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पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में साढ़े छह लाख केस लंबित पड़े : चौपड़ा
Sat, 10 Feb 2024 10:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sat, 10 Feb 2024 10:30 PM IST
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हिसार। जिला बार एसोसिएशन के सभागार में शनिवार दोपहर को हरियाणा बनाओ अभियान के बैनर तले प्रदेश की अलग राजधानी और अलग हाईकोर्ट बनाने के मुद्दे को लेकर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पूर्व उप सचिव महिंद्र सिंह चौपड़ा, बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा के पूर्व चेयरमैन एडवोकेट रणधीर सिंह बधरान, एचएयू के पूर्व कुलपति डॉ. केएस खोखर, मेजर जनरल श्रीकांत शर्मा और सेवानिवृत्त न्यायवादी एडवोकेट सुरेंद्र बैरागी मुख्य अतिथि रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता बार एसोसिएशन के उप प्रधान एडवोकेट विनोद कसवां ने की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हरियाणा बनाओ अभियान के प्रतिनिधियों ने कहा की 57 साल बाद भी हरियाणा को उसकी अलग राजधानी और अलग हाईकोर्ट का हक नसीब नहीं हुआ है। हरियाणा में दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यता भी मिली है। उन्होंने कहा की हरियाणा के बाद देश में कई नए राज्य बने हैं जिनकी अलग से राजधानी और हाईकोर्ट हैं, लेकिन हरियाणा प्रदेश को पंजाब से 1966 में अलग होने के बाद से अब तक संपूर्ण स्वायत राज्य का दर्जा नहीं मिल पाया है। पूरे देश में केवल हरियाणा ही एकमात्र ऐसा राज्य है जिसकी खुद की राजधानी और हाईकोर्ट नहीं है। महिंद्र सिंह चोपड़ा और एडवोकेट रणधीर सिंह बधरान ने कहा की वर्तमान में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में साढ़े छह लाख और वहीं जिला अदालतों में करीब चौदह लाख केस लंबित पड़े है। यदि हरियाणा का अलग हाईकोर्ट बनता है तो प्रदेश के लोगों को त्वरित और सुलभ न्याय मिल सकेगा। जल्द ही इस मुद्दे पर सांसदों और विधायकों से भी मुलाकात करेंगे।
हिसार बने प्रदेश की नई राजधानी और हाईकोर्ट
एसोसिएशन के सचिव एडवोकेट गौरव बेनीवाल, एडवोकेट योगेश सिहाग, एडवोकेट अनिल जलंधरा, एडवोकेट बजरंग इन्दल व अन्य वकीलों ने भी मांग उठाते हुए कहा की हिसार में हरियाणा की नई राजधानी और हाईकोर्ट बननी चाहिए। हिसार जिला में पर्याप्त मात्रा में जमीन और सुविधाएं उपलब्ध है। इस अवसर पर सह सचिव एडवोकेट प्रवीन नैन, कोषाध्यक्ष एडवोकेट दिक्षेष जाखड़, बिमला चौधरी, रविकांत सैन,पूजा गिरी, विकास गोयल, तिलकराज सूबेदार आदि मौजूद थे।
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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हरियाणा बनाओ अभियान के प्रतिनिधियों ने कहा की 57 साल बाद भी हरियाणा को उसकी अलग राजधानी और अलग हाईकोर्ट का हक नसीब नहीं हुआ है। हरियाणा में दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यता भी मिली है। उन्होंने कहा की हरियाणा के बाद देश में कई नए राज्य बने हैं जिनकी अलग से राजधानी और हाईकोर्ट हैं, लेकिन हरियाणा प्रदेश को पंजाब से 1966 में अलग होने के बाद से अब तक संपूर्ण स्वायत राज्य का दर्जा नहीं मिल पाया है। पूरे देश में केवल हरियाणा ही एकमात्र ऐसा राज्य है जिसकी खुद की राजधानी और हाईकोर्ट नहीं है। महिंद्र सिंह चोपड़ा और एडवोकेट रणधीर सिंह बधरान ने कहा की वर्तमान में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में साढ़े छह लाख और वहीं जिला अदालतों में करीब चौदह लाख केस लंबित पड़े है। यदि हरियाणा का अलग हाईकोर्ट बनता है तो प्रदेश के लोगों को त्वरित और सुलभ न्याय मिल सकेगा। जल्द ही इस मुद्दे पर सांसदों और विधायकों से भी मुलाकात करेंगे।
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हिसार बने प्रदेश की नई राजधानी और हाईकोर्ट
एसोसिएशन के सचिव एडवोकेट गौरव बेनीवाल, एडवोकेट योगेश सिहाग, एडवोकेट अनिल जलंधरा, एडवोकेट बजरंग इन्दल व अन्य वकीलों ने भी मांग उठाते हुए कहा की हिसार में हरियाणा की नई राजधानी और हाईकोर्ट बननी चाहिए। हिसार जिला में पर्याप्त मात्रा में जमीन और सुविधाएं उपलब्ध है। इस अवसर पर सह सचिव एडवोकेट प्रवीन नैन, कोषाध्यक्ष एडवोकेट दिक्षेष जाखड़, बिमला चौधरी, रविकांत सैन,पूजा गिरी, विकास गोयल, तिलकराज सूबेदार आदि मौजूद थे।
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