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Hisar News: परीक्षा की तैयारी के लिए समय सारिणी बनाकर करें पढ़ाई
Sun, 25 Feb 2024 12:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sun, 25 Feb 2024 12:47 AM IST
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शिल्पा कंबोज।
हिसार। हरियाणा बोर्ड की 27 फरवरी से परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। अक्सर परीक्षा के समय काफी विद्यार्थी तनावग्रस्त हो जाते हैं। इसका असर उनके परीक्षा परिणाम पर पड़ता है। नागरिक अस्पताल के मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. प्रशांत कुमार बताते हैं कि बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए समय सारिणी बनाकर पढ़ाई करें और तनाव मुक्त रहे। इसके लिए विद्यार्थी सकारात्मक सोच रखें और जो लोग तनाव वाली बात करते हैं उनसे दूर रहे।
डॉ. प्रशांत का कहना है कि विद्यार्थियों को तनाव से बचने के लिए सबसे पहले समय सारिणी बनानी चाहिए। इसी के हिसाब से पढ़ाई करें। रिवीजन के दौरान बीच-बीच में 15-15 मिनट तक आराम करें। ऐसा करने से दिमाग पर बोझ नहीं पड़ेगा। इसके अलावा अपने आसपास का वातावरण सकारात्मक रखें। मन में यह बात रखें कि यह परीक्षा अंतिम नहीं है परीक्षाएं तो आगे भी होंगी। पढ़ाई के दौरान मन नहीं लग रहा है, शरीर में थकान है और नींद नहीं आ रही तो मनोचिकित्सक से सलाह लें।
फास्ट फूड से करें परहेज
नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. ज्ञानेंद्र का कहना है कि परीक्षा के दिनों में विद्यार्थी तनाव ले लेते हैं, लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए। इस दौरान विद्यार्थियों को हल्का भोजन करना चाहिए। खाने में सलाद का अधिक प्रयोग करना चाहिए। सुबह और शाम को योगाभ्यास करना चाहिए इससे मन और दिमाग शांत रहता है। परीक्षा के दिन सुबह नाश्ता करके जरूर जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को भरपूर मात्रा में पानी पीना चाहिए। जिससे शरीर को ऊर्जा मिलती है और सक्रिय रहने में मदद मिलती है।
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दरअसल तनाव दो प्रकार के होते हैं- सकारात्मक और नकारात्मक। परीक्षा के समय सकारात्मक तनाव होना चाहिए। आज के समय विद्यार्थी सोशल मीडिया का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। इससे दूरी बना कर रखेंगे तो मन विचलित नहीं होगा। इसके साथ समय पर भोजन, कसरत करना, ध्यान लगाना व अच्छी नींद लेनी चाहिए। यदि विद्यार्थी कक्षा की शुरुआत से ही प्रत्येक विषय को उचित समय दें तो बहुत अधिक संभावना है कि वे परीक्षा के समय तनाव से दूर रहेंगे। इसके साथ ही इस समय बच्चों को प्रोत्साहित करना आवश्यक है। परीक्षा के समय अभिभावकों को बच्चे को समझाना चाहिए और उन्हें विश्वास दिलाए कि वे उनके साथ हैं। इससे बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे तनाव रहित होकर परीक्षा दे पाएंगे।
डॉ. शिल्पा कंबोज, बीआरपी साइकोलॉजी, हिसार द्वितीय।
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डॉ. प्रशांत का कहना है कि विद्यार्थियों को तनाव से बचने के लिए सबसे पहले समय सारिणी बनानी चाहिए। इसी के हिसाब से पढ़ाई करें। रिवीजन के दौरान बीच-बीच में 15-15 मिनट तक आराम करें। ऐसा करने से दिमाग पर बोझ नहीं पड़ेगा। इसके अलावा अपने आसपास का वातावरण सकारात्मक रखें। मन में यह बात रखें कि यह परीक्षा अंतिम नहीं है परीक्षाएं तो आगे भी होंगी। पढ़ाई के दौरान मन नहीं लग रहा है, शरीर में थकान है और नींद नहीं आ रही तो मनोचिकित्सक से सलाह लें।
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फास्ट फूड से करें परहेज
नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. ज्ञानेंद्र का कहना है कि परीक्षा के दिनों में विद्यार्थी तनाव ले लेते हैं, लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए। इस दौरान विद्यार्थियों को हल्का भोजन करना चाहिए। खाने में सलाद का अधिक प्रयोग करना चाहिए। सुबह और शाम को योगाभ्यास करना चाहिए इससे मन और दिमाग शांत रहता है। परीक्षा के दिन सुबह नाश्ता करके जरूर जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को भरपूर मात्रा में पानी पीना चाहिए। जिससे शरीर को ऊर्जा मिलती है और सक्रिय रहने में मदद मिलती है।
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दरअसल तनाव दो प्रकार के होते हैं- सकारात्मक और नकारात्मक। परीक्षा के समय सकारात्मक तनाव होना चाहिए। आज के समय विद्यार्थी सोशल मीडिया का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। इससे दूरी बना कर रखेंगे तो मन विचलित नहीं होगा। इसके साथ समय पर भोजन, कसरत करना, ध्यान लगाना व अच्छी नींद लेनी चाहिए। यदि विद्यार्थी कक्षा की शुरुआत से ही प्रत्येक विषय को उचित समय दें तो बहुत अधिक संभावना है कि वे परीक्षा के समय तनाव से दूर रहेंगे। इसके साथ ही इस समय बच्चों को प्रोत्साहित करना आवश्यक है। परीक्षा के समय अभिभावकों को बच्चे को समझाना चाहिए और उन्हें विश्वास दिलाए कि वे उनके साथ हैं। इससे बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे तनाव रहित होकर परीक्षा दे पाएंगे।
डॉ. शिल्पा कंबोज, बीआरपी साइकोलॉजी, हिसार द्वितीय।