प्रयोग कर रहे हैं। हालांकि अब विद्यार्थी टैबलेट में कोई भी डाउनलोड करने के बजाय गूगल की मदद से सभी एप का प्रयोग कर रहे हैं।
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शिक्षक भी करते हैं जांच- बीईओ
टैबलेट का सॉफ्टवेयर अपडेट किए जा रहे हैं। ताकि इनका दुरुपयोग न हो सके। इसके लिए शिक्षकों को भी कहा है कि समय-समय पर बच्चों के टैबलेट जांच करते रहें।- जिले सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी
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हांसी। राजकीय स्कूलों में 10वीं से 12वीं के विद्यार्थी डिजिटलाइजेशन से पढ़ाई कर सकें, इसलिए शिक्षा विभाग ने टैबलेट दिए हैं। खंड के सरकारी स्कूलों में करीब 6 हजार के लगभग विद्यार्थी टैबलेट प्रयोग कर रहे हैं। 10वीं से 12वीं तक के विद्यार्थी टैबलेट का प्रयोग केवल पढ़ाई के लिए करें, इसका गलत इस्तेमाल न करें। इसको लेकर विभाग की ओर से एमडीएम (मोबाइल डिवाइस मैनेजमेंट एप) सॉफ्टवेयर को अपडेट किया जाएगा।
शिक्षा विभाग ने बीते वर्ष भी इसे अपडेट किया था, लेकिन अब लेटेस्ट वर्जन के साथ अपडेट किया जा रहा है। विभाग के पास शिकायतें पहुंच रही हैं कि टैबलेट का दुरुपयोग हो रहा है। सॉफ्टवेयर को बाजार से क्रैक कराया जा रहा है। कुछ बच्चे टैबलेट में प्रतिबंधित एप इंस्टॉल कर रहे हैं। सरकार की ओर से रोजाना दो जीबी डाटा दिया जाता है। कई स्कूलों से शिकायत आ रही थी कि विद्यार्थी टैब पर काम की बजाए सोशल साइट चला रहे हैं। ऐसे में शिक्षा विभाग की ओर से एमडीएम (मोबाइल डिवाइस मैनेजमेंट एप) का अपडेट वर्जन डाउनलोड कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि अब नए सत्र से विद्यार्थियों को दिए टैब में एमडीएम का अपडेट सॉफ्टवेयर इंस्टॉल कराया जाएगा।
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मॉनिटरिंग के बाद निकाल लिया हल
नए सत्र में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को टैबलेट दिए गए। शिक्षा विभाग ने दावा किया था कि सभी टैबलेट को मोबाइल डिवाइस मैनेजमेंट से कनेक्ट किया है। कोई भी विद्यार्थी अवसर और वन स्टूडेंट एप के अलावा अगर अन्य कोई एप का प्रयोग करता है तो इसकी सूचना विभाग को मिल जाएगी। यानी विभाग ने टेबलेट की मॉनिटरिंग करने की बात कहीं थी। इसके बावजूद विद्यार्थियों ने इसका तोड़ निकाल लिया है। विद्यार्थी इसके लिए 300 से 400 रुपये खर्च कर बाजार में टैबलेट का लॉक तोड़कर इनका प्रयोग गेम खेलने और अन्य सोशल मीडिया के लिए प्रयोग कर रहे हैं। हालांकि अब विद्यार्थी टैबलेट में कोई भी डाउनलोड करने के बजाय गूगल की मदद से सभी एप का प्रयोग कर रहे हैं।
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शिक्षक भी करते हैं जांच- बीईओ
टैबलेट का सॉफ्टवेयर अपडेट किए जा रहे हैं। ताकि इनका दुरुपयोग न हो सके। इसके लिए शिक्षकों को भी कहा है कि समय-समय पर बच्चों के टैबलेट जांच करते रहें।- जिले सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी