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हड़ताल : बस चली न झाड़ू, पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित
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हिसार राजगढ़ रोड स्थित बिजली कार्यालय में नहीं दिखी कर्मचारियों की उपस्थिति कम नजर आए कर्मचारी।
- फोटो : Hisar
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हिसार। राष्ट्रव्यापी हड़ताल का परिवहन व सफाई व्यवस्था पर व्यापक असर देखने को मिला। बस स्टैंड से रोडवेज की 175 बसें नहीं चलीं तो सभी सफाई कर्मी भी हड़ताल पर रहने से कूड़े का उठान भी नहीं हुआ। इसके अलावा कई इलाकों में पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित रही। वहीं, सरकारी विभाग सहित व बैक कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से लोगों को काफी परेशानियां झेलनी पड़ीं।
राष्ट्रव्यापी हड़ताल को लेकर रोडवेज कर्मचारी व यूनियन के नेता शुक्रवार रात एक बजे बस स्टैंड वर्कशॉप के गेट के बाहर पहुंचना शुरू हो गए। सुबह चंडीगढ़ के लिए पहली बस के निकलने का समय हुआ, तो यूनियन के नेता व कर्मचारी प्रदर्शन करते हुए बस स्टैंड पहुंचे, लेकिन पुलिस ने एसएस कार्यालय के बाहर से ही वापस भेज दिया। कोई भी रोडवेज कर्मचारी बस ले जाने के लिए तैयार नहीं हुआ तो रोडवेज अधिकारियों ने किलोमीटर स्कीम की बसें भेजी। इन बसों में सभी चालक निजी थे। वहीं 2018 में हुई हड़ताल के दौरान काम करने वाले निजी परिचालकों को इन बसों में कंडक्टर बनाया गया। हिसार से बसें निकलने के दौरान वीडियोग्राफी करवाई गई। हड़ताल को देखते हुए बस स्टैंड पर पुलिस बल तैनात रहा।
हिसार से चंडीगढ़ जाने वाली पहली बस अलसुबह 3.50 की बजाय 3.40 बजे भेजी गई। उसके बाद सुबह 4.15 बजे दिल्ली के लिए दूसरी बस रवाना की गई। सभी बसें पुलिस की मौजूदगी में निकाली गई। रोडवेज की ओर से पुलिस लाइन एरिया में भी 10 से ज्यादा बसें खड़ी करवाई गई थी। अलसुबह बस स्टैंड पर रोडवेज महाप्रबंधक राहुल मित्तल, यातायात कार्यकारी प्रबंधक अनिल चौपड़ा, एसएस सुरेंद्र सैनी की देखरेख में सभी बसें निकाली गई। संवाद
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कर्मचारियों ने तीन जगह बदला धरना स्थल
रात को कर्मचारी वर्कशॉप के गेट के बाहर बैठ गए। सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। दिन उगने के बाद कर्मचारी बस स्टैंड के गेट के पास एकत्रित हो गए। एक घंटे बाद धूप के कारण कर्मचारी वहां से उठकर पूछताछ खिड़की के सामने बैठ गए।
दोपहर को बूथ नंबर-5 पर लगाई थी रोडवेज बस, कोई चालक नहीं हुआ तैयार
अलसुबह से दोपहर तक सभी बसें किलोमीटर स्कीम की भेजी गईं। हालांकि किलोमीटर स्कीम की बसें चलने के साथ ही प्राइवेट बसें भी चलनी शुरू हो गई। दोपहर को एक बजे बूथ नंबर-5 पर चंडीगढ़ के लिए रोडवेज की बस लगाई गई, लेकिन इस बस को चलाने के लिए चालक और टिकट काटने के लिए कंडक्टर तैयार नहीं हुआ। काफी देर तक बूथ पर बस खड़ी रही। रोडवेज अधिकारियों के अनुसार हिसार और हांसी सब डिपो में किलोमीटर स्कीम की कुल 34 बसें हैं। इनमें से 25 बसों में सवारियां भेजी गई।
प्राइवेट बसों की चांदी, रोडवेज को 15 लाख का नुकसान
राष्ट्रव्यापी हड़ताल को लेकर रोडवेज बसें नहीं चलने पर हिसार डिपो को एक दिन में 15 लाख का नुकसान हुआ हैं। सुबह से शाम तक प्राइवेट बसों की चांदी रही। उल्लेखनीय है कि हिसार डिपो और हांसी सब डिपो में कुल 225 बसें हैं। इनमें से करीब 175 बसें रोजाना चलती थी। अन्य दिनों के मुकाबले रेलवे स्टेशन पर सोमवार को काफी भीड़ देखने को मिली।
वर्जन
सोमवार को एक भी रोडवेज की बस नहीं चली। इस दौरान एक दिन में रोडवेज को करीब 15 लाख का नुकसान हुआ है। हमारी ओर से सभी बसें किलोमीटर स्कीम की भेजी गई है।
- अनिल चौपड़ा, कार्यकारी यातायात प्रबंधक, हिसार डिपो
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राष्ट्रव्यापी हड़ताल को लेकर रोडवेज कर्मचारी व यूनियन के नेता शुक्रवार रात एक बजे बस स्टैंड वर्कशॉप के गेट के बाहर पहुंचना शुरू हो गए। सुबह चंडीगढ़ के लिए पहली बस के निकलने का समय हुआ, तो यूनियन के नेता व कर्मचारी प्रदर्शन करते हुए बस स्टैंड पहुंचे, लेकिन पुलिस ने एसएस कार्यालय के बाहर से ही वापस भेज दिया। कोई भी रोडवेज कर्मचारी बस ले जाने के लिए तैयार नहीं हुआ तो रोडवेज अधिकारियों ने किलोमीटर स्कीम की बसें भेजी। इन बसों में सभी चालक निजी थे। वहीं 2018 में हुई हड़ताल के दौरान काम करने वाले निजी परिचालकों को इन बसों में कंडक्टर बनाया गया। हिसार से बसें निकलने के दौरान वीडियोग्राफी करवाई गई। हड़ताल को देखते हुए बस स्टैंड पर पुलिस बल तैनात रहा।
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हिसार से चंडीगढ़ जाने वाली पहली बस अलसुबह 3.50 की बजाय 3.40 बजे भेजी गई। उसके बाद सुबह 4.15 बजे दिल्ली के लिए दूसरी बस रवाना की गई। सभी बसें पुलिस की मौजूदगी में निकाली गई। रोडवेज की ओर से पुलिस लाइन एरिया में भी 10 से ज्यादा बसें खड़ी करवाई गई थी। अलसुबह बस स्टैंड पर रोडवेज महाप्रबंधक राहुल मित्तल, यातायात कार्यकारी प्रबंधक अनिल चौपड़ा, एसएस सुरेंद्र सैनी की देखरेख में सभी बसें निकाली गई। संवाद
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कर्मचारियों ने तीन जगह बदला धरना स्थल
रात को कर्मचारी वर्कशॉप के गेट के बाहर बैठ गए। सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। दिन उगने के बाद कर्मचारी बस स्टैंड के गेट के पास एकत्रित हो गए। एक घंटे बाद धूप के कारण कर्मचारी वहां से उठकर पूछताछ खिड़की के सामने बैठ गए।
दोपहर को बूथ नंबर-5 पर लगाई थी रोडवेज बस, कोई चालक नहीं हुआ तैयार
अलसुबह से दोपहर तक सभी बसें किलोमीटर स्कीम की भेजी गईं। हालांकि किलोमीटर स्कीम की बसें चलने के साथ ही प्राइवेट बसें भी चलनी शुरू हो गई। दोपहर को एक बजे बूथ नंबर-5 पर चंडीगढ़ के लिए रोडवेज की बस लगाई गई, लेकिन इस बस को चलाने के लिए चालक और टिकट काटने के लिए कंडक्टर तैयार नहीं हुआ। काफी देर तक बूथ पर बस खड़ी रही। रोडवेज अधिकारियों के अनुसार हिसार और हांसी सब डिपो में किलोमीटर स्कीम की कुल 34 बसें हैं। इनमें से 25 बसों में सवारियां भेजी गई।
प्राइवेट बसों की चांदी, रोडवेज को 15 लाख का नुकसान
राष्ट्रव्यापी हड़ताल को लेकर रोडवेज बसें नहीं चलने पर हिसार डिपो को एक दिन में 15 लाख का नुकसान हुआ हैं। सुबह से शाम तक प्राइवेट बसों की चांदी रही। उल्लेखनीय है कि हिसार डिपो और हांसी सब डिपो में कुल 225 बसें हैं। इनमें से करीब 175 बसें रोजाना चलती थी। अन्य दिनों के मुकाबले रेलवे स्टेशन पर सोमवार को काफी भीड़ देखने को मिली।
वर्जन
सोमवार को एक भी रोडवेज की बस नहीं चली। इस दौरान एक दिन में रोडवेज को करीब 15 लाख का नुकसान हुआ है। हमारी ओर से सभी बसें किलोमीटर स्कीम की भेजी गई है।
- अनिल चौपड़ा, कार्यकारी यातायात प्रबंधक, हिसार डिपो

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