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जिले को लावारिस पशु मुक्त करने के लिए 30 जून का टारगेट
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
Updated Sat, 24 Dec 2016 12:44 AM IST
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लावारिस पशु
- फोटो : bureau
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जिले को लावारिस पशुओं से मुक्त करने के लिए सीएम के अतिरिक्त प्रधान सचिव राकेश गुप्ता ने 30 जून तक का टारगेट दिया है। गो अभयारण्य के लिए अगले जनवरी में ही दस करोड़ रुपये जारी कर दिए जाएंगे। जिला को स्ट्रे कैटल फ्री बनाने के लिए डिस्ट्रिक एनिमल सोसायटी का गठन होगा।
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जनता से चुनाव में किए गए वादे को पूरा करने के लिए अधिकारियों को 30 जून का टारगेट दिया गया है। लावारिस पशुओं के बारे में शुक्रवार को सीएम के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. राकेश गुप्ता ने 11 जिलों के अधिकारियों की बैठक ली।
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सबसे बड़ी चुनौती बने इस मुद्दे पर करीब 3 घंटे मंथन हुआ। उन्होंने कहा कि एक प्लानिंग बनाकर इस पर काम करें। एडीसी विजय कुमार ने हिसार की ओर से जन सहयोग से बनाए गए नंदीशाला का प्रोजेक्ट दिखाया। धांसू रोड पर यह शेड बनाया गया है।
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उन्होंने बताया कि नंदीशाला में करीब 1890 बेसहारा नंदी रखे गए हैं। नंदीशाला लोगों के सहयोग से चलाया जा रहा है। गो अभ्यारण्य के लिए आधारशिला रखी जा चुकी है। जिस पर जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। प्रशासन ने पिछले तीन माह में करीब 600 गायों को गोशालाओं में पहुंचाया है। गोशलाओं में रखी गई गाय को टेग लगाकर नंबर भी जारी किए हैं।
डॉ. राकेश गुप्ता ने कहा कि हर जिले में लावारिस पशुओं की संख्या के आधार पर उन्हें लक्ष्य दिए हैं। सभी 11 जिलों को लावारिस पशु मुक्त होने के लिए यह टारगेट पूरा करना होगा, जिसमें हिसार जिले को 30 जून तक सभी लावारिस पशुओं को सड़कों से हटाकर गौशाला तक पहुंचाना होगा।
गांव में लगेंगे पशु मेले
इस मौके पर फैसला लिया गया कि पशु मेले भी आयोजित किए जाएंगे, जिसमें बेस्ट गाय को लोगों को उपलब्ध कराया जाएगा। जो लोग खरीदना चाहेंगे उन्हें गाय देंगे। जिले के दस-दस गांव को पशु तालाब बनाया जाना प्रस्तावित है।
आर्थिक तौर पर मजबूत करेंगे गौशाला
अधिकारियों ने कहा कि गौशालाओं को आर्थिक तौर पर मजबूत किया जाएगा। इसके लिए गोमूत्र, जैविक खाद प्रबंधन, बायो गैस, बायो गैस संचालित सूक्ष्म बिजली प्लांट, गाय के दूध से बनने वाले उत्पादों की ब्राडिंग पर बल दिया जाएगा। गो उत्पादों के फायदे लोगों को बताए जाएंगे।
जिले में 13 हजार लावारिस पशु
हरियाणा प्रदेश में 408 गोशालाएं पंजीकृत हैं। इसके अलावा 30 गोशालाएं भी गोवंश संरक्षण के लिए कार्य कर रही हैं। इनमें करीब तीन लाख गोवंश को संरक्षण प्रदान किया जा रहा है। हिसार जिले में करीब 13 हजार लावारिस गाय व नंदी सड़कों पर हैं, जिसमें शहर में करीब 4 से 5 हजार लावारिस पशु हैं।
सोसायटी निकालेगी समाधान
एडीसी विजय कुमार ने बताया कि लावारिस पशुओं के लिए जिला स्तर पर एक कमेटी बनेगी। डिस्ट्रिक एनिमल सोसायटी में उपायुक्त अध्यक्ष होंगे। पशुपालन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर, नगर निगम के कार्यकारी अधिकारी, सचिव, सहित अन्य अधिकारी होंगे। इसमें एनजीओ, समाजसेवी लोगों को भी शामिल किया जाएगा। सोसायटी समय समय पर मीटिंग पर लावारिस पशुओं के बारे में मंथन करेगी।
हिसार का मॉडल प्रदेश अपनाए
हिसार की ओर से जन सहयोग से चलाए गए नंदीशाला को प्रदेश भर में मॉडल के तौर पर अपनाने का निर्देश दिया गया। डॉ. राकेश गुप्ता ने कहा कि जन सहयोग से इस अभियान को चलाएं। जन भागीदारी होने से इस काम में अधिक राहत मिलेगी।
दस करोड़ का इंतजार
एडीसी विजय कुमार ने गो अभयारण्य के लिए दस करोड़ की मंजूर रकम नहीं मिल पाने की जानकारी दी। जिस पर डॉ. राकेश गुप्ता ने कहा कि जल्द ही यह बजट हिसार को भेज दिया जाएगा। गो अभयारण्य में पशुओं के लिए हरियाणा गो सेवा आयोग की ओर से चारा उपलब्ध कराया जाएगा।