Hisar: जेलों में भाइयों की कलाई पर बहनों ने बांधी राखी, प्रशासन ने शेड, ठंडे पानी और मिठाइयों के प्रबंध किए
हिसार जेल अधीक्षक दीपक शर्मा ने बताया कि रक्षाबंधन पर बहनों को ड्योढी तक आने की अनुमति दी गई थी। त्योहार के दिन बंदियों को रात के समय खाने में खीर दी जाएगी। सेंट्रल जेल 1 में करीब 2200 से अधिक कैदी हैं। केंद्रीय कारागार दो में भी बहनों के लिए विशेष प्रबंध किए गए है।
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हिसार के केंद्रीय कारागार एक और दो में रक्षाबंधन के पर्व पर बहनें अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए पहुंची। सुबह 9 बजे से ही पहले ही काफी संख्या में बहनें जेल के बाहर पहुंच गई थी। जेल प्रबंधन की ओर से राखी और मिठाइयाें का प्रबंध किया गया। बहनों के बैठने के लिए तीन शेड लगाए गए। पीने के लिए ठंडे पानी की व्यवस्था की गई है। बच्चों के लिए भी प्रबंध किए है।
जेल अधिकारी के अनुसार
जेल अधीक्षक दीपक शर्मा ने बताया कि रक्षाबंधन पर बहनों को ड्योढी तक आने की अनुमति दी गई थी। त्योहार के दिन बंदियों को रात के समय खाने में खीर दी जाएगी। सेंट्रल जेल 1 में करीब 2200 से अधिक कैदी हैं। केंद्रीय कारागार दो में भी बहनों के लिए विशेष प्रबंध किए गए है। जेब प्रबंधन का कहना है कि राखी बांधने आने वाली महिलाओं को किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होगी। इस कारागार में सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल महाराज भी बंद हैं। इसी जेल में महिला कैदी भी हैं।
कारागार में बहनों ने भाइयों की कलाई पर बांधा रक्षा सूत्र
सोनीपत जिला कारागार में भी सुबह से ही भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए बहनों की कतार लगी है। इस बार कारागार प्रशासन ने रक्षाबंधन को लेकर अलग से तैयारी की है। जेल अधीक्षक राजेंद्र सिंह ने बताया कि कारागार महानिदेशक मोहम्मद अकील के निर्देश के बाद इस बार कारागार के अंदर ही राखी, तिलक, मिठाई का प्रबंध जेल प्रशासन ने ही किया था। बाहर से कोई सामान नहीं मंगवाया गया। बहनों ने जिला कारागार में अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उन्हें मिठाई खिलाई। इस दौरान विशेष व्यवस्था की गई थी।