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Hisar News: ऐतिहासिक दस्तावेज एवं छायाचित्रों से विद्यार्थियों ने जाना आजादी की लड़ाई में हिसार का योगदान
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हिसार क्षेत्रीय अभिलेखागार सहायक निदेशक अनिल कुमार व इतिहासकार डॉ उमा शंकर सिंह प्रदर्शनी का अव
हिसार। क्षेत्रीय अभिलेखागार विभाग हिसार मंडल की ओर से पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गंगवा में चल रही ऐतिहासिक दस्तावेजों एवं छायाचित्रों की दो दिवसीय प्रदर्शनी का समापन हुआ। इतिहासकार डॉ. उमा शंकर सिंह ने विद्यार्थियों को बताया कि प्रदर्शनी में हिसार अभिलेखागार के दस्तावेज किस तरह से अतीत को वर्तमान से जोड़ते हैं।
1857 से 1947 के बीच किस तरह से हरियाणा क्षेत्र के महानायकों ने अंग्रेजों से संघर्ष करके आजादी की लड़ाई लड़ी। स्वतंत्र भारत को वर्तमान और भविष्य में कैसे सशक्त, समृद्ध एवं सुदृढ बनाए रखा जाए पर विशेष बल दिया।
क्षेत्रीय अभिलेखागार सहायक निदेशक अनिल कुमार ने कहा कि प्रदर्शनी का उद्देश्य आमजन को हमारी सांस्कृतिक विरासत से रूबरू करवाना है। उन्होंने आजादी की लड़ाई में हरियाणा के स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी में वर्ष 1857 से 1947 तक आजादी की लड़ाई में भाग लेने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन में घटित महत्वपूर्ण घटनाओं एवं उनके छायाचित्रों को प्रदर्शित किया गया है। 1857 की क्रांति में भाग लेने वाले हांसी के वीर शहीद लाला हुकम चंद जैन जिनको उनके घर के सामने फांसी पर लटका दिया गया था। इसके अलावा 19 अगस्त 1857 को हिसार जिले के नागौरी गेट पर अंग्रजों व हिसार व इसके आसपास के गांव के स्वतंत्रता सेनानियों में भयंकर लड़ाई बारे, हिसार जिले के नीलाम हुए गांवों के बारे में, महिलाओं की राष्ट्रीय आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिकाओं को बखूबी दर्शाया गया।
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सहायक निदेशक ने बताया कि हिसार जिले के स्वतंत्रता सेनानियों के फोटोग्राफ्स, जिला फतेहाबाद के स्वतंत्रता सेनानियों के फोटोग्राफ्स व उनके जीवन में घटित महत्वपूर्ण घटनाएं, हिसार के दादा गणेशी लाल की राष्ट्रीय आंदोलन में भूमिका, गांधीवादी नेता बलवंत राय तायल की राष्ट्रीय आंदोलन में भूमिका, महान् देश सेवक और परम गोभक्त लाला हरदेव सहाय की राष्ट्रीय आंदोलन में भूमिका, दुर्लभ फोटोग्राफ्स, 1938 की नेताजी सुभाष चंद्र बोस की हिसार यात्रा व फतेहाबाद जिले व हिसार जिले की जानकारी देते हुए छायाचित्र व दस्तावेज इस प्रदर्शनी में आकर्षण का केंद्र बना। प्रदर्शनी में विद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों ने हिस्सा लिया।
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1857 से 1947 के बीच किस तरह से हरियाणा क्षेत्र के महानायकों ने अंग्रेजों से संघर्ष करके आजादी की लड़ाई लड़ी। स्वतंत्र भारत को वर्तमान और भविष्य में कैसे सशक्त, समृद्ध एवं सुदृढ बनाए रखा जाए पर विशेष बल दिया।
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क्षेत्रीय अभिलेखागार सहायक निदेशक अनिल कुमार ने कहा कि प्रदर्शनी का उद्देश्य आमजन को हमारी सांस्कृतिक विरासत से रूबरू करवाना है। उन्होंने आजादी की लड़ाई में हरियाणा के स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी में वर्ष 1857 से 1947 तक आजादी की लड़ाई में भाग लेने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन में घटित महत्वपूर्ण घटनाओं एवं उनके छायाचित्रों को प्रदर्शित किया गया है। 1857 की क्रांति में भाग लेने वाले हांसी के वीर शहीद लाला हुकम चंद जैन जिनको उनके घर के सामने फांसी पर लटका दिया गया था। इसके अलावा 19 अगस्त 1857 को हिसार जिले के नागौरी गेट पर अंग्रजों व हिसार व इसके आसपास के गांव के स्वतंत्रता सेनानियों में भयंकर लड़ाई बारे, हिसार जिले के नीलाम हुए गांवों के बारे में, महिलाओं की राष्ट्रीय आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिकाओं को बखूबी दर्शाया गया।
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सहायक निदेशक ने बताया कि हिसार जिले के स्वतंत्रता सेनानियों के फोटोग्राफ्स, जिला फतेहाबाद के स्वतंत्रता सेनानियों के फोटोग्राफ्स व उनके जीवन में घटित महत्वपूर्ण घटनाएं, हिसार के दादा गणेशी लाल की राष्ट्रीय आंदोलन में भूमिका, गांधीवादी नेता बलवंत राय तायल की राष्ट्रीय आंदोलन में भूमिका, महान् देश सेवक और परम गोभक्त लाला हरदेव सहाय की राष्ट्रीय आंदोलन में भूमिका, दुर्लभ फोटोग्राफ्स, 1938 की नेताजी सुभाष चंद्र बोस की हिसार यात्रा व फतेहाबाद जिले व हिसार जिले की जानकारी देते हुए छायाचित्र व दस्तावेज इस प्रदर्शनी में आकर्षण का केंद्र बना। प्रदर्शनी में विद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों ने हिस्सा लिया।