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स्टॉक करने की वजह से कम पड़ रहे सिलिंडर
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ऑक्सीजन प्लांट के बाहर अपनी बारी के इंतजार में खड़ीं गाड़ियां।
- फोटो : Hisar
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सुरेंद्र दलाल
हिसार। जिले ऑक्सीजन नहीं, अब सिलिंडर की कमी आपूर्ति में बाधा बनने लगी है। कुछ लोग ऑक्सीजन सिलिंडर को लेकर स्टॉक कर रहे हैं। एक आदमी को एक सिलिंडर की जरूरत होने पर दो से तीन सिलिंडर को स्टॉक कर रहे हैं। ऐसे में सिलिंडर की कमी होती जा रही है।
ऑक्सीजन प्लांट से रोजाना 30 हजार सिलिंडर भेजने पर करीब 27 से 28 हजार सिलिंडर ही लौट रहे हैं। सिलिंडर ब्लॉक होने के कारण प्लांट ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं कर पा रहे। काफी संख्या में लोग एक-एक सिलिंडर लेकर ऑक्सीजन प्लांट पहुंच रहे हैं।
लिक्विट मेडिकल ऑक्सीजन के लिए हिसार जिले के तीनों प्लांटों से रोजाना 30 हजार सिलिंडर भरे जा रहे हैं। तीनों प्लांट से अलग अलग अस्पतालों को अटैच किया गया है। निजी अस्पतालों को सेक्टर 27-28 स्थित गुप्ता ऑक्सीजन प्लांट से आपूर्ति मिल रही है। यहां प्लांट के बाहर हर समय वाहनों की कतार लगी रहती है। एक वाहन की बारी आने में करीब दो घंटे का समय लगता है।
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शहर के अस्पतालों के पास तय संख्या में ही सिलिंडर की क्षमता है। जिस कारण अस्पताल संचालकों को दिन में तीन से चार बार वाहनों को यहां ऑक्सीजन लेने के लिए भेजना पड़ता है।
क्या कहते हैं सिलिंडर भरवाने वाले
- डाबड़ा चौक के स्थित निजी अस्पताल के संचालक ने बताया कि उनके यहां कोविड के 60 मरीज भर्ती हैं। जिनके लिए हमारे पास 20 सिलिंडर हैं। एक सिलिंडर 20 मिनट ही चल पाता है। हम एक साथ दस सिलिंडर भरा कर ले जा रहे हैं। सिलिंडर की काफी किल्लत महसूस हो रही है।
- हांसी से आए गौतम ने बताया कि उनके पिता को ऑक्सीजन की जरूरत है। अस्पताल में बेड नहीं मिला तो घर पर ही ऑक्सीजन सहायता दे रहे हैं। किसी तरह से एक सिलिंडर 15 हजार रुपये जमा कराकर सिफारिश से लिया है। यहां से 300 रुपये में भरवाया है। सिलिंडर को लेकर काफी भागदौड़ करनी पड़ी।
- निजी अस्पताल के लिए ऑक्सीजन लेने के लिए आए गाड़ी चालक महेंद्र ने बताया कि उनके अस्पताल की गाड़ी रोजाना 4 बार यहां आती है। हम अतिरिक्त भुुगतान कर सिलिंडर लेने को तैयार हैं। कहीं पर भी सिलिंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।
25 रुपये क्यूबिक के हिसाब से ऑक्सीजन.
एमएलओ ।मेडिकल लिक्विड ऑक्सीजनद्घ प्रदेश सरकार की ओर से तय 25.67 रुपये प्रति क्यूबिक मीटर के हिसाब से दी जा रही है। एक सिलिंडर में करीब 14 क्यूबिक ऑक्सीजन आती है। प्लांट संचालक सुरक्षा कारणों के चलते सिलिंडर में 13 क्यूबिक ऑक्सीजन ही डाल रहे हैं।
शिकायत मिलने पर करेंगे कार्रवाई
सिलिंडर के ब्लॉक होने की शिकायत मिली तो हम कार्रवाई करेंगे। फिलहाल आपूर्ति को बहाल कराने पर पूरा फोकस है। रात दिन ऑक्सीजन प्लांट, दवा विक्रेताओं से संपर्क में हैं। जान बचाना ही सभी का पहला मकसद है। कोई भी व्यक्ति स्टॉक न करे।
रमन श्योराण, सीनियर ड्रग कंट्रोलर, हिसार।
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हिसार। जिले ऑक्सीजन नहीं, अब सिलिंडर की कमी आपूर्ति में बाधा बनने लगी है। कुछ लोग ऑक्सीजन सिलिंडर को लेकर स्टॉक कर रहे हैं। एक आदमी को एक सिलिंडर की जरूरत होने पर दो से तीन सिलिंडर को स्टॉक कर रहे हैं। ऐसे में सिलिंडर की कमी होती जा रही है।
ऑक्सीजन प्लांट से रोजाना 30 हजार सिलिंडर भेजने पर करीब 27 से 28 हजार सिलिंडर ही लौट रहे हैं। सिलिंडर ब्लॉक होने के कारण प्लांट ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं कर पा रहे। काफी संख्या में लोग एक-एक सिलिंडर लेकर ऑक्सीजन प्लांट पहुंच रहे हैं।
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लिक्विट मेडिकल ऑक्सीजन के लिए हिसार जिले के तीनों प्लांटों से रोजाना 30 हजार सिलिंडर भरे जा रहे हैं। तीनों प्लांट से अलग अलग अस्पतालों को अटैच किया गया है। निजी अस्पतालों को सेक्टर 27-28 स्थित गुप्ता ऑक्सीजन प्लांट से आपूर्ति मिल रही है। यहां प्लांट के बाहर हर समय वाहनों की कतार लगी रहती है। एक वाहन की बारी आने में करीब दो घंटे का समय लगता है।
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शहर के अस्पतालों के पास तय संख्या में ही सिलिंडर की क्षमता है। जिस कारण अस्पताल संचालकों को दिन में तीन से चार बार वाहनों को यहां ऑक्सीजन लेने के लिए भेजना पड़ता है।
क्या कहते हैं सिलिंडर भरवाने वाले
- डाबड़ा चौक के स्थित निजी अस्पताल के संचालक ने बताया कि उनके यहां कोविड के 60 मरीज भर्ती हैं। जिनके लिए हमारे पास 20 सिलिंडर हैं। एक सिलिंडर 20 मिनट ही चल पाता है। हम एक साथ दस सिलिंडर भरा कर ले जा रहे हैं। सिलिंडर की काफी किल्लत महसूस हो रही है।
- हांसी से आए गौतम ने बताया कि उनके पिता को ऑक्सीजन की जरूरत है। अस्पताल में बेड नहीं मिला तो घर पर ही ऑक्सीजन सहायता दे रहे हैं। किसी तरह से एक सिलिंडर 15 हजार रुपये जमा कराकर सिफारिश से लिया है। यहां से 300 रुपये में भरवाया है। सिलिंडर को लेकर काफी भागदौड़ करनी पड़ी।
- निजी अस्पताल के लिए ऑक्सीजन लेने के लिए आए गाड़ी चालक महेंद्र ने बताया कि उनके अस्पताल की गाड़ी रोजाना 4 बार यहां आती है। हम अतिरिक्त भुुगतान कर सिलिंडर लेने को तैयार हैं। कहीं पर भी सिलिंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।
25 रुपये क्यूबिक के हिसाब से ऑक्सीजन.
एमएलओ ।मेडिकल लिक्विड ऑक्सीजनद्घ प्रदेश सरकार की ओर से तय 25.67 रुपये प्रति क्यूबिक मीटर के हिसाब से दी जा रही है। एक सिलिंडर में करीब 14 क्यूबिक ऑक्सीजन आती है। प्लांट संचालक सुरक्षा कारणों के चलते सिलिंडर में 13 क्यूबिक ऑक्सीजन ही डाल रहे हैं।
शिकायत मिलने पर करेंगे कार्रवाई
सिलिंडर के ब्लॉक होने की शिकायत मिली तो हम कार्रवाई करेंगे। फिलहाल आपूर्ति को बहाल कराने पर पूरा फोकस है। रात दिन ऑक्सीजन प्लांट, दवा विक्रेताओं से संपर्क में हैं। जान बचाना ही सभी का पहला मकसद है। कोई भी व्यक्ति स्टॉक न करे।
रमन श्योराण, सीनियर ड्रग कंट्रोलर, हिसार।