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Hisar News: सीआईए रिश्वत कांड में सब इंस्पेक्टर नर सिंह को न्यायिक हिरासत में भेजा
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हिसार। उकलाना के समीप लितानी गांव के पेट्रोल पंप संचालक से लाखों रुपये की रिश्वत मांगने के मामले में गिरफ्तार सब इंस्पेक्टर नर सिंह को दो दिन के पुलिस रिमांड के बाद वीरवार को एडीजे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन के न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अदालत में अब इस मामले की अगली सुनवाई 24 दिसंबर को होगी।
आरोपी सब इंस्पेक्टर नर सिंह ने बीते मंगलवार को हिसार की अदालत में आत्मसमर्पण किया था, जिसके तुरंत बाद एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में इससे पहले सीआईए-2 हिसार के तत्कालीन इंचार्ज इंस्पेक्टर कपिल सिहाग, एएसआई संदीप सिहाग, कांस्टेबल अजय, कांस्टेबल संदीप और बिचौलिया रिछपाल को एसीबी पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। इन सभी के खिलाफ जांच पूरी कर कोर्ट में चालान दायर किया जा चुका है और फिलहाल न्यायालय में ट्रायल चल रहा है।
सभी आरोपी अदालत से जमानत ले चुके हैं। मामला तब सामने आया जब उकलाना निवासी अमन ने 24 अक्टूबर 2024 को एसीबी में शिकायत दी कि 10 अक्टूबर को सीआईए-2 हिसार टीम ने उसे अवैध रूप से हिरासत में लेकर डराया और झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी। बाद में पुलिसकर्मियों ने 30 लाख रुपये की रिश्वत मांगी, जो घटाकर 17 लाख 50 हजार पर तय हुई।अमन ने एसीबी को शिकायत दी और छापे के दौरान रिछपाल को 5 लाख 80 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ लिया गया। इसी कार्रवाई से पूरे घोटाले का पर्दाफाश हुआ और अब मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
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आरोपी सब इंस्पेक्टर नर सिंह ने बीते मंगलवार को हिसार की अदालत में आत्मसमर्पण किया था, जिसके तुरंत बाद एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में इससे पहले सीआईए-2 हिसार के तत्कालीन इंचार्ज इंस्पेक्टर कपिल सिहाग, एएसआई संदीप सिहाग, कांस्टेबल अजय, कांस्टेबल संदीप और बिचौलिया रिछपाल को एसीबी पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। इन सभी के खिलाफ जांच पूरी कर कोर्ट में चालान दायर किया जा चुका है और फिलहाल न्यायालय में ट्रायल चल रहा है।
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सभी आरोपी अदालत से जमानत ले चुके हैं। मामला तब सामने आया जब उकलाना निवासी अमन ने 24 अक्टूबर 2024 को एसीबी में शिकायत दी कि 10 अक्टूबर को सीआईए-2 हिसार टीम ने उसे अवैध रूप से हिरासत में लेकर डराया और झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी। बाद में पुलिसकर्मियों ने 30 लाख रुपये की रिश्वत मांगी, जो घटाकर 17 लाख 50 हजार पर तय हुई।अमन ने एसीबी को शिकायत दी और छापे के दौरान रिछपाल को 5 लाख 80 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ लिया गया। इसी कार्रवाई से पूरे घोटाले का पर्दाफाश हुआ और अब मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
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