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Hisar News: स्मार्ट आंख...रेलवे स्टेशन पर ही पकड़े जाएंगे अपराधी, रेलवे स्टेशन पर 20 एआई कैमरों से बढ़ेगी सुरक्षा, फिलहाल 44 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं
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अशोक ढिकाव
हिसार। रेलवे जंक्शन पर कुख्यात अपराधी पुलिस या जीआरपी को चकमा देकर निकल न सकें इसके लिए फुलप्रूफ सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। अपराधियों की पहचान करने के लिए एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) तकनीक से लैस 20 फेस डिटेक्शन कैमरे लगाए जाएंगे। इनके माध्यम से जीआरपी और जिले के पुलिस थानों के रिकॉर्ड में दर्ज अपराधियों की पहचान हो सकेगी।
रेलवे के बीकानेर मंडल में पहले चरण में ये कैमरे हिसार रेलवे जंक्शन पर लगाए जाएंगे। इसके बाद बीकानेर और दिल्ली मंडल के अन्य प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर लगाए जाएंगे ताकि ट्रेनों में यात्रियों के साथ आपराधिक घटनाओं पर नियंत्रण पाया जा सके। इसके साथ ही अन्य जिलों व राज्यों के अपराधी भी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों साथ कोई वारदात अंजाम देते हैं तो वे भी पकड़े जा सकेंगे। हिसार रेलवे स्टेशन पर अभी 44 सीसीटीवी कैमरे काम कर रहे हैं। नए 20 फेस डिटेक्शन कैमरे लगने के बाद इनकी संख्या 64 हो जाएगी। इससे सभी प्लेटफार्म के चप्पे-चप्पे पर निगरानी की जा सकेगी। इन कैमरों को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) द्वारा नियंत्रित किया जाएगा और निगरानी के लिए अलग से 24 घंटे ऑपरेटर तैनात किया जाएगा। संवाद
पहचान होते ही तुरंत पकड़ा जाएगा अपराधी
रेलवे स्टेशनों पर चोरी, लूट, ठगी और नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले अपराधी गिरोह सक्रिय रहते हैं। कैमरों से इन अपराधों पर नजर रहेगी और अपराधियों को आसानी से ट्रैक भी किया जा सकेगा। कैमरों द्वारा पहचान होती ही अपराधी तुरंत पकड़ा जाएगा।
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प्रदेश के हर स्टेशन पर लगेंगे कैमरे
प्रदेश के जंक्शन स्तर के हर रेलवे स्टेशन पर एआई तकनीक वाले कैमरे लगाए जाएंगे। एक कैमरे की कीमत 15 से 20 हजार बताई गई है। हर स्टेशन पर प्लेटफार्म की संख्या के हिसाब से इन्हें लगाया जाएगा।
कैमरों में कुख्यात अपराधियों की फोटो होगी अपलोड
आरपीएफ के रिकाॅर्ड में जो भी कुख्यात अपराधी है उनका रिकाॅर्ड खंगाल कर उनकी तस्वीरें इन कैमरों में अपलोड की जाएंगी। इसके बाद पुलिस से तालमेल कर उनके रिकाॅर्ड में जो भी अपराधी हैं, उनकी तस्वीरें भी इन कैमरों में अपलोड की जाएंगी।
एआई तकनीक से काम करेंगे कैमरे
रेलवे स्टेशन पर लगने वाले कैमरे एआई तकनीक से लैस होंगे। ये लाइव डिटेक्शन तकनीक पर काम करेंगे जो चिह्नित किए गए चेहरों को पहचाने में सक्षम होंगे। इन कैमरों में अपराधी की फोटो पहले से ही अपलोड की जाएगी। जैसे ही कोई अपराधी कैमरों के सामने से गुजरेगा तो तुरंत पहचान कर कंट्रोल रूम को अलर्ट करेंगे। कैमरों को आई-टूबी सॉफ्टवेयर से लैस किया गया है जो चेहरों की पहचान में सक्षम हैं।--
रेलवे स्टेशन पर पहले से 44 सामान्य कैमरे लगे हैं। अपराधियों को ट्रेस करने के लिए जल्द ही 20 एआई तकनीक से लैस कैमरे लगाए जाएंगे। इन्हें आरपीएफ द्वारा कंट्रोल किया जाएगा। - सुनील कुमार, एसएचओ, आरपीएफ हिसार
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हिसार। रेलवे जंक्शन पर कुख्यात अपराधी पुलिस या जीआरपी को चकमा देकर निकल न सकें इसके लिए फुलप्रूफ सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। अपराधियों की पहचान करने के लिए एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) तकनीक से लैस 20 फेस डिटेक्शन कैमरे लगाए जाएंगे। इनके माध्यम से जीआरपी और जिले के पुलिस थानों के रिकॉर्ड में दर्ज अपराधियों की पहचान हो सकेगी।
रेलवे के बीकानेर मंडल में पहले चरण में ये कैमरे हिसार रेलवे जंक्शन पर लगाए जाएंगे। इसके बाद बीकानेर और दिल्ली मंडल के अन्य प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर लगाए जाएंगे ताकि ट्रेनों में यात्रियों के साथ आपराधिक घटनाओं पर नियंत्रण पाया जा सके। इसके साथ ही अन्य जिलों व राज्यों के अपराधी भी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों साथ कोई वारदात अंजाम देते हैं तो वे भी पकड़े जा सकेंगे। हिसार रेलवे स्टेशन पर अभी 44 सीसीटीवी कैमरे काम कर रहे हैं। नए 20 फेस डिटेक्शन कैमरे लगने के बाद इनकी संख्या 64 हो जाएगी। इससे सभी प्लेटफार्म के चप्पे-चप्पे पर निगरानी की जा सकेगी। इन कैमरों को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) द्वारा नियंत्रित किया जाएगा और निगरानी के लिए अलग से 24 घंटे ऑपरेटर तैनात किया जाएगा। संवाद
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पहचान होते ही तुरंत पकड़ा जाएगा अपराधी
रेलवे स्टेशनों पर चोरी, लूट, ठगी और नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले अपराधी गिरोह सक्रिय रहते हैं। कैमरों से इन अपराधों पर नजर रहेगी और अपराधियों को आसानी से ट्रैक भी किया जा सकेगा। कैमरों द्वारा पहचान होती ही अपराधी तुरंत पकड़ा जाएगा।
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प्रदेश के हर स्टेशन पर लगेंगे कैमरे
प्रदेश के जंक्शन स्तर के हर रेलवे स्टेशन पर एआई तकनीक वाले कैमरे लगाए जाएंगे। एक कैमरे की कीमत 15 से 20 हजार बताई गई है। हर स्टेशन पर प्लेटफार्म की संख्या के हिसाब से इन्हें लगाया जाएगा।
कैमरों में कुख्यात अपराधियों की फोटो होगी अपलोड
आरपीएफ के रिकाॅर्ड में जो भी कुख्यात अपराधी है उनका रिकाॅर्ड खंगाल कर उनकी तस्वीरें इन कैमरों में अपलोड की जाएंगी। इसके बाद पुलिस से तालमेल कर उनके रिकाॅर्ड में जो भी अपराधी हैं, उनकी तस्वीरें भी इन कैमरों में अपलोड की जाएंगी।
एआई तकनीक से काम करेंगे कैमरे
रेलवे स्टेशन पर लगने वाले कैमरे एआई तकनीक से लैस होंगे। ये लाइव डिटेक्शन तकनीक पर काम करेंगे जो चिह्नित किए गए चेहरों को पहचाने में सक्षम होंगे। इन कैमरों में अपराधी की फोटो पहले से ही अपलोड की जाएगी। जैसे ही कोई अपराधी कैमरों के सामने से गुजरेगा तो तुरंत पहचान कर कंट्रोल रूम को अलर्ट करेंगे। कैमरों को आई-टूबी सॉफ्टवेयर से लैस किया गया है जो चेहरों की पहचान में सक्षम हैं।
रेलवे स्टेशन पर पहले से 44 सामान्य कैमरे लगे हैं। अपराधियों को ट्रेस करने के लिए जल्द ही 20 एआई तकनीक से लैस कैमरे लगाए जाएंगे। इन्हें आरपीएफ द्वारा कंट्रोल किया जाएगा। - सुनील कुमार, एसएचओ, आरपीएफ हिसार